RSS पर हो रही सवालों की बौछारों के बीच जरूरी हो जाता है भागवत का जवाब देना

आदर्शतिवारी। जबकिसीसामाजिकसंगठनकोलेकरतमामप्रकारकीबातेंफैलाईजारहीहो,तोयहजरूरीहोजाताहैकिवहसंगठनअपनापक्ष,अपनाविचारदेशकेसमक्षरखे।आरएसएसजैसेसांस्कृतिकसंगठनकेलिएतोयहऔरजरूरीहोजाताहै,क्योंकिआजादीकेपश्चातहीसंघकोलेकरतमामप्रकारकीभ्रांतियोंऔरमिथकोंकोबड़ेस्तरपरफैलायागयाहै।किंतुसंघअटलहोकरअपनेपथसेडगमगाएबगैरराष्ट्रनिर्माणकेसंकल्पकेसाथनिरंतरआगेबढ़तागयाऔरअपनेअनूठेकार्योसेचर्चाभीहासिलकरताजारहाहै।दिल्लीमेंराष्ट्रीयस्वयंसेवकसंघनेतीनदिवसीयसंवादकार्यक्रमकाआयोजनकिया,जिसमेंसंघप्रमुखने‘भविष्यकाभारतऔरसंघकादृष्टिकोण’परअपनीबातरखीतथाजोसवालआएउसकाजवाबभीदिया।

इसआयोजनमेंहरविचारधारासेजुड़ेलोगोंकोबुलानेकीकोशिशसंघद्वाराकीगई,ताकिसंघकेविचारऔरदृष्टिकोणसेसभीअवगतहोसकें।राजनीतिकदलोंकेअलावादेशकेबौद्धिकवर्ग,कला,विज्ञान,संस्कृतिएवंशिक्षाकेक्षेत्रोंसेजुड़ेप्रभावीलोगोंकोआमंत्रितकियागया।कुछेकदलोंनेसंघकेआमंत्रणकाबहिष्कारभीकिया,लेकिनपूर्वाग्रहत्यागउन्हेंभीयहांआनाचाहिएथा,ताकिअपनेसंशयकेसंबंधमेंवहसंघप्रमुखसेपूछते।कहनागलतनहींहोगाकिऐसेलोगोंकोसंघकेविचारोंकोसमझनेसेज्यादाविरोधकरनेकीहड़बड़ीहै।

आरएसएसकाअपनाविजन

बहरहालआरएसएसकाएकअपनाविजनहै,जोभारतीयतातथाराष्ट्रप्रेमकीभावनासेओतप्रोतहै।यहसंगठनपरिस्थितिकेअनुसारखुदकोअनुकूलबनानेसेपीछेनहींहटनेवालाहै।समय-समयपरबदलावकेसाथखुदकोजोड़तेजानाभीसंघकीबढ़तीशक्तिकेप्रमुखकारकोंमेंसेएकहै।संघप्रमुखकेभाषणों,सवाल-जवाबकोदेखेंतोपताचलताहैकिदेशकेहरमुद्दोंऔरसमस्याओंकोलेकरसंघसजगहैऔरउसकेनिवारणकेलिएप्रयासरतभीहै।जाति,पंथ,धर्मकेभेदकोसंघनहींमानता,बल्किउसकामूलसबकोजोड़नेकाहैऔरव्यक्तिनिर्माणकाहै।इसमेंकोईदोरायनहींकिदेशकाएकबड़ाकथितबौद्धिकवर्गतथाकुछेकराजनीतिकदलआरएसएसकोसंकुचितदायरेमेंढालकरउसकेहरसेवाकार्योकीआलोचनाकरतेहैं,खासकरसंघकेहिंदुत्वविचारधाराकोलेकरदुष्प्रचारकीसारीसीमाओंकोलांघजातेहैं।

तोनहींबचेगाहिंदुत्‍व

क्याइनलोगोंनेसंघकेहिंदुत्वकोसमझनेकीकोशिशकी?संघप्रमुखनेहिंदुत्वकोविस्तारसेपरिभाषितकरतेहुएस्पष्टकहाकिसबकोसाथलेकरचलनेकेस्वभावकानामहीहिंदुत्वहै।हिंदुत्वसर्वसमावेशीहै,इसमेंदेशमेंरहनेवालेसभीमतावलंबियोंकेलिएजगहहै।जिसदिनकहेंगेकिमुसलमाननहींचाहिए,उसदिनहिंदुत्वभीनहींरहेगा।यहांकेवलवेदचलेंगे,दूसरेग्रंथनहींचलेंगेउसीदिनहिंदुत्वकाभावखत्महोजाएगा,क्योंकिहिंदुत्वमेंवसुधैवकुटुंबकमशामिलहै।संघप्रमुखनेअपनेसवाल-जवाबमेंलगभगसभीज्वलंतमुद्दोंपरपूछेगएसवालोंकाजवाबदिया-जैसेराममंदिर,आरक्षण,धारा370,महिलासुरक्षा,भाषा,शिक्षातथासंघऔरराजनीतिसेसंबंधआदि।

