पहाड़पुर की लाचार जिंदगी ढूंढ रही सहारा

जागरणसंवाददाता,गोड्डा:सदरप्रखंडकीजमनीपहाड़पुरपंचायतकेघाटपहाड़पुरगांवमेंसाहटोलावमांझीटोलाकेदर्जनभरसेअधिकलोगजर्जरघरोंमेंरहनेकोविवशहै।इसमेंअधिकतरवृद्धमहिलाएंहैं,जिसकेपतिकीमौतहोचुकीहै।कुछबूढ़ेदंपतीकोबेटेनेघरसेनिकालदियाहै,तोकुछपहलेसेहीफटेहालस्थितिमेंहैं।गांवकेमदनकुमारमंडलवकृष्णाकुमारआदिनेबतायाकियहांजिनलोगोंकोपक्कामकानपहलेसेहै,उनलोगोंकोआवासयोजनाकालाभमिलगयाहै।लेकिनजिसकोरहनेकेलिएघरनहीहै।उनकोअबतककिसीयोजनाकालाभनहींमिलपायाहै।गांवकीहोपनमयमुर्मू,चंद्रमणीदेवी,सरितादेवी,फुलवतीदेवी,प्रमीलादेवीसहितदर्जनोंविधवामहिलाएंकिसीप्रकारसिरपरछप्परडालकरअपनागुजाराकररहीहै।जनप्रतिनिधिभीइनअसहायविधवाओंकीसमस्याओंकोनहींसुनतेहैं।इनमेंसेकईमहिलाओंनेआवासयोजनाकेलिएआवेदनभीदिलवाया।लेकिनआजतकआवासयोजनाकेलिस्टमेंइनमहिलाओंकानामलाभुकोंमेंनहींआया।

फूसकीझोपड़ीमेंकटरहीजिंदगी:मांझीटोलाकेगुरुप्रसादसाहवमरांगमयहांसदानेबतायाकिवेलोगकिसीप्रकारफूसकीझोपड़ीबनाकरगुजरबसरकररहेहैं।उनकोतीनबेटाथा।जिसमेंबड़ाबेटाअनिलसोरेनवतालाबेटासोरेनकमानेपरदेशगयाथा।जहांकोरोनाकालमेंउसकीमौतहोगई।घरमेंछोटाबेटासंतोषसोरेनहै।मजदूरीभीनहींमिलरहीहै।पेटभरनेमेंमशक्कतकरनीपड़रहीहै,तोघरकहांसेबनाएंगे।नोनियामरांडीनेबतायाकिकरीब12सालपहलेउसकेपतिबाबूजीसोरेनकीमौतहोगई।लेकिनअबतकनआवासयोजनाकालाभमिलाहै,नअन्यकिसीयोजनाकालाभमिलहै।सुरजमुनीमुर्मूनेबतायाकिउसकेपतिकादोसालपहलेदेहांतहोगया।कुछमाहपहलेविधवापेंशनमिलनाशुरूहुआहै।लेकिनपक्कीआवासनहीहोनेसेरहनेमेंकाफीपरेशानीहोरहीहै।