रंगभरी एकादशी पर खादी की मिर्जई और बाघंबर पहनेंगे बाबा, लाल लहंगे में दमकेगा मां का रूप

वाराणसी,जेएनएन।काशीपुराधिपतिदेवाधिदेवमहादेवकेगौनाकीमंगलघड़ीआचुकीहै।गौराकेघरमेंमंगलबेलामेंआएमहादेवबनदुलहा...औरजाकेससुरेसखीनभुलइहा...आदिपारंपरिकमंगलगीतोंसेमांपार्वतीकेमायकेकामानपायामहंतआवासकीअंगनइयागूंजरहीहै।आदिदेवऔरआदिशक्तिकेबुधवारकोहोनेवालेविदाईसमारोहरंगभरीएकादशीमेंबाबाखादीकीबनीमिर्जईऔरबाघंबरपहनअपनेरूपलावण्यसेभक्तोंकोरिझाएंगेतोमातागौराभी खादीकेही बनेजरी,गोटाऔरनग-सितारोंसेसजीदपदपातीलाललहंगेमेंससुरालजाएंगी।बालगणेशकेलिएभीखादीकाकुर्तातैयारहै।

स्वरूपरानीनेहरूनेजताईथीखादीकेपरिधानोंकीइच्छा

बातसन्1934कीहै।जबदेशस्वतंत्रतासंग्राममेंजूझरहाथा।खादीउनदिनोंराष्ट्रीयताकीप्रतीकबनचुकीथी।तभीपं.जवाहरलालनेहरूकीमांऔरदेशकेवरिष्ठबैरिस्टरमोतीलालनेहरूकीपत्नीस्वरूपरानीरंगभरीएकादशीपरबाबाश्रीकाशीविश्वनाथकादर्शनकरनेआईं।तभीउन्होंनेबाबादरबारमेंदेवाधिदेवमहादेवकीरजतप्रतिमाकोखादीपहनानेकीइच्छाव्यक्तकीथी।इससंबंधमेंउन्होंनेश्रीकाशीविश्वनाथमंदिरकेतत्कालीनमहंतपं.महाबीरप्रसादतिवारीकोएकपत्रभीलिखाथा।

मापनहीं,छविदेखबाबाकापरिधानसिलतेहैंकिशनलाल

बाबाकेलिएखादीकेपरिधानबनानेकावालेचौकक्षेत्रकेराजाकटराकेटेलरकिशनलालयहसौभाग्यपाकरअभिभूतहैं।पहलेउनकेपितास्व.सत्यनारायणप्रसादबाबाविश्वनाथकेलिएकुर्ताबनातेथे।अबलगभगदोदशकसेउन्हेंबाबाकीसेवाकामौकामिलाहै।इसबारउन्होंनेबाबाकेलिएजामुनीरंगकीमिर्जई,सुनहलीजरीऔरगोटेसेबनाईहैतोखादीकाबाघंबरभीतैयारकियाहै।मांगौराकेलिएलालरंगकागोटेदारलहंगाऔरअंगियाऔरदुपट्टाबनायाहैजिसेउन्होंनेसुनहरीजरी,सितारोंऔरपत्थरोंकेनगोंसेसजायाहै।इसबारउनकेइसकाममेंउनकेयहांकामसीखरहीइंटरकीछात्रानम्रताटंडननेभीसहयोगकियाहै।बाबाकेकपड़ोंकोसिलनेकेलिएमापलेनेकेसवालपरचौंकजातेहैंकिशनलाल,कहतेहैंकिनाबाबाना, बाबाकीमापआजतककौनलेसकाहै,हमतोबसएकबारउनकीछविनिहारकरआंखोंमेंबसालेतेहैं।