संयुक्त राष्ट्र महासभा में मोदी ने किया सवाल, कब तब भारत को निर्णय प्रक्रिया ढांचे से अलग रखा जाएगा

संयुक्तराष्ट्र,26सितंबर(भाषा)संयुक्तराष्ट्रसुरक्षापरिषदमेंहुंकारभरतेहुएभारतकेप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीनेइससर्वोच्चवैश्विकसंस्थाकीप्रतिक्रियाओं,व्यवस्थाओंऔरस्वरूपमेंसुधारको‘‘समयकीमांग’’बतायाऔरसाथहीसवालदागाकि130करोड़कीआबादीवालेदुनियाकेसबसेबड़ेलोकतंत्रकोइसकेनिर्णयप्रक्रियाढांचेसेआखिरकबतकअलगरखाजाएगाऔरउसेकबतकइंतजारकरनापड़ेगा?उन्होंनेकहाकिइसवैश्विकमंचकेमाध्यमसेभारतनेहमेशा‘‘विश्वकल्याण’’कोप्राथमिकतादीहैऔरअबवहअपनेयोगदानकेमद्देनजर,इसमेंअपनीव्यापकभूमिकादेखरहाहै।संयुक्तराष्ट्रमहासभाके75वेंसत्रकोसंबोधितकरतेहुएमोदीनेकहाकिसंयुक्तराष्ट्रमेंसंतुलनऔरउसकासशक्तीकरणविश्वकल्याणकेलिएअनिवार्यहै।उन्होंनेकहाकिभारतविश्वसेसीखतेहुए,विश्वकोअपनेअनुभवबांटतेहुएआगेबढ़नाचाहताहै।प्रधानमंत्रीमोदीनेऐसेवक्तमेंसंयुक्तराष्ट्रमेंसुधारऔरसुरक्षापरिषदकेबहुप्रतीक्षितविस्तारकीपुरजोरमांगउठाईहैजबभारतअगलेवर्षजनवरीसे15-सदस्यीयसुरक्षापरिषदकेअस्थाईसदस्यकेतौरपरभीअपनादायित्वनिभानेजारहाहै।इसऐतिहासिकअवसरपरदेशके130करोड़लोगोंकीभावनाएंप्रकटहुएमोदीनेकहाकिविश्वकल्याणकीभावनाकेसाथसंयुक्तराष्ट्रकाजिसस्वरुपमेंगठनहुआ,वहतत्कालीनसमयकेहिसाबसेहीथाजबकिआजदुनियाएकअलगदौरमेंहै।उन्होंनेकहा,‘‘21वींसदीमेंहमारेवर्तमानकी,हमारेभविष्यकीआवश्यकताएंऔरचुनौतियांकुछऔरहैं।इसलिएपूरेविश्वसमुदायकेसामनेएकबहुतबड़ासवालहैकिजिससंस्थाकागठनतबकीपरिस्थितियोंमेंहुआथा,उसकास्वरूपक्याआजभीप्रासंगिकहै?’’प्रधानमंत्रीनेस्पष्टशब्दोंमेंकहाकिसभीबदलजाएंऔर‘‘हमनाबदलें’’तोबदलावलानेकीताकतभीकमजोरहोजातीहै।उन्होंनेकहाकिपिछले75वर्षोंमेंसंयुक्तराष्ट्रकीउपलब्धियोंकामूल्यांकनकियाजाएतोअनेकउपलब्धियांदिखाईदेतीहैंलेकिनइसकेसाथहीअनेकऐसेउदाहरणहैंजोसंयुक्तराष्ट्रकेसामनेगंभीरआत्ममंथनकीआवश्यकताखड़ीकरतेहैं।उन्होंनेकहा,‘‘संयुक्तराष्ट्रकीप्रतिक्रियाओंमेंबदलाव,व्यवस्थाओंमेंबदलाव,स्वरूपमेंबदलाव,आजसमयकीमांगहै।’’उन्होंनेकहा,‘‘भारतकेलोग,संयुक्तराष्ट्रकेसुधारोंकोलेकरजोप्रक्रियाचलरहीहै,उसकेपूराहोनेकालंबेसमयसेइंतजारकररहेहैं।भारतकेलोगचिंतितहैंकिक्यायेप्रक्रियाकभीअपनेनिर्णायकमोड़तकपहुंचपाएगी?आखिरकबतकभारतकोसंयुक्तराष्ट्रके,निर्णयप्रक्रियाकेढांचेसेअलगरखाजाएगा?’’मोदीनेकहाकिभारतदुनियाकासबसेबड़ालोकतंत्रहै।एकऐसादेश,जहांविश्वकी18प्रतिशतसेज्यादाजनसंख्यारहतीहै,जहांसैकड़ोंभाषाएंहैं,अनेकपंथहैं,अनेकविचारधाराहैं।