प्रमुखरतासेरखीअपनीबात

इनसबबातोंमेंसेतीनऐसेमुद्दोंपरसंघप्रमुखनेमुखरताकेसाथअपनीबातरखीजिसकोलेकरयातोसंघकोघेराजारहाथायाएकभ्रमजालबनादियागयाथा,जिसेअपनेजवाबोंकेजरियेसंघप्रमुखनेभेदनेकीकोशिशकी।सबसेप्रमुखमुद्दाआरक्षणकाथा,जिसबारेमेंमोहनभागवतनेकहाकिसामाजिकविषमतादूरकरनेकेलिएसंविधानसम्मतआरक्षणकोसंघकापूरासमर्थनहै।आरक्षणकोलेकरसमय-समयपरउठरहेविवादकोसंघप्रमुखनेराजनीतिकोदोषीठहरातेहुएसमाजकेसभीअंगोंकोबराबरीपरलानेकेलिएआरक्षणकोजरूरीबताया।साथहीआरक्षणकेलाभार्थियोंकेमनकीशंकाओंकोभीदूरकरनेकाप्रयासउन्होंनेकिया।दूसरासबसेसंवेदनशीलऔरआस्थासेजुड़ाहुआमुद्दाहैअयोध्यामेंराममंदिर।मंदिरआंदोलनमेंभाजपा,संघतथाउससेजुड़ेसंगठनोंनेअहमभूमिकानिभाईथी।

अयोध्‍यामेंराममंदिरकीवकालत

यहमामलासुप्रीमकोर्टकेपासहै,जिसपरप्रतिक्रियादेनेपरराजनीतिकदलयातोबचतेहैं,अथवाअपनेबयानकेद्वारासंघऔरभाजपापरतंजकसतेहैं,किंतुसंघप्रमुखनेबगैरहिचकेइससवालकाजवाबदिया,‘मैंसरसंघचालकहोनेकेनातेचाहताहूंकिअयोध्यामेंरामजन्मभूमिकाभव्यमंदिरबननाचाहिए।भगवानरामबहुसंख्यकसमाजकेलिएआस्थाकाकेंद्रहैं।मंदिरकानिर्माणशीघ्रहोनाचाहिए।मंदिरबनगयातोहंिदूू-मुस्लिमविवादभीखत्महोजाएगा।’तीसरामुद्दाराजनीतिऔरसंघकेसंबंधकाहै।इसकाजवाबदेतेहुएउन्होंनेकहा,‘प्राय:ऐसाकहाजाताहैकिसंघराजनीतिमेंभलेनहो,किंतुभाजपाकोपूरीतरहसेआरएसएसहीसंचालितकरताहै।ऐसीबातोंकेसामनेआनेसेइसतरहकीस्थितिबनादीगईथी,जिसकारणसंघकेसामाजिककार्योकोराजनीतिसेजोड़ाजानेलगा।’एकसवालयहभीआयाकिभाजपाकोसंगठनमंत्रीसंघहीक्योंदेताहै?

मोहनभागवतनेइसकाजवाबदिया,‘अभीतककिसीनेमांगानहीं,मांगेंगेतोविचारकरेंगे।’उन्होंनेस्पष्टकियाकि93सालोंमेंसंघनेकिसीराजनीतिकदलकासमर्थननहींकिया,बल्किवहनीतियोंकासमर्थनकरताहै।औरसंघकीनीतियोंकासमर्थनकरनेवालेदलसंघकीशक्तिकाफायदाउठालेतेहैं।भाजपाऔरसंघकेसंबंधतथावर्तमानमेंसंघवसरकारकेबारेमेंयहआरोपकिसरकारनागपुरसेचलतीहै,मोहनभागवतनेपूरीतरहगलतबताया।धारा370,आर्टिकल35एपरभीसंघकामतप्रकटकरतेहुएउन्होंनेस्पष्टकियाकियहनहींरहनाचाहिए।कुलमिलाकरसंघकेकार्य्रकमकानिचोड़यहीहैकिसमयकेसाथवहखुदकोढालरहाहैतथासंघकोलेकरमिथ्याबोधकरानेकाजोएजेंडाचलायाजारहाहै,हरेकमुद्देपरसंघकेनामसेजोअलग-अलगविचारप्रचारितकिएजारहेथे,उनभ्रांतियोंकोदूरकरसंघनेअपनाएकप्रामाणिकविचारऔरविजनदेशकेसामनेप्रस्तुतकियाहै।लेकिनक्याभ्रमफैलानेवालेइसेसमझपाएंगे?

(लेखकस्वतंत्रटिप्पणीकारहैं)