नए पाठ्यक्रम की किताबें न मिलने से परेशानी

गोंडा:लॉकडाउनमेंढीलकेबादकॉपी-किताबोंकीबिक्रीशुरूहोगईहै।हालांकिअभीस्कूलोंकेनएपाट्यक्रमकीपुस्तकेंनहींमिलपारहीहैं।इससेपरेशानीहोरहीहै।

कोरोनावायरसकेदुष्प्रभावसेबचावकेलिएस्कूलबंदहैं।लेकिन,बच्चोंकीशिक्षाकोलेकरऑनलाइनपढ़ाईशुरूकीगईहै।छात्रोंकोबिनापरीक्षाहीअगलीकक्षामेंप्रोन्नतकरदियागयाहै।ऐसेमेंपुरानीकिताबोंसेपढ़ाईनहींकीजासकतीहै।इसकोलेकरअबबाजारखुलनेकेबादअभिभावककिताबोंकीखरीदारीकरनेलगेहैं,जिससेबच्चोंकीशिक्षाप्रभावितनहो।शहरकेएलबीएसचौहारासेलेकरमालवीयनगरवचौकबाजारमेंकिताबदुकानोंपरअभिभावकपाठ्य-पुस्तकोंकीखरीदारीकरतेदिखाईपड़े।हालांकि,अभीसभीकिताबेंनहींमिलपारहीहैं।इससेथोड़ीपरेशानीहोरहीहै।आरहीकिताबोंकीखेप

-बेसिकशिक्षाविभागकेपरिषदीयस्कूलोंमेंअध्ययनरतछात्रोंमेंनिश्शुल्कवितरितकरनेकेलिएकिताबोंकीखेपआनीशुरूहोगईहै।अबतकएकलाखकिताबेंआचुकीहैं।फिलहाल,स्कूलबंदहोनेसेइनकोगोदाममेंरखवादियागयाहै।बीएसएडॉ.इंद्रजीतप्रजापतिनेबतायाकिकिताबोंकेवितरणकोलेकरप्रबंधकियाजारहाहै।