उन्होंनेकहा,‘‘जिसदेशनेवर्षोंतकवैश्विकअर्थव्यवस्थाकानेतृत्वकरनेऔरवर्षोंकीगुलामी,दोनोंकोजियाहै,जिसदेशमेंहोरहेपरिवर्तनोंकाप्रभावदुनियाकेबहुतबड़ेहिस्सेपरपड़ताहै,उसदेशकोआखिरकबतकइंतजारकरनापड़ेगा?’’मालूमहोकिसंयुक्तराष्ट्रसुरक्षापरिषदमेंसुधारकीमांगकोलेकरभारतलंबेसमयसेआवाजउठारहाहै।सुरक्षापरिषदकेपांचस्थायीसदस्योंमेंअमेरिका,ब्रिटेन,फ्रांसऔररूसभारतकीस्थायीसदस्यताकेपक्षमेंहैं।मोदीनेकहा,‘‘जबहममजबूतथेतोदुनियाकोकभीसतायानहीं,जबहममजबूरथेतोदुनियापरकभीबोझनहींबने।’’भारतकी‘‘वसुधैवकुटुम्बकम’’कीभावनाकाउल्लेखकरतेहुएउन्होंनेकहाकियहहमारीसंस्कृति,संस्कारऔरसोचकाहिस्साहै।उन्होंनेकहाकिभारतवहदेशहैजिसनेशांतिकीस्थापनाकेलिएलगभग50शांतिमिशनमेंअपनेजांबाजसैनिकभेजे,जिसनेशांतिकीस्थापनामेंसबसेज्यादाअपनेवीरसैनिकोंकोखोयाहै।उन्होंनेकहा,‘‘ऐसेमेंआजप्रत्येकभारतवासी,संयुक्तराष्ट्रमेंअपनेयोगदानकोदेखतेहुए,संयुक्तराष्ट्रमेंअपनीव्यापकभूमिकाभीदेखरहाहै।’’आतंकवादकेमुद्देपरसंयुक्तराष्ट्रकीओरसेउठाएगएकदमोंपरभीउन्होंनेसवालखड़ेकिएऔरकहाकिबेशकतीसराविश्वयुद्धनहींहुआलेकिनआंतकवादकीआगनेपूरीदुनियाकोझुलसायाऔरआतंकीहमलोंनेपूरीदुनियाकोथर्राकररखदिया।यहांतककिखूनकीनदियांबहतीरहीं।उन्होंनेपूछा,‘‘उससमयऔरआजभीसंयुक्तराष्ट्रकेप्रयासक्यापर्याप्तथे?’’कोविड-19महामारीसेनिपटनेमेंसंयुक्तराष्ट्रकीभूमिकापरभीसवालखड़ेकरतेहुएमोदीनेवैश्विकसमुदायकोआश्वस्तकियाकिभारतकीटीकाउत्पादनऔरटीकावितरणकीक्षमतापूरीमानवताकोइससंकटसेबाहरनिकालनेकेलिएकामआएगी।उन्होंनेपूछा,‘‘पिछले8-9महीनेसेपूराविश्वकोविड-19वैश्विकमहामारीसेसंघर्षकररहाहै।इसवैश्विकमहामारीसेनिपटनेकेप्रयासोंमेंसंयुक्तराष्ट्रकहांहै?एकप्रभावशालीप्रतिक्रियाकहांहै?’’मोदीनेकहाकिमहामारीकेइसमुश्किलसमयमेंभीभारतने150सेअधिकदेशोंकोजरूरीदवाइयांभेजी।उन्होंनेकहा,‘‘विश्वकेसबसेबड़ेटीकाउत्पादकदेशकेतौरपरआजमैंवैश्विकसमुदायकोएकऔरआश्वासनदेनाचाहताहूं।भारतकीटीकाउत्पादनऔरटीकावितरणक्षमतापूरीमानवताकोइससंकटसेबाहरनिकालनेकेलिएकामआएगी।’’कोविडमहामारीसेअबतकविश्वकी3.2करोड़आबादीप्रभावितहोचुकीहैऔरदुनियाभरमेंइससे9.9लाखसेअधिकलोगअपनीजांनगंवाचुकेहैं।भारतमेंइसमहामारीसेअबलगभग60लाखलोगसंक्रमितहोचुकेहैंऔर93,000लोगअपनीजानगंवाचुकेहैं।कोविडमहामारीकेखिलाफसंयुक्तराष्ट्रकीप्रतिक्रियापरप्रधानमंत्रीमोदीनेऐसेसमयमेंसवालउठायाजबअमेरिकीराष्ट्रपतिडोनाल्डट्रंपइसमहामारीकोलेकरविश्वस्वास्थ्यसंगठनकीभूमिकाकीआलोचनाकरतेरहेहैं।पिछलेसप्ताहहीउन्होंनेआरोपलगायाथाकिविश्वकीसर्वोच्चस्वास्थ्यसंस्थाकानियंत्रणचीनकररहाहै।