उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश ने अदालतों में तकनीकी बदलाव अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया

नयीदिल्ली,16मई(भाषा)उच्चतमन्यायालयकेन्यायाधीशएस.रविन्द्रभटनेकोविड-19महामारीकोदेखतेहुएशनिवारकोतकनीकीबदलावअपनानेकीजरूरतपरबलदिया।न्यायमूर्तिभटनेकहाकिदुनियामेंनियमितअंतरालपरतकनीकीबदलावहोतेरहतेहैंऔरकानूनीप्रणालीइससेबाहरनहींरहसकती।न्यायमूर्तिभटनेकहा,‘‘प्रक्रियागतव्यवस्थाकीसमीक्षासमयकीजरूरतहै।टुकड़ोंमेंसुधारनहींकियाजासकताहै।’’बहरहाल,उच्चतमन्यायालयकेन्यायाधीशनेकहाकिकुछमामलोंमेंजहांकिसीतरहकादंडनिर्धारितकरनाहोयासुनवाईमेंखासकरआपराधिकमामलोंकीसुनवाईमेंऑनलाइनअदालतयावीडियोकांफ्रेंसकीसुविधासहीनहींहै।एककानूनीपोर्टलकीतरफसेआयोजितवेबनार‘जस्टिसडिलिवरीइनडिजिटलएज:दफ्यूचरइमर्जेजफ्रॉमप्रेजेंट’मेंन्यायमूर्तिभटनेकहाकिजिनमुकदमोंमेंगवाहोंकीउपस्थितहोकरजिरहजरूरीहैयाआरोपीकीउपस्थितिआवश्यकहै,वहांकार्यवाहीअदालतकक्षोंमेंहोनीचाहिएक्योंकि‘‘व्यवहार,शारीरिकभाषा’’न्यायप्रदानकरनेऔरउचितसुनवाईसुनिश्चितकरनेमेंआवश्यकहोजातीहै।उन्होंनेकहाकिकईसमस्याएंभीहैं,जैसेभारतमेंइंटरनेटकीपहुंचकीकमीऔरइंटरनेटउपयोगकरनेवालेयुवाऔरबड़ेशहरोंकेलोगहैं।उन्होंनेकहा,‘‘यहभीदेखागयाहैकिभारतमेंअदालतोंकेऑनलाइनकामकरनेकेलिएब्रॉडबैंडकीक्षमताकमहैऔरइसकाविस्तारकिएजानेकीजरूरतहै।’’उन्होंनेकहाकिभारतकेप्रधानन्यायाधीशकोतेजब्रॉडबैंडसेवाओंकीमांगकरनीचाहिएजिसकाइस्तेमालमुख्यरूपसेन्यायिकव्यवस्थामेंहो।न्यायमूर्तिभटनेवकीलोंसेतकनीकीबदलावकोअपनानेकाआग्रहकरतेहुएकहा,‘‘आपचीजोंकोदूसरेनजरिएसेदेखिएऔरफिरचीजेंभीबदलजाएंगी।’’उन्होंनेकहाकिहरपेशेमेंबदलावआरहाहैऔरन्यायिकव्यवस्थामेंभीडिजिटलीकरणकीआवश्यकतामहसूसकीगईहै।उन्होंनेकहाकिपारिवारिकऔरदीवानीविवादोंमेंवास्तविकअदालतकक्षमेंसुनवाईकीजरूरतहै।