नशे के कारण मानव का जीवन मानसिक व शारीरिक रूप से हो जाता है बीमार : डा. सचिन

संसू,फारबिसगंज(अररिया):प्रजापिताब्रह्माकुमारीईश्वरीयविश्वविद्यालयशाखाफारबिसगंजकेछुआपट्टीस्थितओमशांतिकेंद्रमेंसंचालिकाबीकेरुकमादीदीकेद्वारामानवजीवनकेउत्थानकेलिएएकदिवसीयकार्यशालाकाआयोजनबुधवारकोप्रात:सत्रमेंकियागया।

कार्यशालामेंब्रह्माकुमारीकेसाथमुंबईसेडा.सचिनएवंडा.मनोजकेसाथबीकेमनोजभाईशामिलहुए।

पहलेसत्रमेंडा.सचिनकेद्वाराशिवबाबाकीनियमितमुरलीरूपीसंदेशकोसारगर्भितढंगसेवाचनएवंविश्लेषणकियागया।

उन्होंनेनशासेजीवनकिसतरीकेशारीरिकएवंमानसिकरूपसेबीमारपड़ताहैइसकीजानकारीदेतेहुएबतायाकिसामान्यधारणाकेतहतलोगपानबिड़ीसिगरेटगुटखाशराबकासेवनहींनशाकीलतसमझतेहै।जबकिसच्चाईमेंइसकेअलावानशेकीअन्यकईप्रकारकीश्रेणियांहोतीहैयथाकिसीकोधनकानशाहोताहैतोकिसीकोतनकानशाहोताहै।इसीप्रकारकिसीकोपावरकानशाहोताहैतोकिसीकोप्रतिष्ठाकानशाहोताहै।हालियादिनोंमेंलोगोंमेंमोबाइलएवंइंटर्नेटकानशाभीवृहतरूपसेमानवजीवनकोप्रभावितकरनेलगाहैजोखतरनाकलतहोचुकाहै।सारेवादविवादकीजड़मेंमूलत:नशाकाप्रभावकारीहोनाउन्होंनेबताया।उन्होंनेवादविवादकाखात्माजीवनमेंदोबातप्रथमधन्यवादएवंदूसराआशीर्वादशब्दकोधारणकरनेसेहोनेकीबातकही।

महाराष्ट्रसेहीआएडा.मनोजनेबतायाकिमानवजीवनकेलिएसर्वप्रथममनकिशांतिहोनाऔरतनकातंदूरुस्तहोनाआवश्यकहै।उन्होंनेकहाकिअतिशब्दसेलोगोंकोदूररहनाचाहिए।पूरेजीवनमेंसामंजस्यकीजरूरीकेलिएअहमकात्यागहोनाउन्होंनेजरूरीबताया।उन्होंनेध्यानकेजरिएलोगोंकोशांतिकासुखदअनुभवकराया।बीकेबिनोदकेद्वारामानवजीवनकेउत्थानकेलिएब्रह्माकुमारीकेसैकड़ोंकेंद्रोंकेद्वारादीजारहीसेवाकीजानकारीदी।डा.यूसीमंडलनेजीवनमेंव्याप्तकचरेकोअच्छीधाराकेजरिएसमाहितकरनेसेखत्महोनेकीबातकही।

कार्यक्रमसेपूर्वकेंद्रकीसंचालिकाबीकेरुकमादीदीकेद्वारासभीआगतअतिथितियोंकास्वागततिलकएवंपुष्पवर्षाकेसाथपरंपरागतढंगसेकिया।धन्यवादज्ञापनकरतेहुएअजातशत्रुअग्रवालनेकहाकिआजकायहसमयऐतिहासिकपलकेरूपमेंयादकियाजाएगाजिसेकभीभीकेंद्रकेद्वाराभुलायानहींजासकेगा।

मौकेपरमोतीलालशर्मा,रघुवीरअग्रवाल,कमलेशअग्रवाल,मदनमोहनमेहता,अशोकअग्रवाल,मदनमोहनकनौजिया,अशोकडाबरिवाला,सुनीलकेशरी,सिपल,सूर्यनारायण,विकास,मानिकसिंह,फूलकुमारी,ललिता,सिधु,मृदुला,शांति,आशा,उमा,अरुणा,बीकेसीता,संतोषीसमेतअन्यमौजूदथे।