योगनगरी के लोग योग को दिनचर्या में करें शामिल : रामचरित्र

मुंगेर।अंतर्राष्ट्रीययोगदिवसऐसेसमयमेंमनायाजानाहैजबपूरीदुनियाकोविड-19कीचपेटमेंहै।हालांकियोगाभ्यासस्वास्थ्यबेहतरकरनेऔरतनावकोकमकरनेवालेप्रभावलोगोंकेलिएविशेषरूपसेप्रासंगिकहैं।उक्तबातेंसेवानिवृत्तप्राचार्यरामचरित्रप्रसादसिंहनेकही।उन्होंनेकहाकियोगसिर्फदिवसकेदिननहींकरनेकानहीं,बल्किजीवनशैलीकेरूपमेंअंगीकारकरनेकाहै।उन्होंनेकहाकिशारीरिकस्वास्थ्यऔरमानसिकस्वास्थ्यकेक्षेत्रमेंयोगकीप्रभावशालीभूमिकाविज्ञानकीकसौटीपरसिद्धकियाजाचुकाहै।कोविड—19केसंदर्भमेंचिकित्सकोंनेप्रतिरोधकशक्तिमजबूतकरनेकीबातकहीहै।आसन,प्राणायाम,योगनिद्राऔरमंत्रअभ्यासनकेवलश्वसनतंत्रकोमजबूतबनाताहै,बल्किपूरेशरीरमेंरोगप्रतिरोधकक्षमताकाविकासकरताहै।

उन्होंनेकहाकिमुंगेरमेंबिहारयोगविद्यालयकी1963मेंबिहारयोगविद्यालयकेसंस्थापकपरमहंसस्वामीसत्यानंदसरस्वतीऔरउनकेउत्तराधिकारीपरमहंसस्वामीनिरंजनानंदसरस्वतीनेस्थापितकिया।मुंगेरकोयोगनगरीकेनामसेजानाजाताहै।57वर्षोंकेदौरानबिहारयोगविद्यालयमुंगेरनेअंतर्राष्ट्रीयस्तरपरगुणवत्तापूर्णयोगशिक्षाकेक्षेत्रमेंपहचानकायमकीहै।इसेप्रधानमंत्रीयोगपुरस्कारसेपुरस्कृतभीकियाजाचुकाहै।उन्होंनेकहाकियोगभ्यासप्रत्येकमनुष्यकेअस्तिवसेसंबधरखताहै।योगाभ्यासहमारेसंपूर्णअस्तित्व,हमारेशारीरिक,मानसिक,भावनात्मकआत्मिकगुह्यशक्तियोंसेसम्बधितहै।शोधकेआधारपरवैज्ञानिकइसनतीजेपरपहुंचेहैंकिप्राणायामद्वारानसिर्फशरीरकोप्राणवायुसेभरलेतेहैंबल्किशारीरिकक्रियाकलापमेंतीब्रताआजातीहै।उन्होंनेमुंगेरवासियोंसेअपीलकियाकियोगदिवसपरअपनेअपनेघरोंमेंनित्यकर्मोंसेनिवृत्तहोकरआसनऔरप्राणायामअवश्यकरेंसाथइसेप्रत्येकदिनअपनेदिनचर्यामेंशामिलकरेंताकिकरोनाकेसंक्रमणसेबचाजासके।