मुफ्त लड़ते थे गरीबों के केस, दलितों को दिलाया पानी भरने का हक

जागरणसंवाददाता,करनाल:हरियाणाकेगांधीकहलानेवालेस्वतंत्रतासेनानीबाबूमूलचंदजैनकीपुण्यतिथि12सितंबरकोहै।वहऐसेमहानशख्सथे,जोगरीबोंऔरभूमिहीनकिसानोंसेजुड़ेमामलोंमेंमुफ्तवकालतकरतेथे।उन्होंनेस्वतंत्रताआंदोलनमेंहिस्सालिया,जेलेंकाटीं।आजादीकेबादविधानसभावलोकसभासदस्यऔरकैबिनेटमंत्रीबने।दलितोंकोउच्चवर्गकेकुएंसेपानीदिलानेकेलिएउन्होंनेपुरजोरसंघर्षकियाऔरऐसाकराकरहीमाने।बाबूमूलचंदकाजन्म20अगस्त,1915कोगोहानाकेगांवसिकंदरपुरमाजरामेंहुआथा।हिन्दीप्राध्यापकअरुणकुमारकैहरबाबतातेहैंकिवहमौजूदाशैक्षिकढांचेमेंव्यापकबदलावकेपक्षधरथे।1989मेंउनकेप्रयासोंसेसरकारनेसार्वजनिकपुस्तकालयअधिनियमबनाया।बाबूजीकेभतीजेहरीशचंद्रजैनबतातेहैंकिउनकेकार्योंसेप्रेरणालेकरलालामुरारीलालमूलचंदजैनचैरिटेबलट्रस्टसामाजिकभलाईमेंअनवरतसक्रियहै।------------------------

गरीब,मुजारोंऔरदलितोंकेहमदर्द

बाबूमूलचंदगरीबोंवमुजारोंकीवकालतमुफ्तकरतेथे।1948से1952तकसाप्ताहिकसमाचार-पत्रबलिदानमेंउन्होंनेइनवर्गोंकेलिएखूबलिखा।उन्होंनेभूमिहीनमुजारोंको5-5एकड़भूमिदिलवानेकेलिएआंदोलनकिया।वहछूआछूतसमाप्तकरनाचाहतेथे।गांवमेंउच्चवर्गकेकुएंसेदलितोंकोपानीभरनेनहींदियाजातातोउन्होंनेसंघर्षकियाऔरयहहकदिलाकरहीदमलिया।-----------------

मूर्तिकाअनावरणआज

12सितंबर1997कोकरनालमेंउनकादेहांतहुआ।अगस्त2015मेंहरियाणासरकारनेकरनालआइटीआइकानामबाबूमूलचन्दजैनआइटीआइरखा।12सितंबरकोयहांउनकीमूर्तिकाअनावरणउपायुक्तनिशांतयादवकरेंगे।