लोभ छोड़ गुणों से मित्रता करें: साध्वी सुनीता

जासं,मौड़मंडी:जैनभारतीसुशीलकुमारीमहाराजकीशिष्यासाध्वीडा.सुनीतानेधर्मसभाकोसंबोधितकरतेहुएकहाव्यक्तिकोजैसे-जैसेलाभहोताहैवैसेवैसेउसकालोभबढ़ताजाताहै।यहीलोभएकदिनइच्छाऔरइच्छाऔरफिरतृष्णामेंबदलजाताहै।इन्हींअनगिनतकामनाओंकेबादलकोछांटनेकेलिएशौचधर्मपवनकाकामकरताहै।ऐसेलोभसेमित्रताछोड़करस्वयंकेगुणोंकीमित्रताकरें।

उन्होंनेकहाह्रदयमेंसंतोषभावरखकर,धन,विषयभोगोंकात्यागकरनाचाहिए,जिसमेंसफाईशुद्धताकाध्यानरखाजाताहै।यहसफाईशुद्धतासिर्फबाहरकीहीनहींअंदरकीभीकरनीपड़तीहै।साध्वीशुभितामहाराजनेकहाकिव्यक्तिकोसंतोषरूपीजलसेमनकोपवित्रकरनाचाहिए।विनयगुणसेमहानबनताहैमनुष्य:डा.राजेंद्रमुनिजैनसभाकेप्रवचनहालमेंआयोजितभक्तामरअनुष्ठानमेंभगवानआदिनाथकीस्तुतिपरविवेचनाकीगई।

इसदौरानजैनसंतडा.राजेंद्रमुनिनेबतायाकिआदिनाथभगवानजैनधर्मकेइसकालकेधर्मकीस्थापनाकरनेवालेहैं।उनकेद्वाराकीगईजपतपकीसाधनाआजकेयुगमेंसभीकोमहानप्रेरणाप्रदानकररहीहै।तीर्थंकरबनकरउन्होंनेअहिसासत्यब्रह्मचर्यअपरिग्रहकास्वरूपसमझाया।उपदेशदेनेमात्रसेजीवकाकल्याणनहींहोता।जबतकउसउपदेशकोजीवनमेंआत्मसातधारणनहींकियाजाता।जैनधर्मनेआचरणकोहीधर्मस्वीकाराहै।आचार्यमानतुंगजीख्यातिप्राप्तविद्वानथे।अनेकविधाओंकेज्ञाताथेफिरभीवेअपनेआपकोलघुवछोटाबताकरउनमहापुरुषोंकीसाधनाकोउत्कृष्टमानतेहैं।उन्होंनेबतायाकिविनयगुणसेधर्मकीपहचानहोतीहै।हरकार्यमेंबड़ीवस्तुएंहीकाममेंनहींआतीं।सुईकीजगहतलवारकामनहींकरपाती।घरपरिवारसमाजमेंछोटोंकोलेकरचलनेवालाहीमुखियाबनसकताहै।

साहित्यकारसुरेंद्रमुनिद्वारासंपूर्णविधिविधानकेसाथभक्तामरप्रार्थनाकीगई।महामंत्रीउमेशजैन,प्रधानमहेशजैन,पुरुषोत्तमजैन,शिवकुमारजैनएवंप्रमोदजैनआदिनेतपस्विनीविनितादेवीकास्वागतमहिलामंडलवयुवतीसंघसेसम्पन्नकरवाया।विनीताबहननेसिर्फगर्मजलकेआधारपर11व्रतोंकीतपस्याकरकेअपनेपरिवारवसमाजकामानबढ़ाया।