रेलवे में डिविजनल पर्सनल आफिसर बने आइपीएस

संस,फिरोजपुर:हालातकैसेभीहोंलेकिनअगरमनमेंकुछपानेकाजज्बाहैतोकुछभीहासिलकियाजासकताहै।ऐसाहीजज्बाहरियाणाकेजिलापलवलकेएकछोटेसेगांवरूंधीकेरहनेवालेरमेशगोयलकेबेटेतरुणगोयलकेमनमेंबचपनसेहीथाकिउन्हेंआईपीएसबननाहै।तरुणगोयलनेयूपीएससीकीपरीक्षामेंदेशभरमें166वांरैंकलेकरअपनेगांवकानामरोशनकियाहै।तरुणगोयलरेलवेमेंडिविजनलपर्सनलआफिसरहैं।

तरुणगोयलनेबतायाकिउनकेपिताएकगांवमेंमसालेपीसनेकाकामकरतेथेऔरमांसिलाईकाकामकरतीथी।पांचवींतककीपढ़ाईगांवमेंहीकी।इसकेबादवर्ष2006मेंआर्थिकतंगीकेकारणवहगांवछोडकरफरीदाबादशिफ्टहोगए।वहकहतेहैकिपढाईमेंअच्छेअंकलेनेकेकारणउनकीपढ़ाईस्कालरशिपसेचलतीरही।12वींमेंउन्होंने97.8प्रतिशतनंबरलेनेकेबादअगलीपढ़ाईशुरूकी।इसकेबादउन्होंने2017मेंसीएकापेपरक्वालीफाईकिया,साथहीवर्ष2017मेंहीरेलवेकापेपरदियाऔरउसमेंभीक्वालिफाईकिया।वर्ष2020मेंउन्होंनेफिरोजपुरमेंरेलवेमेंज्वांनिगकरली।तरुणनेबतायाकिवहपाचंभाईबहनहै।उनकीतीनबहनेंविवाहितहै।उनकबडेभाईअपनाबिजनेसशुरूकररहेहै।वहसबसेछोटेहै।उन्होंनेकहाकिआईपीएसबननाउनकाबचपनकासपनाहै,जिसेपूराकरनेकेलिएउन्होंनेदिलसेमेहनतकीहै।उन्होंनेबतायाकिपिछलेचारवर्षोंसेपरीक्षादेरहेहै।रेलवेमेंभर्तीकेबादउन्हेंपढ़ाईकासमयकममिला,जिसकारणवहसिलेक्टनहींहुए।तीसरीबारपरीक्षासेपहलेवहकोविडपोजिटिवहोगए,जिसकारणउन्हेंपढ़नेकासमयनहींमिला।

इसकेबादवहहिम्मतहारचुकेथे।लेकिनफिरदोस्तोंवमातापितानेहिम्मतदीऔरइसबारउन्होंनेआफिससेछुट्टीकेबादघरजाकरपढ़ाईकीऔरउनकाआईपीएसकासपनापूराहोगया।