शिक्षा का अधिकार का मकसद गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है, इसके लिये प्रतिभावान शिक्षक होने चाहिए:न्यायालय

नयीदिल्ली,19नवंबर(भाषा)उच्चतमन्यायालयनेकहाहैकिसंविधानकेअनुच्छेद21एकेअंतर्गतशिक्षाकेअधिकारकामकसदबच्चोंकोगुणवत्तावालीशिक्षाप्रदानकरनाहैऔरइसकेलियेशिक्षकोंकाप्रतिभावानऔरश्रेष्ठहोनाजरूरीहै।न्यायमूर्तिउदययूललितऔरन्यायमूर्तिएमएमशांतानागौडारकीपीठनेउत्तरप्रदेशमें2019केलियेसहायकशिक्षकोंकीभर्तीपरीक्षामेंयोग्यताकेलियेन्यूनतमअंक65और60प्रतिशतनिर्धारितकरनेकेराज्यसरकारकेनिर्णयकोसहीठहरातेहुयेयहटिप्पणीकी।शीर्षअदालतनेकहाकिसरकारकाप्रयासश्रेष्ठशिक्षकोंकाचयनकरनाहैऔरइसलिएउसकायहकदमपूरीतरहसेन्यायोचितहै।न्यायालयनेराज्यसरकारकोइससाल12मईकोघोषितनतीजोंकेआधारपरप्रदेशमेंसहायकबेसिकशिक्षकोंकेरिक्त69,000पदोंपरनियुक्तियांकरनेकीअनुमतिप्रदानकरदी।न्यायालयनेकहाकिसहायकशिक्षकभर्तीपरीक्षा-2019मेंकटऑफप्रतिशत65-60निर्धारितकरनेकासरकारकाफैसलापूरीतरहवैधऔरन्यायोचितहै।न्यायालयनेकहाकिइसपरीक्षामेंबड़ीसंख्यामेंअभ्यर्थियोंकेशामिलहोनेऔरपरीक्षाकेस्वरूपकोदेखतेहुयेउपलब्धप्रतिभामेंसेश्रेष्ठकाचयनकरनेकेलियेयहकटऑफनिर्धारितकियागया।शीर्षअदालतनेकहाकिइसपरजोरदेनेकीकोईआवश्यकतानहींहैकिअनुच्छेद21एमेंशिक्षाकेअधिकारमेंयहपरिकल्पितकियागयाहैकिबच्चोंकोगुणवत्तावालीशिक्षाप्रदानकीजायेगीऔरइसकेलियेप्रतिभावानऔरश्रेष्ठशिक्षकोंकाहोनामहत्वपूर्णहै।पीठनेइलाहाबादउच्चन्यायालयकेपिछलेसालकेआदेशकेखिलाफ‘उप्रप्राथमिकशिक्षामित्रएसोसिएशन’औरअन्यशिक्षामित्रोंकीअपीलखारिजकरतेहुयेकहा,‘‘कोईभीप्रक्रियाजोसभीअभ्यर्थियोंपरसमानरूपसेलागूहोतीहैऔरजिसेश्रेष्ठप्रतिभालानेकेलियेतैयारकियागयाहै,उसेमनमानायातर्कहीननहींकहाजासकता।’’उच्चन्यायालयनेइसपरीक्षामेंकटऑफअंक65-60प्रतिशतनिर्धारितकरनेकेराज्यसरकारकेफैसलेकोबरकराररखाथा।शीर्षअदालतनेयहफैसलाबुधवारकोसुनायाथा।पीठनेकहा,‘‘हमें7जनवरी,2019केआदेशकेतहतकटऑफ65-60निर्धारितकरनेमेंकोईभीअवैधयाअनुचितनहीमिलाहै।रिकार्डपरउपलब्धतथ्योंसेसंकेतमिलताहैकियहकटऑफरखनेकेबादभीपात्रतारखनेवालेअभ्यर्थियोंकीसंख्याउपलब्धरिक्तस्थानोंसेदुगुनीसेभीअधिकहै।’’राज्यसरकारनेइसआदेशकेतहतसहायकशिक्षकभर्तीपरीक्षामेंसामान्यश्रेणीकेअभ्यर्थियोंकेलिये65प्रतिशतऔरआरक्षितवर्गकेलिये60प्रतिशतअंकोंकीकटऑफसीमानिर्धारितकीथी।पीठनेकहाकिपरीक्षाकेस्वरूपऔरइसकीकठिनाई,परीक्षामेंशामिलअभ्यर्थियोंकीसंख्यापरविचारकरनेकेबादसंबंधितिप्राधिकारियोंकोचयनकाऐसाआधारतैयारकरनेकाअधिकारहैजिससेश्रेष्ठउपलब्धशिक्षकोंकाचयनसुनिश्चितकियाजासके।इसतरहकाप्रयासनिश्चितहीशिक्षाकेअधिकारकानूनकेअंतर्गतप्रतिपादितउद्देश्योंकेअनुरूपहै।न्यायालयनेराज्यसरकारकेइसकथनकाभीसंज्ञानलियाकिवहअगलीसहायकशिक्षकभर्तीपरीक्षाउत्तीर्णकरनेकेलिये‘शिक्षामित्रों’कोएकअवसरऔरदेनेकेलियेतैयारहै।पीठनेकहा,‘‘हमइसअवसरकालाभउठानेकेलियेइसकेतरीकेऔरस्वरूपपरविचारकामसलाराज्यसरकारकेविवेकपरछोड़रहेहै।यहकहनेकीआवश्यकतानहीहैकियहमामलापूरीतरहसेराज्यसरकारकेविवेकपरछोड़ाजारहाहै।राज्यसरकारकाकहनाथाकिकटऑफबढ़ानेकाउद्देश्यइसपरीक्षामेंसर्वश्रेष्ठअभ्यर्थियोंकोआकर्षितकरनाथाऔरइसफैसलेमेंकुछभीगैरकानूनीनहींहै।शीर्षअदालतने25जुलाई,2017कोराज्यसरकारसेकहाथाकिटेटसहायकशिक्षककेपदकेलिये1,37,517शिक्षकोंकीभर्तीरद्दकीजायेलेकिनउन्हेंदोबारकीभर्तियोंमेंअनुभवकालाभदियाथा।राज्यसरकारनेछहमहीनेबाद17जनवरी,2018कोपहलीबार69,000शिक्षकोंकीसेवाओंकेलियेसहायकशिक्षकपदोंकेलियेलिखितपरीक्षाकरनेकाआदेशजारीकियाथा।