फसल बीमा योजना

सरकारकीइसपहलसेनिश्चितहीकृषिकोप्रोत्साहनमिलेगा,लेकिनफसलबीमायोजनाकादायराव्यापककरनेकीजरूरतहै।-------------आखिरकारसरकारनेओलावृष्टिसेहोनेवालेनुकसानकोभीफसलबीमायोजनामेंकवरकरलियाहै।हालांकिपहलेचरणमेंसेबकोहीलियागयाहै,लेकिनअगलेसालअन्यऔद्यानिकफसलोंकोभीमौसमआधारितफसलबीमायोजनासेजोडऩेकानिर्णयलियागयाहै।सरकारीआंकड़ोंकेअनुसारप्रदेशमेंकरीब36हजारहेक्टेयरमेंसेबउगायाजाताहै।विषमभूगोलवालेउत्तराखंडजैसेराज्यमेंइसकीजरूरतकाफीपहलेसेमहसूसकीजारहीथी।निसंदेहयहदेरसेउठायागयादुरुस्तकदमहै।देरसेउठायागयाकदमइसलिएकिपड़ोसीराज्यहिमाचलप्रदेशऔरपूर्वोत्तरकेराज्योंमेंयहयोजनापहलेसेहीचलरहीहै।दरअसल,केंद्रसरकारनेवर्ष2022तककिसानोंकीआयदोगुनाकरनेकालक्ष्यरखाहै।ऐसेमेंराज्यसरकारभीइसलक्ष्यकोपानेमेंकोईकोरकसरनहींछोडऩाचाहती।यहीवजहहैकिमुख्यमंत्रीत्रिवेंद्ररावतनेपिछलेदिनोंसस्तेकर्जकीसीमाबढ़ानेकेसंकेतदिएतोदूसरीओरकृषियंत्रोंपरराज्यभीअनुदानदेनेकीकवायदकररहाहै।दरअसल,कृषियंत्रोंपरकेंद्रसरकारपचपनफीसदअनुदानदेतीहै,अबप्रदेशसरकारभीइसमें25फीसदअनुदानदेनेपरविचारकररहीहै।इससेकिसानको80फीसदअनुदानमिलनेलगेगा।उत्तराखंडकेपरिपेक्ष्यसेदेखाजाएतोयहांखेतीफायदेकासौदानजरनहींआती।राज्यबननेकेबादसेएकलाखहेक्टेयरकृषिभूमिबंजरहोचुकीहै।पलायनकीमारसेजूझरहेराज्यमेंलोगखेती-किसानीसेविमुखहोतेजारहेहैं।यहीवजहहैकिसकलघरेलूउत्पाद(जीडीपी)मेंकभीकृषिकाहिस्सा16फीसदथा,जोअबघटकरमहजआठफीसदरहगयाहै।इसमेंकोईदोरायनहींकिसरकारकेमौजूदाकदमोंसेमैदानऔरपहाड़दोनोंकोलाभहोगा।पहाड़ीप्रदेशमेंमौसमहीसबसेबड़ीभूमिकानिभाताहै।बारिशअथवाओलावृष्टिसेहीफसलोंकोज्यादानुकसानहोताहै।लेकिनअभीइसदिशामेंऔरकदमउठानेकीजरूरतहै।औद्यानिकीकेतहतअन्यफसलोंकोतोसरकारअगलेसालसेफसलबीमायोजनामेंकवरकरनेकीकवायदकररहीहै,लेकिनइससेइतरफसलों,मसलनगेहूं,चावल,दलहनजैसीफसलोंकोभीइसदायरेमेंलानेकीआवश्यकताहै।पहाड़कीअसलसमस्यामौसमकाबिगड़ामिजाजऔरजंगलीजानवरोंसेहोनेवालानुकसानहीहै।

[स्थानीयसंपादकीय:उत्तराखंड ]