उच्च न्यायालय ने व्यवस्था दी कि उपराज्यपाल दिल्ली के प्रशासनिक प्रमुख हैं और राष्ट्रीय राजधानी एक संघशासित क्षेत्र बना हुआ है।

दिल्लीकेगृहमंत्रीसत्येन्द्रजैननेआजकहा,उच्चन्यायालयकेफैसलेकेखिलाफहमउच्चतमन्यायालयजाएंगे।उन्होंनेकहा,दिल्लीसेसंबंधितसंसदकेकईकानूनोंनेउपराज्यपालऔरराष्ट्रीयराजधानीसरकारकोअलगअलगनिकायोंकेरूपमेंपरिभाषितकियाहै।यदिसंविधाननेदिल्लीकोमहजसंघशासितक्षेत्रसमझाहोतातोयहशहरचंडीगढ़,लक्षद्वीपऔरअंडमानकीतरहकामकरता।लेकिनऐसानहींहै।सिसोदियानेकहादिल्लीकेलोगोंनेइसआसमेंऐतिहासिकजनादेशकेसाथआपकोसत्तामेंलायाथाकिशासनकेसभीभागोंसेभ्रष्टाचारखत्महोगाऔरजबआपनेलोगोंकीआकांक्षाएंपूरीकरनीशुरूकीतबलोकतंात्रिकरूपसेनिर्वाचितसरकारकेअधिकारोंपरअंकुशलगानेकीकोशिशेंशुरूहोगयीं।उन्होंनेकहा,जबहमनेभ्रष्टाचारकेमुद्देकाहलशुरूकिया,भ्रष्टपुलिसकर्मियोंकोपकड़ा,तबसंकटशुरूहुआ।उन्होंनेमहसूसकियाकियदिसरकारइसतरहकामकरतीरहीतोतबादला-पोस्टिंगकाधंधारूकजाएगाऔरभ्रष्टाचारखत्महोजाएगा।उन्हेंयहहजमनहींहुआऔरउन्होंनेलोकतंात्रिकरूपसेनिर्वाचितसरकारकेअधिकारोंपरअंकुशलगानेशुरूकरदिए।उन्होंनेकहा,भ्रष्टाचारनिरोधकब्यूरो1993सेदिल्लीसरकारकाहिस्साथा।लेकिनजिसदिनएसीबीनेपुलिसकर्मीकोरिश्वतलेतेपकड़ा,उसदिनउसेकेंद्रकेअधीनलेजायागया।सेवाविभागभीदिल्लीसरकारसेलेलीगयीं।