सकारात्मक सोच से बदलेगी महिलाओं की स्थिति

दुमका:सिदो-कान्हूमुर्मूविश्विविद्यालयमेंअंतरराष्ट्रीयमहिलासशक्तीकरणदिवसपरशुक्रवारकोकुलपतिप्रो.मनोरंजनप्रसादसिन्हानेकहाकिमहिलाओंकिस्थितिकोसुधारनेकेलिएसकारात्मकसोचकेसाथसहीदिशामेंपहलकरनीहोगी।नकारात्मकताकोहटानाहोगा।कहाकिभारतीयसंस्कृतिमेंनारीकभीभोगकीवस्तुनहींरहीहैतथाआजकेसमयमेंजोविकृतियांआईहैंवेपश्चिमीसभ्यताकेकारणहैं।उन्होंनेकहाकिमहिलाओंकोअपनाअधिकारछीननाहोगाऔरआत्मनिर्भरबननाहोगा।इससेपूर्वविषयप्रवेशइतिहासविभागकीव्याख्याताप्रो.अमिताकुमारीनेकराया।उन्होंनेमहिलाओंकीकानूनी,संवैधानिकअधिकारोंकीचर्चाकरतेहुएइसकीवास्तविकपरिस्थितियोंपरप्रकाशभीडाला।महिलाओंकेशोषणऔरउनकेसाथसमाजकेभेदभावपूर्णरूखकीचर्चाकरतेहुएउन्होंनेआंकड़ेप्रस्तुतकिए।महिलाअसमानताकाउद्भवइतिहासमेंखोजतेहुएउन्होंनेइसकाकारणवर्गविभाजितसमाजकायानिजीसंपत्तिकाआगमनबताया।महिलाओंकोपैतृकसंपत्तिमेंआधाहिस्साव्यवहारिकतौरपरदिएजानेकीवकालतकरतेहुएकहाकिइससेइनमेंआíथकस्वावलंबनहासिलहोसकेगा।एसपीकॉलेजकीप्राचार्याडॉ.प्रमोदिनीहांसदानेभारतऔरझारखंडमेंशिक्षामेंलड़कियोंकीसंख्यामेंबढ़ोतरीकोमहिलास्वावलंबनकीदिशामेंसकारात्मककदमबताया।उन्होंनेसभीछात्राओंकोयहप्रेरितकरतेहुएकहाकिवेअपनेभविष्यकोबेहतरबनानेमेंशिक्षाकेमहत्वकोसमझें।सामाजविज्ञानसंकायकेडीनप्रो.वाईपीरायनेमहिलाओंकेशोषणकेइतिहासपरप्रकाशडालातथाबतायाकिकिसप्रकारप्राचीनकालमेंमहिलाएंबेहतरहालतमेंथी।समानथीऔरकैसेशनै:शनै:उनकीसामाजिकस्थितिकाह्रासहुआ।बॉटनीकीव्याख्याताडॉ.प्रभावतीबोदरानेमहिलास्वास्थ्यपरप्रकाशडालाऔरबतायाकिविवाहऔरबच्चोंकेजन्मकेपश्चातमहिलाओंकास्वास्थ्यकैसेऔरक्योंबिगड़ताहै।

आयोजनमेंजीवविज्ञानकीवर्षा,राजनीतिविज्ञानकीस्नेहातथाइतिहासविभागकेप्रदीपदासनेभीअपनीबातरखा।मंचसंचालनएनएसएसको-ऑíडनेटरप्रो.मेरीमार्गरेटटुडूनेकिया।इसअवसरपरडीनस्टूडेंट्सवेलफेयर,डॉ.गौरवगांगुलीसमेतविभागोंकेविभागाध्यक्षवछात्र-छात्राएंमौजूदथीं।राजनीतिविज्ञानकेव्याख्याताडॉ.अजयसिन्हानेकार्यक्रमकोसफलबनानेमेंमहत्वपूर्णयोगदानदिया।