विपक्ष ने सार्वजनिक उपक्रमों को बेचने का आरोप लगाया, भाजपा बोली: भारत सबसे तेजी से बढ़ता देश बना

नयीदिल्ली,23मार्च(भाषा)विपक्षीदलोंकेसदस्योंनेमध्यमएवंछोटेउद्योगोंकीमददसेजुड़ीसरकारकीनीतिपरसवालखड़ेकरतेहुएबुधवारकोलोकसभामेंआरोपलगायाकिसरकारकोसार्वजनिकउपक्रमोंकोबेचनेमेंहिचकनहींहै।दूसरीतरफ,सत्तारूढ़भारतीयजनतापार्टी(भाजपा)नेकहाकिप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीकेनेतृत्वमेंभारतदुनियाकेसबसेतेजीसेविकासकरतेदेशोंमेंशामिलहोगयाहै।लोकसभामें‘वर्ष2022-23केलिएवाणिज्यऔरउद्योगमंत्रालयकेनियंत्रणाधीनअनुदानोंकीमांगोंपरचर्चा’कीशुरुआतकरतेहुएकांग्रेसकेएंटोएंटनीनेकहाकिसरकारनिर्यातकेलिएबड़ेलक्ष्यनिर्धारितकरतीहै,लेकिनउसकोपूराकरनेकेलिएजरूरीकारगरकदमनहींउठाएजारहेहैं।उन्होंनेआरोपलगायाकिचाय,कॉफी,मसालेकीपैदावारकरनेवालेकिसानोंपरसरकारध्याननहींदेरहीहै।एंटनीकेअनुसार,रबरअधिनियमकेस्थानपरदूसराअधिनियमलानेकेपीछेरबरबोर्डकोकमजोरकरनेकीमंशालगतीहै।उन्होंनेकहा,‘‘चाय,कॉफीऔरमसालोंकीखेतीकरनेवालेकिसानमुश्किलकासामनाकररहेहैं।उत्पादनकीलागतबढ़गईहै,लेकिनफसलकीपूरीकीमतनहींमिलपारहीहै।’’उन्होंनेयहभीकहा,‘‘प्राकृतिकरबरकेउत्पादनकोबढ़ावादेनेकेलिएप्रयासकिएजाएं...सरकारसेआग्रहहैकिप्राकृतिकरबरकेआयातकोसीमितकियाजाए।’’चर्चामेंभागलेतेहुएभाजपाकेशिवकुमारउदासीनेकहाकिसंप्रगसरकारमेंनीतिगतपंगुताथीजिसकाअसरनिर्यातपरपड़ताथा,लेकिनइससरकारमेंआर्थिकसुधारकिएगएजिसकाअसरदेशकीअर्थव्यवस्थापरदिखाईदेरहाहै।उन्होंनेकहाकिपहलेलाइसेंसराजथा,लेकिनअबकारोबारीसुगमताकेमामलेमेंदेशनेलंबीछलांगलगाईहै।उदासीनेकहाकिआज‘यूनीकॉर्न’(एकअरबडॉलरकीकंपनी)कीसंख्याकेमामलेमेंभारततीसरेस्थानपरहै।उनकेमुताबिक,सरकारकाबुनियादीढांचेमेंनिवेशबढ़ानादिखाताहैकिसरकारअर्थव्यवस्थाकोमजबूतकरनेकेलिएप्रतिबद्धहै।भाजपासांसदनेकहाकिसरकारकेकदमोंकेचलतेभारतधीमीगतिसेविकासकरतीअर्थव्यवस्थासेसबसेतेजीसेबढ़तीअर्थव्यवस्थाबनगया।उन्होंनेकहाकिसरकारकीनीतियोंकेचलतेस्टार्टअपकीसंस्कृतिबढ़रहीहै।उदासीनेकेंद्रसरकारकेकईकदमोंकाउल्लेखकरतेहुएकहा,‘‘एकनेतावोहोताहैजोअगलेपांचसालकेलिएचिंतितरहताहै,लेकिनजोदूरदर्शीनेताहोताहैवोअगलीपीढ़ीकेलिएसोचताहै...प्रधानमंत्रीमोदीसामाजिक,राजनीति,सांस्कृतिकऔरआर्थिकवैज्ञानिकहैं।वहदेशकीआकांक्षाओंकीचिंताकरतेहैं।’’तृणमूलकांग्रेसकेसुदीपबंदोपाध्यायनेकहाकिऐसालगताहैकिसरकारकोउद्योगक्षेत्रकीकोईचिंतानहींहै।उन्होंनेयहआरोपभीलगायाकिविशेषआर्थिकक्षेत्र(एसईजेड)कोलेकरपश्चिमबंगालकेहालपरसरकारकोईध्याननहींदेरहीहै।उन्होंनेकहाकिकोरोनाकालमेंआपूर्तिकीवैश्विकश्रृंखलामेंअवरोधपैदाहुआहै,जिसपरसरकारकोध्यानदेनाचाहिए।बंदोपाध्यायनेकहाकिजोहालातहैंवोविकसितदेशोंऔरविकासशीलदेशोंकेलिएबहुतमुश्किलनजरआतेहैं।उन्होंनेआरोपलगाया,‘‘सरकारीक्षेत्रकेउद्योगोंकीहालतबहुतखराबहै।यहसरकारसरकारीकंपनियोंकोबेचनेमेंबिल्कुलनहींहिचकरहीहै।उद्योगक्षेत्रपरनिजीक्षेत्रकेलोगोंकानियंत्रणहोरहाहै।’’तृणमूलकांग्रेसकेनेतानेकहा,‘‘हमजाननाचाहतेहैंकिसरकारऔद्योगिकढांचेकोक्यादिशादेनाचाहतीहै?बड़े,मध्यमऔरछोटेउद्योगोंकोस्थापितकिएबिनाऔरउन्हेंसहयोगदिएबिनारोजगारकासृजननहींहोसकता।’’उन्होंनेकहाकिसरकारकोछोटी,मझोलीऔरबड़ीइकाइयोंकीमददकरनीचाहिए।जारी