पपीते ने सुनहरा किया हितेश का भविष्य

जागरणसंवाददाता,नाहन:सपनाथाइंजीनियरबनूंगा,लेकिनघरकीआर्थिकस्थितिठीकनहींथी।मेरेअलावामाता-पिताकीचारबेटियांहैं।पिताखेतीबाड़ीकेसाथपंडितहैं।घरमेंकोईनिश्चितमासिकआयकेसाधनभीनहींथे।इनसबकेबावजूदपितालक्ष्मीदत्तशर्मानेहमेंअच्छीशिक्षादिलाई।यहकहनाहैगांवफांदीबोरीवालाडाकघरकोलरतहसीलपांवटासाहिबकेहितेशदत्तशर्माका,जोअबपपीतोंकाउत्पादनकरयुवाओंकोप्रेरणादेरहेहैं।पपीतोंकेउत्पादनसेउनकाभविष्यभीसुनहराहोगयाहै।

हितेशकाकहनाहैकिउन्होंनेबीटेकमैकेनिकलवर्ष2015मेंकी,जिसकेबादतीनसालतकनिजीक्षेत्रमेंनौकरीकी,जिससेवहसंतुष्टनहींथे।हितेशशुरूसेहीकुछनयाकरनाचाहतेथे।मार्च2020मेंकोरोनामहामारीकेचलतेलाकडाउनलगगयातभीहितेशकीनौकरीभीछूटगई,जिसकेबादउन्हेंपपीतेकाबगीचालगानेकीप्रेरणामिली।इसकेलिएउन्होंनेकृषितथाबागवानीविभागकीअधिकारियोंसेसंपर्ककरजानकारीहासिलकी।इसपरउन्होंनेआर्गेनिकखेतीकरनेकीमनमेंठानी,ताकिलोगोंकोजहरमुक्तप्राकृतिकतौरपरतैयारकिएगएपपीतेउपलब्धकरवासकें।उन्होंनेसितंबर2020मेंइंडियामार्टसेएकपैकेट10ग्रामरेडलेडीताइवाननामकपपीतेकाबीज3000रुपयेदेकरआनलाइनमंगवाया।इससेपौधेतैयारकिएऔरदोबीघाभूमिपर400पौधेरोपे।एकवर्षमेंहीहितेशकेबगीचेमेंपपीतेकेपौधेफलदेरहेहैं।सितंबरमेंहीउन्होंनेएकक्विंटलपपीते50रुपयेप्रतिकिलोकेहिसाबसेबेचे।उन्होंनेआनलाइनशापिगप्लेटफार्मपरभीअपनेउत्पादोंकोरजिस्टरकियाहै,जिसकेमाध्यमसेग्राहकआनलाइनडिमांडकरतेहैं।इसकेअतिरिक्तवहनाहनवपांवटाकेस्थानीयबाजारमेंभीपपीतेपहुंचारहेहैं।

उन्होंनेबतायाकिवहअपनेबगीचेमेंशून्यलागतप्राकृतिकखेतीकेतहतकार्यकररहेहैं,जिसमेंकिसीभीप्रकारकिरासायनिकखादअथवादवाकास्प्रेनहींकियाजाताहै।वहआपनेपौधोंकीजड़ोंमेंगोबरकीखाद,सूखाघास,परालीडालतेहैं,ताकिजमीनमेंनमीबनीरहेतथापौधोंकेमित्रजीवभीजीवितरहसकें।पौधोंमेंबीमारियोंसेबचानेकेलिएवहघनामृत,जीवामृतऔरखट्टीलस्सीकाप्रयोगकरतेहैं।इसपपीतेकेबगीचेमेंमल्टीक्रापिगकेतहतउन्होंनेमूली,स्ट्राबरी,गोभीतथामटरकीफसलशून्यलागतप्राकृतिकखेतीकेअंतर्गतकीहै।

उन्होंनेबतायाकिमुख्यमंत्रीखेतसंरक्षणयोजनाकेतहतसोलरफेंसिगकेलिएतीनलाख,जबकिप्रधानमंत्रीकृषिसिचाईयोजनाकेतहतटपकसिचाईकेलिए50000रुपयेस्वीकृतहुएहैं,जिसपरउन्हेंप्रदेशसरकारकीओरसे80प्रतिशतअनुदानभीमिला।हितेशकाकहनाहैकिशिक्षितयुवाओंकोरोजगारकेलिएअन्यप्रदेशोंमेंनजाकरहिमाचलमेंहीस्वरोजगारकेसाधनतलाशनेचाहिए।इसकेलिएप्रदेशसरकारनेकईयोजनाएंचलाईहैं।