महामारी में टूटा हौंसला तो फौलाद बन निकले गजेंद्र, पढ़ें प्रेरणादायक स्टोरी

नोएडा,जागरणसंवाददाता। कोरोनाकालमें13वर्षोंसेचलीआरहीनौकरीकेअचानकजानेकीघटनानेदिव्यांगगजेंद्रपालकोअंदरतकझकझोड़दिया।इसकेबादउन्होंनेखुदकोसाबितकरनेकीठानी।इसीदौरानपैरालिंपिकमेंदेशकेदिव्यांगखिलाड़ियोंकेदमखमनेउनकाहौंसलाबढ़ाया।उम्मीदकीएकनईकिरणमिलीऔरउन्होंनेभीखुदकीपहचानबनानेकेलिएप्रैक्टिसशुरूकरदी।इसमेंमेहनतकेसाथकिस्मतनेभीसाथदियाऔरपहलीबारमेंहीराष्ट्रीयचैंपियनशिपमेंप्रतिभागकरपदकभीअपनेनामकिया।

ग्रेटरनोएडाकेलुकशरगांवकेरहनेवालेगजेंद्रनेबतायाकि2009मेंवहरीढ़कीहड्डीमेंचोटकेबादपैरालिसिसकीचपेटमेंआगगए।वहचलनहींपातेहैं।इसकेबादउन्होंनेएकनिजीकंपनीमेंनौकरीशुरूकी।तबसेवहींपरकामकररहेथे,लेकिनकोरोनामहामारीकेदौरानउनकीनौकरीचलीगई।उन्होंनेकभीसोचाभीनहींथाकिऐसाहोसकताहै।

इसघटनानेउनकोबुरीतरहआहतकिया।कुछदिनपरेशानरहनेकेबादउन्होंनेखेलोंमेंजानेकानिर्णयलियाऔरग्रेटरनोएडाकीएकएकेडमीमेंप्रशिक्षणशुरूकिया।सहीप्रशिक्षणऔरमेहनतकेदमपरउन्होंनेराष्ट्रीयचैंपियनशिपकेलिएक्वालिफाईकिया।उड़ीसाकेभुवनेश्वरमेंबृहस्पतिवारकोसंपन्नहुईराष्ट्रीयपैराचैंपियनशिपमेंउन्होंनेएफ54वर्गमेंचक्काफेंकमेंरजतपदकजीताहै।साथअक्टूबरमेंप्रस्तावितपैराएशियनगेम्सकाभीटिकटहासिलकरलियाहै।

कोचनेनिभाईअहमभूमिका

गजेंद्रपालनेबतायाकिउनकेपैराखेलोंमेंआनेमेंउनकीकोचऔरपैराएथलीटसुवर्णाराजकीअहमभूमिकारही।जबउन्होंनेइसदिशामेंबढ़नेकाफैसलालियावहसुवर्णाराजकेमेहनतऔरप्रोत्साहनसेसहीहोपाया।सहीदिशामेंमेहनतकेकारणभीपहलीबारमेंराष्ट्रीयस्तरपरपहुंचनेमेंसफलरहे।सुवर्णाराजभीराष्ट्रीयस्तरपरपैराएथलीटहैं।उन्होंनेभीराष्ट्रीयप्रतियोगितामेंरजतपदकजीतकरपैराएशियनगेम्सकेलिएक्वालिफाईकियाहै।वहपैराखेलोंकीएकेडमीभीचलातीहै।