मनुष्य को अपनी जीवन शैली में करना होगा परिवर्तन

संवादसहयोगी,टोहाना:

प्रजापिताब्रहमाकुमारीईश्वरीयविश्वविद्यालयमेंविश्वह्दयदिवसपरकार्यक्रमकाआयोजनकियागया।जिसमेंमुख्यरूपसेसेवानिवृत्तएसएमओडा.सतीशगर्गनेशिरकतकी।जबकिविशिष्टअतिथिकेतौरपरनेत्ररोगविशेषज्ञडा.राजनगुप्तातथामुख्यवक्ताकेरूपमेंहृदयरोगविशेषज्ञाडा.सुनीतागुप्ताउपस्थितहुई।

सेंटरइंचार्जबीकेवंदनाकीअध्यक्षतामेंआयोजितइसकार्यक्रममेंडॉ.सुनीतागुप्तानेकहाकिविश्वमेंहृदयरोगसेमरनेवालोंकीसंख्याएककरोड़सेअधिकपहुंचचुकीहै।उन्होंनेकहाकिवर्तमानमेंहोनेवालीमौतोंकेआंकड़ोंमेंएकतिहाईहृदयघातसेहोरहीहै,जिसकामुख्यकारणखान-पान,रहन-सहनवमनुष्यकीजीवनशैलीहै।उन्होंनेकहाकिइनरोगोंसेबचनेकेलिएसंतुलितआहारजिसमेंफल,अंकुरितअनाज,मूंग,चनावमेथीतथानाश्तेकोफेटसेरहितकरे।उन्होंनेबतायाकिदोपहरकेभोजनसेपूर्वअच्छीमात्रामेंसलादले,तला,भूना,भोजन,फास्टफूडकात्यागकरें।उन्होंनेबतायाकिनमककोकममात्रामेंखाएतथाप्रतिदिनआधाघंटाव्यायामजरूरकरे।बीकेकौशल्यानेसभीकोराजयोगकाअभ्यासकरवाया।डा.सतीशगर्गनेकहाकिसंस्थानद्वाराऐसाकार्यकरनासराहनीयहै।इसअवसरपरमदनलालधमीजा,रामलालपाहवा,नरेशजैन,तनुजगोयल,ब्रजेशपाहवा,संजीवपाहवा,राजकुमार,राजवर्माआदिउपस्थितथे।