राष्ट्रपति मुखर्जी ने महिलाओं पर हमले, असहिष्णुता और समाज में गलत चलनों को लेकर भी आगाह किया।

उन्होंनेकहाकिदेशमेंअसहिष्णुभारतीयकेलिएकोईजगहनहींहोनीचाहिएक्योंकियहराष्ट्रप्राचीनकालसेहीस्वतंत्रविचार,अभिव्यक्तिऔरभाषणकागढरहाहै।मुखर्जीनेकहाकिअभिव्यक्तिऔरबोलनेकीस्वतंत्रताकाअधिकारहमारेसंविधानद्वाराप्रदत्तसर्वाधिकमहत्वपूर्णमौलिकअधिकारोंमेंसेएकहै।वैधआलोचनाऔरअसहमतिकेलिएहमेशास्थानहोनाचाहिए।उन्होंनेकहाकिहमारीमहिलाओंऔरबच्चोंकीसुरक्षाराष्ट्रीयस्तरपरप्राथमिकतामेंहोनीचाहिए।किसीभीसमाजकीकसौटीमहिलाओंऔरबच्चोंकेप्रतिउसकारूखहोतीहै।उन्होंनेकहाकिभारतकोइसकसौटीपरनाकामनहींरहनाचाहिए।मुखर्जीनेकहाकिवहऐसीकिसीसमाजयाराज्यकोसभ्यनहींमानते,अगरउसकेनागरिकोंकाआचरणमहिलाओंकेप्रतिअसभ्यहो।उन्होंनेकहा,जबहमकिसीमहिलाकेसाथबर्बरआचरणकरतेहैंतोहमअपनीसभ्यताकीआत्माकोघायलकरतेहैं।नसिर्फहमारासंविधानमहिलाओंकासमानअधिकारप्रदानकरताहैबल्किहमारीसंस्कृतिऔरपरंपरामेंभीनारियोंकोदेवीमानाजाताहै।उन्होंनेकहाकिदेशकोइसतथ्यकेप्रतिसजगरहनाचाहिएकिलोकतंत्रकेलिएलगातारपोषणकीजरूरतहोतीहै।मुखर्जीनेकहाकिजोलोगहिंसाफैलातेहैं,उन्हेंयादरखनाचाहिएकिबुद्ध,अशोकऔरअकबरइतिहासमेंनायकोंकेरूपमेंयादकिएजातेहैंनकिहिटलरऔरचंगेजखान।