योग के सहारे संक्रमण से बाहर निकले विष्णु

जेएनएन,मुजफ्फरनगर।कोरोनासंक्रमणलोगोकेबीचघूमरहाहै।हरकिसीकोडरहैकियहसंक्रमणउनकेशरीरमेंप्रवेशनकरले,लेकिनडरकेआगेजीतहै।यहभीसाबितहोरहाहै।जिनलोगोंकोकोरोनासंक्रमणहोरहाहैवहजल्दीस्वस्थहोकरअपनीपुरानीदिनचर्यामेंभीलौटरहेहैं।

कोरोनाकोमातदेकरफिरसेस्वस्थशरीरकेसाथकामकररहेलोगअपनेअनुभवोंसेलोगोंमेंहौसलाभीबढ़ारहेहैं,ताकिदेशमेंकोरोनासेहिम्मतकेसाथलड़ाजासके।एलआइसीकेमुख्यशाखाप्रबंधकविष्णुअग्रवालनेभीअपनीनियमितदिनचर्चासेकोरोनाकोमातदेकरकोरोनाविजेताबनकरदिखायाहै।

शहरकेअंसारीरोडस्थितएलआइसीकार्यालयमेंतैनातमुख्यशाखाप्रबंधकविष्णुअग्रवालकोरोनाकेदौरानअपनेकामकाजमेंलगेहुएथे।इसीदौरानकोरोनाकीपहलीलहरनेउन्हेंअपनीचपेटमेंलेलियाथा।कोरोनाजांचकरानेकेबादजबउन्हेंपताचलाकिवहसंक्रमितहोगएहैंतोसबसेपहलेउन्होंनेजिम्मेदारीनिभातेहुएस्वयंकोपरिवारऔरकार्यालयकर्मचारियोंसेदूरकरलिया।अपनेसरकारीक्वार्टरमेंखुदकोआइसोलेटकिया।

उन्होंनेमेरठस्थितअपनेघरपरफोनकरमुजफ्फरनगरआनेसेमनाकरदिया।इसकेबादवह14दिनतकअकेलेहीअपनेक्वार्टरमेंआइसोलेटरहे।विष्णुअग्रवालनेअपनाअनुभवसाझाकरतेहुएबतायाकिकोरोनासंक्रमितहोनेपरबिलकुलभीघबरानेकीजरूरतनहींहै।कोविडप्रोटोकालकापालनकरतेहुएआगेबढ़तेरहें।उन्होंनेबतायाकिकोरोनासंक्रमणकेदौरानउन्होंनेप्रतिदिनयोगासनकिए।अनुलोम-विलोमऔरकपालभातिप्राथमिकतापररखा,जिससेशरीरमेंमजबूतीबनीरही।वहीं,सुबहकीधूपली।इसकेसाथहीचिकित्सककीसलाहपरडाइटली।प्रोटीनकेलिएबादामऔरहरीसब्जीकासेवनकिया।विटामीनसीऔरडीकीटैबलेटचिकित्सककीसलाहपरसमयपरली।योगासनकारोलमानसिकरूपसेमजबूतहोनेमेंसबसेअधिकरहा,जिससे10हीदिनमेंखुदकोएकदमफिटबनालियाथा।इसीप्रकारलोगोंकोहौसलारखनाहै,जिससेवहबहुतजल्दीसेकोरोनाकोमातदेकरबाहरनिकलसकेंगे।