नमो देव्यै, महा देव्यै: महामारी में भी रुचि सक्सेना ने नहीं छूटने दी लड़कियों की पढ़ाई

प्रियंकादुबेमेहता,गुरुग्राम

कोरोनामहामारीनेदुनियाकोजिसतरहप्रभावितकियाहै,उसमेंवंचितवर्गकाजीवनसबसेअधिकदुश्वाररहा।संकटकालमेंलोगोंकीनौकरियांगई,किराएकेआशियानेछिनगए।रोजमर्राकेखर्चकेलिएपाई-पाईकोमोहताजहुएलोगोंकोकुछमददगारोंकासंबलमिला,जिनसेउनकीपरेशानियांकमहुईं।इन्हींमेंसेएकहैंरुचिसक्सेना।पटौदीरोडकीरहनेवालीरुचिसमाजसेवीसंस्थासुधासोसायटीसेजुड़करकामकररहीहैं।संस्थाकेप्रोजेक्ट्सकेअलावारुचिनेउनलोगोंकीमददकीजोइसदौरानबच्चोंकीपढ़ाईकाखर्चवहनकरनेमेंअसमर्थहोगए।

खासकरबेटियोंकीशिक्षाकेलिएकामकररहीरुचिनेतयकियाकिवेसंकटकालमेंइनकासहाराबनेंगी।ऐसेमेंउन्होंनेलोगोंकीमददसेकमजोरतबकेकेलोगोंसेसंपर्ककिया।उनकीसमस्याएंजानींऔरपतालगायाकिकहींइसदौरानबेटियोंकीपढ़ाईतोबंदनहींहोरहीहै।उन्हेंआसपासकीझुग्गियोंमेंरहनेवालीऐसी18लड़कियांमिलींजिनकेमाता-पितानेपढ़ाईछुड़ानेकाफैसलाकरलियाथा।उन्होंनेइसबच्चियोंकासालभरकाखर्चउठायाऔरइनकेमाता-पिताकोहरहालमेंपढ़ानेकेबारेमेंजागरूककिया।रुचिकालक्ष्यहैकिकमसेकम121ऐसीलड़कियोंकोशिक्षासेजोड़ेंगीजोआर्थिकतंगीकीवजहसेपढ़ाईनहींकरपारहीहैं।

रुचिकेमनमेंसमाजकेप्रतिदायित्वोंकाबोधपहलेसेथालेकिनफैशनइंडस्ट्रीसेजुड़ेहोनेकेकारणउन्हेंवक्तनहींमिलपाताथा।जून2020मेंउन्होंनेनौकरीछोड़ीऔरसुधासोसायटीकामंचमिलातोउन्होंनेपहलेदिनसेइतनाकामकियाकितीनमहीनेमेंउन्हेंइसकाअध्यक्षबनादियागया।पारिवारिकजीवनकीपरेशानियोंसेजूझतेहुएउन्होंनेदेखाकिमुश्किलेंकिसतरहमनोबलगिरादेतीहैं।ऐसेमेंउन्होंनेदूसरोंकेदर्दकोअपनासमझनाशुरूकियाऔरसमाजसेवामेंजुटगईं।मांशैलसक्सेनाऔरपिताडा.उमेशचंद्रहमेशाउन्हेंप्रेरितकरतेहैं।