स्वावलंबी बन रोशनी ने बेहतर की घर की स्थिति

जागरणसंवाददाता,उरई:मनमेंकुछकरनेकीइच्छाशक्तिहोतोरास्तेबनतेदेरनहींलगतीहै।कुछऐसीहीकहानीहैमोहल्लाराजेंद्रनगरकीरहनेवालीरोशनीकी।उन्होंनेसिलाईकरनसिर्फससुरालकीआर्थिकस्थितिकोसंभालाबल्किअपनेबच्चेकोअच्छेस्कूलमेंपढ़ाभीरहीहैं।उनकीइच्छाहैकिहरमहिलाकोस्वावलंबीबननाचाहिए।

कोंचतहसीलकेपचीपुरीकीरहनेवालीरोशनीकाविवाहवर्ष2009मेंउरईकेमोहल्लाराजेंद्रनगरमेंरहनेवालेप्रशांतकेसाथहुआथा।पतिड्राइवरथेलेकिनइतनीकमाईसेघरपरिवारकेसंचालनमेंकमीखटकतीरहतीथी।रोशनीकोलगाकिऐसेहीरहातोबच्चेकोपढ़ाएंगेकैसे।यहविचारआतेहीएकवर्षबादउन्होंनेपरमार्थसमाजसेवीसंस्थाद्वारासंचालितप्रशिक्षणकेंद्रमेंसिलाईकाकामसीखनेलगीं।इसकेबादसंस्थानेउनकोएकसिलाईमशीनउपलब्धकराई।रोशनीघरमेंहीकपड़ोंकीसिलाईकाकामकरनेलगीं।कुछहीसमयमेंउनकाकामअच्छाचलनेलगा।आमदनीबढ़ीतोघरकीगाड़ीभीढर्रेपरआगई।इसकेबादउन्होंनेसोचाकिहरमहिलाकोअपनेपैरोंपरखड़ाहोनाचाहिए।इसीसोचकेसाथउन्होंनेयुवतियोंकोसिलाईकाप्रशिक्षणदेनाशुरूकरदिया।अबरोशनीलगभगबीसहजाररुपयेप्रतिमाहकमालेतीहैं।उनकाबेटाभीअच्छेकॉन्वेंटस्कूलमेंपढ़रहाहै।