क्षेत्रीय शांति के लिए विश्वास, गैर-आक्रामकता और मतभेदों का शांतिपूर्ण समाधान महत्वपूर्ण :राजनाथ

मास्को,चारसितंबर(भाषा)रक्षामंत्रीराजनाथसिंहनेशुक्रवारकोकहाकिएससीओक्षेत्रमेंशांतिऔरसुरक्षाकेलिएविश्वासकामाहौल,गैर-आक्रामकता,अंतरराष्ट्रीयनियमोंकेप्रतिसम्मानतथामतभेदोंकाशांतिपूर्णसमाधानजरूरीहै।उनकेइसबयानकोपूर्वीलद्दाखमेंभारतकेसाथसीमाविवादमेंसंलिप्तचीनकोपरोक्षसंदेशकेतौरपरदेखाजारहाहै।रूसकीराजधानीमेंशंघाईसहयोगसंगठन(एससीओ)केएकमंत्रीस्तरीयसम्मेलनकोसंबोधितकरतेहुएसिंहनेद्वितीयविश्वयुद्धकाभीउल्लेखकियाऔरकहाकिउसकीस्मृतियांदुनियाकोसबकदेतीहैंकिएकदेशकीदूसरेदेशपर‘आक्रमणकीअज्ञानता’सभीकेलिएविनाशलातीहैं।भारतऔरचीनदोनोंहीदेशआठसदस्यीयक्षेत्रीयसमूहकाहिस्साहैंजोमुख्यरूपसेसुरक्षाऔररक्षासेजुड़ेमुद्दोंपरध्यानदेताहै।सिंहनेकहा,‘‘एससीओकेसदस्यदेशों,जहांदुनियाकी40प्रतिशतसेअधिकआबादीरहतीहै,केशांतिपूर्ण,स्थिरऔरसुरक्षितक्षेत्रकेलिएविश्वासऔरसहयोग,गैर-आक्रामकता,अंतरराष्ट्रीयनियम-कायदोंकेलिएसम्मान,एकदूसरेकेहितोंकेप्रतिसंवेदनशीलतातथामतभेदोंकेशांतिपूर्णसमाधानकीजरूरतहै।’’उन्होंनेयेबयानचीनकेरक्षामंत्रीजनरलवेइफेंगहेकीमौजूदगीमेंदिये।पूर्वीलद्दाखक्षेत्रमेंकईजगहोंपरभारतऔरचीनकेसैनिकोंकेबीचचारमहीनेसेगतिरोधकीस्थितिहै।पांचदिनपहलेचीननेपैंगोंगझीलकेदक्षिणीतटीयक्षेत्रमेंभारतीयक्षेत्रपरकब्जाकरनेकीअसफलकोशिशकीथीजिसकेबादतनावऔरबढ़गया।सिंहनेकहा,‘‘इससालद्वितीयविश्वयुद्धकीसमाप्तिऔरसंयुक्तराष्ट्रकीस्थापनाकी75वींवर्षगांठहै।संयुक्तराष्ट्रएकशांतिपूर्णदुनियाकोआधारप्रदानकरताहैजहांअंतरराष्ट्रीयकानूनोंतथादेशोंकीसंप्रभुताकासम्मानकियाजाताहैएवंदेशदूसरेदेशोंपरएकपक्षीयतरीकेसेआक्रमणकरनेसेबचतेहैं।’’रक्षामंत्रीनेआतंकवादऔरउग्रवादकेखतरोंकीभीबातकीऔरइनचुनौतियोंसेनिपटनेकेलिएसंस्थागतक्षमताविकसितकरनेकीवकालतकी।उन्होंनेकहाकिभारतहरतरहकेआतंकवादकीऔरइसकीहिमायतकरनेवालोंकीस्पष्टतरीकेसेनिंदाकरताहै।उन्होंनेकहाकिभारतएससीओकेक्षेत्रीयआतंकवादनिरोधकढांचे(आरएटीएस)केकामकोअहमियतदेताहै।उन्होंनेकहाकिभारतवैश्विकसुरक्षाढांचेकेविकासकेलिएप्रतिबद्धहैजोखुला,पारदर्शी,समावेशी,नियमआधारिततथाअंतरराष्ट्रीयकानूनोंकेदायरेमेंकामकरनेवालाहोगा।’’सिंहनेफारसकीखाड़ीक्षेत्रकेहालातपरभीगहनचिंताजताई।उन्होंनेकहा,‘‘भारतकेखाड़ीकेसभीदेशोंकेसाथसभ्यतातथासंस्कृतिकेमहत्वपूर्णहितऔरसंपर्कहैं।हमक्षेत्रकेदेशों,जोभारतकेमित्रहैं,काआह्वानकरतेहैंकिआपसीसम्मान,संप्रभुताऔरएकदूसरेकेआंतरिकमामलोंमेंहस्तक्षेपनकरनेकेआधारपरसंवादकेमाध्यमसेमतभेदसुलझाएं।’’अफगानिस्तानकेहालातकाजिक्रकरतेहुएसिंहनेकहाकिदेशमेंसुरक्षास्थितिचिंताकाविषयबनीहुईहै।उन्होंनेकहा,‘‘भारतअफगान-नीत,अफगानिस्तानकेस्वामित्ववालीतथाअफगाननियंत्रितसमावेशीशांतिप्रक्रियाकेलिएअफगानिस्तानकीजनताऔरसरकारकेप्रयासोंकासमर्थनकरतारहेगा।’’फरवरीमेंअमेरिकाकेतालिबानकेसाथशांतिसमझौताकरनेकेबादसेभारत,अफगानिस्तानकेराजनीतिकहालातपरलगातारनजररखरहाहै।इससमझौतेकेतहतअफगानिस्तानसेअमेरिकीसैनिकोंकीवापसीहोनीहै।सिंहनेएससीओकेअफगानिस्तानसंपर्कसमूहकीप्रशंसाकरतेहुएकहाकिसदस्यदेशोंकेबीचजानकारीकाआदान-प्रदानकरनेकेलिएयहउपयोगीहै।एससीओकेआठसदस्यदेशोंमें-भारत,कजाकिस्तान,चीन,किर्गिस्तान,पाकिस्तान,रूस,ताजिकिस्तानतथाउज्बेकिस्तानहैं।अफगानिस्तानमेंशांतिऔरसुलहकीप्रक्रियामेंभारतएकअहमपक्षकारहै।सिंहनेवार्षिकआतंकवादनिरोधकअभ्यास‘पीसमिशन’आयोजितकरनेकेलिएरूसकाशुक्रियाभीअदाकिया।उन्होंनेकहाकिइसअभियाननेरक्षाबलोंकेबीचविश्वासपैदाकरनेतथाअनुभवसाझाकरनेमेंयोगदानदियाहै।कोरोनावायरसमहामारीकेसंदर्भमेंउन्होंनेकहाकिइसनेदुनियाकोअहसासकरायाकिमानवजातिकोप्रकृतिकेप्रकोपकोकमकरनेकेलिएमतभेदोंकोभुलानाचाहिए।उन्होंनेकहा,‘‘हमस्पुतनिकवीटीकेकीपहलकेलिएरूसीवैज्ञानिकोंऔरस्वास्थ्यकर्मियोंकीप्रशंसाकरतेहैं।’’