मोदीनेकहाकिभारतकोरोनावायरसकेटीकेकेक्लीनिकलट्रायलकेतीसरेदौरमेंहै।मोदीनेकहाकिवैश्विककोरोनामहामारीकेबादबनीपरिस्थितयोंसेउबरनेकेलिएभारतमहत्वाकांक्षी‘‘आत्मनिर्भरभारतअभियान’’कोआगेबढ़ारहाहैजोआनेवालेदिनोंमेंवैश्विकअर्थव्यवस्थामेंकईगुणावृद्धिकरनेवालीताकतकेरूपमेंउभरेगा।उन्होंनेकहाकिभारतकेअनुभवऔरउसकीउतार-चढ़ावसेभरीविकासयात्राविश्वकल्याणकेमार्गकोमजबूतकरेगी।उन्होंनेकहा,‘‘महामारीकेबादबनीपरिस्थितियोंकेबादहमअबआत्मनिर्भरभारतकीदृष्टिकोलेकरआगेबढ़रहेहैं।आत्मनिर्भरभारतअभियानवैश्विकअर्थव्यवस्थाकेलिएकईगुणावृद्धिकरनेवालीताकतबनेगा।’’प्रधानमंत्रीमोदीनेइसअवसरपरभारतमेंकिएगएविकासकार्योंकाभीउल्लेखकियाऔरबतायाकिकैसे130करोड़केइसदेशमेंकरोड़ोंलोगोंकोबैंकिंगसिस्टमसेजोड़ागया,शौचसेमुक्तकरायागया,मुफ्तइलाजकीसुविधासेजोड़ागया।उन्होंनेकहा,‘‘आजभारतडिजिटललेनदेनकेमामलेमेंदुनियाकेअग्रणीदेशोंमेंहै।आजभारतअपनेकरोड़ोंनागरिकोंकोडिजिटलपहुंचकीसुविधादेकरसशक्तीकरणऔरपारदशिर्तासुनिश्चितकररहाहै।आजभारतअपनेगांवोंके1.5करोड़घरोंमेंपाइपसेपीनेकापानीपहुंचानेकाअभियानचलारहाहै।कुछदिनपहलेहीभारतनेअपनेछहलाखगांवोंकोब्रॉडबैंडऑप्टिकलफाइबरसेकनेक्टकरनेकीबहुतबड़ीयोजनाकीशुरुआतकीहै।’’मोदीनेकहाकिभारतमेंआजयेसुनिश्चितकियाजारहाहैकिसभीयोजनाओंकालाभ,बिनाकिसीभेदभाव,प्रत्येकनागरिकतकपहुंचे।ज्ञातहोकिकोविड-19महामारीसेभारतीयअर्थव्यवस्थापरहुएप्रभावसेउबरनेकेलिएमोदीसरकारने20लाखकरोड़रुपयेकेआत्मनिर्भरभारतअभियानकीघोषणाकीहै।इसकेतहतस्थानीयउत्पादोंकोबढ़ावादेनेपरजोरहै।मोदीनेकहाकिभारतजबकिसीदूसरेदेशसेदोस्तीकाहाथबढ़ाताहैतोवहकिसीतीसरेदेशकेखिलाफनहींहोता।उन्होंनेकहा,‘‘भारतजबविकासकीसाझेदारीमजबूतकरताहै,तोउसकेपीछेकिसीसाथीदेशकोमजबूरकरनेकीसोचनहींहोती।हमअपनीविकासयात्रासेमिलेअनुभवसाझाकरनेमेंकभीपीछेनहींरहते।’’इसबारसंयुक्तराष्ट्रमहासभाकीयहबैठकमुख्यरूपसेडिजिटलमाध्यमसेहोरहीहै।कोरोनावायरसमहामारीकेमद्देनजरविश्वकेअधिकतरनेताओंनेन्यूयॉर्कपहुंचनामुनासिबनहींसमझा।उन्होंनेकहाकिचाहे‘‘नेबरहुडफर्स्टपॉलिसी’’सेलेकर‘‘एक्टईस्टपॉलिसी’’होयाफिरहिंद-प्रशांतक्षेत्रपरविचार,भारतनेहमेशापूरीमानवजातिकेहितकेबारेमेंसोचाहै,नकिअपनेनिहितस्वार्थोंकेबारेमें।उन्होंनेकहा,‘‘हमअपनीविकासयात्रासेमिलेअनुभवसाझाकरनेमेंकभीपीछेनहींरहते।’’मोदीनेइसअवसरपरकहाकिभारतनेदोअक्टूबरकोअंतरराष्ट्रीयअहिंसादिवसऔर21जूनकोअंतरराष्ट्रीययोगदिवसकीपहलकीथी।इतनाहीनहीं,आपदाऔरअंतरराष्ट्रीयसोलरअलायंससेजुड़ेप्रयासोंकीपहलभीभारतनेहीकी।