शिक्षा व्यवस्था को 21 वीं सदी की कठिन चुनौतियों का सामना करना चाहिए : नायडू

नयीदिल्ली,10सितंबर(भाषा)उपराष्ट्रपतिएमवेंकैयानायडूनेबृहस्पतिवारकोकहाकि21वींसदीकीकईकठिनचुनौतियोंकाप्रभावीतरीकेसेसामनाकरनेकेलिएसमूचीशिक्षाव्यवस्थामेंव्यापकबदलावकीजरूरतहै।उन्होंनेकहाकिनयीशिक्षानीति-2020भारतकोउसकीआबादीकालाभउठानेमेंमददकरेगीऔरदेशको21वींसदीमेंज्ञानऔरनवाचारकाकेंद्रबनाएगी।विवेकानंदमानवउत्कृष्टतासंस्थानके21वेंस्थापनादिवसपरवीडियोकेजरिएसंबोधितकरतेहुएउन्होंनेजोरदियाकिउत्कृष्टताकेलिएअनुशासन,एकाग्रताऔरप्रतिबद्धप्रयासोंकीजरूरतपड़तीहै।उन्होंनेकहाकिएकराष्ट्रकेतौरपरइसकठिनपड़ावपरउत्कृष्टताबहुतजरूरीहैऔरऔसतस्तरलंबेसमयतककामनहींचलेगा।नायडूनेकहाकिस्वामीविवेकानंदनेदुनियाकोवेदांतकेप्राचीनभारतीयदर्शनकीअहमियतऔरसार्वभौमिकता,सहिष्णुताऔरस्वीकृतिकेबारेमेंबताया।नायडूनेकहा,‘‘उन्होंने(विवेकानंद)धार्मिकशुद्धि,आध्यात्मिकमुक्तिऔरसमाजकेनवजागरणकेजरिएराष्ट्रकेबदलावकेलिएअथककामकिए।’’उन्होंनेकहाकिस्वामीजीकीशिक्षाएंआजकेसमयमेंभीसमूचीदुनियाकेलिएउतनीहीप्रासंगिकहै।उन्होंनेयुवाओंसेविवेकानंदकेजीवनऔरदर्शनकोसमझनेऔरउनकेसंदेशोंकाअनुसरणकरनेकोकहा।उन्होंनेकहाकिविवेकानंदऔररामकृष्णपरमहंसकीशिक्षाओंकेप्रसारऔरउनकेदर्शनकोजनमानसतकपहुंचानेकेलिएऔरशैक्षणिकसंस्थानोंकीजरूरतहै।एकआधिकारिकबयानकेमुताबिकउपराष्ट्रपतिनेकहाकिअगर21वींसदीकीकठिनचुनौतियोंसेप्रभावीतरीकेसेनिपटनाहैतोउन्हेंलगताहैकिशिक्षाव्यवस्थामेंआमूलचूलबदलावकीजरूरतहै।उपराष्ट्रपतिनेनवाचार,उद्यमक्षमताकोबढ़ावादिएजानेऔरदेशकीवैभवशालीविरासतकेबारेमेंजागरूकताफैलानेकीजरूरतकोरेखांकितकिया।उन्होंनेकहाकिशिक्षासेयुवाओंमेंसोच-विचारकीक्षमतापैदाहोनीचाहिएताकिवेमानवताकेसमक्षपैदाचुनौतियोंकीपहचानकरसकेऔरउसकासमाधानपेशकरसकें।नायडूनेकहाकिनयीशिक्षानीतिविवेकानंदकेआदर्शोंकोदर्शातीहै।उन्होंनेउम्मीदजतायीकिनयीशिक्षानीतिकीबदौलतभारतकोअपनीविशालआबादीकालाभमिलेगाऔरदेश21वींसदीमेंज्ञानऔरनवाचारकाकेंद्रबनेगा।