मांसाहार और नशीले पदार्थो के सेवन से मनुष्यों में बढ़ रही हिसक प्रवृत्ति

संवादसहयोगी,रसूलाबाद:मांसाहारवशराबजैसेनशोंकेसेवनसेमनुष्यमेंहिसात्मकप्रवृत्तिबढ़रहीहै,जिसकेपरिणामस्वरूपअपराधबढ़रहेहैं।मानवकोचाहिएकिभजन,भक्तिकरें,यहीजीवनकासारहै।तभीअनमोलमानवतनपानेकाउद्देश्यपूराहोसकेगा।लालाभगतगांवमेंशनिवारकोजयगुरुदेवसत्संगसमारोहमेंपधारेबाबाजयगुरुदेवकेउत्तराधिकारीपंकजमहाराजनेप्रवचनमेंकही।

26दिवसीयशाकाहार-सदाचार,मद्यनिषेधयात्राकेदौरानवहपहुंचे।उन्होंनेकहाहमारेगुरुमहाराजबाबाजयगुरुदेवजीमहाराजनेलोगोंकोप्रभुकेभजन-भक्तिमेंलगानेवअच्छेसमाजकेनिर्माणकेलिएअपनेजीवनमेंअथकपरिश्रमकिया।उन्होंनेकहाकिहमहिदू,मुसलमान,सिख,ईसाईसभीसेअपीलकरतेहैंआपशाकाहारीबनें,नशेकापरित्यागकरें।उन्होंनेकहाकिकिसीपूजापद्धतियाकर्मकांडकीनिदा,आलोचनानहींकरता,लेकिनजीवात्माओंकेहितकेलियेसत्यकहनापड़ताहै।संतोंकीशरणसेहीजीवोंकोमुक्तिमिलतीहै।11से15दिसंबरतकजयगुरुदेवआश्रममथुरामेंआयोजितहोनेवालेपूज्यपादस्वामीघूरेलालजीमहाराज'दादागुरुजी'के73वेंवार्षिकभंडारासत्संग-मेलामेंदया,दुआ,आशीर्वादपानेकाआमंत्रणदिया।रघुबीरसिंह,रामसिंह,गेंदालाल,घनश्यामशर्मा,कमलेशदिवाकर,डा.दिनेश,चुन्नुलाल,रवियादव,रामनरेश,नत्थूलालयादव,बाबूरामयादव,संतरामचौधरी,मृत्युंजयझारहे।सत्संगकेबादजनजागरणयात्राअपनेअगलेपड़ावतेराजाकेटजिलाकन्नौजकेलिएप्रस्थानकरगई।