विश्वस की बुनियाद पर टिका है मानवी रिश्ता : पं. नीलकंठ

संवादसहयोगी,नूरपुरबेदी:विश्वासवहमहानशक्तिऔरआत्मबलहैजिसकेद्वाराभक्तसागरपरचलसकताहै।अज्ञानीदुनियासेटक्करलेसकताहैऔरअनहोनीकोहोनीमेंबदलसकताहै।विश्वासहीइंसानहैऔरविश्वासहीभगवानहै।यदिमां-बापपरविश्वासहैकिवहीबच्चेकेजन्मदाताऔरपालनहारहैंतोमां-बापकारिश्ताहै,वरनावेबेगानेहीदिखाईदेतेहैं।

भावयहकिहरमानवीयरिश्ताविश्वासकीबुनियादपरटिकाहै।उक्तप्रवचनआजनूरपुरबेदीकेकुमारअस्पतालकेडायरेक्टरडा.राकेशढंडऔरडा.अनुपमढंडद्वाराआयोजितसाप्ताहिककथादौरानपंड़ितनीलकंठजीमहाराजहिमाचलप्रदेशवालोंनेसंगतकेरूबरूहोतेहुएव्यक्तकिए।उन्होंनेकहाकिजैसेपति-पत्नीकाएक-दूसरेपरविश्वास,गृहस्थीकेपवित्रमहलकीबुनियादबनताहैऔरअविश्वासइसमहलकीएक-एकईंटकोबिखेरकररखदेताहै।परिणामस्वरूपजोघरसुखोंकीखानतथाआरामकास्थानहोनाचाहिएवोनरककाजीता-जागतारूपधारणकरलेताहै।उन्होंनेकहाकिविश्वासद्वाराहीयहसमझागयाहैकिइससंसारकीरचनापरमेश्वरकेवचनकेद्वाराहुईहै।इसतरहसबजोदिखाईदेताहैवोअदृश्यशक्तिसेहीजन्माहै।भावयहकिविश्वासआशाकोपक्काकरताहैऔरहमेंउनसच्चाइयोंकाप्रमाणदेताहै,जिन्हेंहमदेखनहींसकतेकेवलसमझसकतेहैं।उन्होंनेकहाकिसंसारमेंजबप्रत्येकवस्तुकाकोईनकोईमालिकहोताहैतोफिरमनुष्यकाकोईमालिकनहोऐसाकैसेहोसकताहै।जोप्रभुपरमात्मासबकेमालिकहैवहीहमारेभीमालिकहैजिसकीकृपादृष्टिसबपरहरवक्तहोरहीहै।इसलिएजीवप्रभुनामकासिमरनकरतेहुएअपनेमानवजीवनकोसार्थकबनाए।अंतमेंसंगतकोउपदेशदेतेहुएउन्होंनेकहाकिविश्वासअकलसेकईगुणाबड़ाहै।अकलमेंअभिमानहै,विश्वासमेंनम्रताहै,इसलिएहमेंविश्वाससेजीनेवालेबननाहै।इसअवसरपरउन्होंनेकुछभजनगाकरभीसंगतकोनिहालकिया।

इसमौकेडा.राकेशढंड,डा.अनुपमढंड,अश्विनीकुमार,राजकुमार,लीलावती,डा.मनजीतसिंह,डा.मुकेशचौधरी,डा.राकेशराणा,कौशल्यादेवी,शिल्पासैणीतथाकाफीसंख्यामेंसंगतउपस्थितथी।