करतारपुर कॉरिडोर से पिघलेगी भारत-पाकिस्तान में रिश्तों पर जमी बर्फ

नोएडा[विजयतिवारी]। भारत-पाकिस्तानकोजोड़नेवालाकरतारपुरकॉरिडोरदोनोंदेशोंकेरिश्तोंपरजमीबर्फकोपिघलानेकाकामकरेगी।इसकॉरिडोरकेखुलनेसेदोनोंमुल्कोंकेलोगोंकेबीचकला-संस्कृतिकीसाझीविरासतकोबढ़ावामिलेगा,वहींदशकोंसेखराबराजनीतिकऔरकूटनीतिकरिश्तोंमेंगर्माहटआएगी।आस्थाकेलिहाजसेभारतकायहनिर्णयसाहसिकहै।हां,सामरिकदृष्टिसेहमेंऔरसचेतरहनेकीजरूरतहै।यहकहनाहैलेफ्टिनेंटजनरल(रिटायर्ड)गुरमीतसिंहका।

नोएडास्थितदैनिकजागरणकेकार्यालयमेंसोमवारको‘क्याकरतारपुरकॉरिडोरभारत-पाकमेंदोस्तीबढ़ासकताहै’विषयपरआयोजितसंगोष्ठीमेंउन्होंनेबेबाकीसेअपनीरायरखी।पंजाबकेगुरदासपुरजिलेमेंडेराबाबानानकसेलेकरपाकिस्तानसेसटीअंतरराष्ट्रीयसीमातककरतारपुरकॉरिडोरकानिर्माणकररहाहै।इसकेबाददोनोंदेशोंकेश्रद्धालुओंकेलिएइसकेदरवाजेखोलदिएजाएंगे।येकॉरिडोरशांतिकानयासेतुबनसकताहै।इससेपाकिस्तानमेंरावीनदीकेतटपरस्थितगुरुद्वाराकरतारपुरसाहिबजानेवालेसिखश्रद्धालुओंकोसुविधामिलेगी।यहवहीजगहहैजहांगुरुनानकदेवने18बरसगुजारेथे।

धर्म-आस्थाकोराजनीतिसेनजोड़ें

सेनामें40वर्षकीसेवादेचुकेगुरमीतसिंहकाकहनाहैकिआस्थाऔरराजनीतिकोअलगहीरखनाचाहिए।गलियाराखोलेजानेकोलेकरचलरहीबयानबाजीपरउन्होंनेकहाकिदोनोंअलगहीविषयहै।यहदेशके12करोड़सिखश्रद्धालुओंकीआस्थाकासवालहै।केंद्रकीयहसार्थकपहलहै।इसकोराजनीतिसेनजोड़ाजाए।उन्होंनेइसपरजोरदियाकिदेशकीसीमाओंवआतंरिकसुरक्षाव्यवस्थाचाक-चौबंदहोनीचाहिए।

दिलकीदूरियांभीकमहोंगी

दोबारएडीजी(मिलिट्रीऑपरेशन)कीहैसियतसेपाकिस्तानऔरसातबारसरहदमसलेपरचीनजाचुकेगुरमीतसिंहनेकरतारपुरकॉरिडोरखुलनेसेलोगोंकेबीचदूरियांकमहोंगी।कॉरिडोरकेजरियेमात्रसाढ़ेतीनकिलोमीटरकीदूरीतयकरनीहोगी,जबकिइससेपहलेलाहौरकेजरियेश्रद्धालुओंको120किलोमीटरकीदूरीतयकरनीपड़तीथी।इससेपर्यटनकोभीबढ़ावामिलेगा।

कॉरिडोरकामामलापुराना,अबमिलीपहचान

परमविशिष्टसेवामेडल,अतिविशिष्टसेवामेडल,राष्ट्रपतिसेसम्मानितगुरमीतसिंहनेकहाकिकॉरिडोरखोलनेकामामलापूर्वप्रधानमंत्रीअटलबिहारीवाजपेयीकीलाहौरयात्रकेदौरान1999सेहीचलरहाथा,लेकिनअबइसकोपहचानमिली।उन्होंनेपहलकोसकारात्मकबतातेहुएमोदीकेउसबयानकासमर्थनकिया,जिसमेंउन्होंनेकहाथाकिजबबर्लिनकीदीवारढहसकतीहै,उत्तरकोरियाऔरदक्षिणकोरियाकरीबआसकतेहैंतोभारत-पाकक्योंनहीं।

लकीरोंसेबांटदियागुरुद्वारा

उन्होंनेकहाकिअंग्रेजोंकीखींचीगईरेडक्लिफरेखानेदोनोंमुल्कोंकेबीचआस्थाकेकेंद्रगुरुद्वारेकोबांटदिया।अबदोबारासंवादकायमहोगा।उन्होंनेकहाकिहमेंविश्वमहाशक्तिबननाहै।दुनियाहमारीओरदेखरहीहै।अंतरिक्षमेंहमझंडेगाड़रहेहैं।ऐसेमेंहमेंहरमामलेमेंखुदकोपाकिस्तानसेतुलनानकरकेआगेकीओरसोचनाहोगा।

चुनौतियांभीकमनहीं,सतर्कताकीजरूरत

उन्होंनेकहाकिकॉरिडोरकेखुलनेसेभारतकेलिएसुरक्षाकीदृष्टिसेचुनौतियांऔरबढ़जाएंगी।कुछखालिस्तानसमर्थकोंकानेटवर्कअबभीदेश-विदेशमेंचलरहाहै।हालांकि,1984मेंहीइससंगठनकोकुचलदियागयाथा,लेकिनअबभीदेश-विदेशमेंइसकेसदस्योंकीसक्रियताहै।दूसरीओर,हालहीमेंअमृतसरब्लास्टभीइसओरध्यानदेनेपरमजबूरकरताहैकिहमेंसुरक्षाव्यवस्थाकेप्रतिचौकसरहनाहोगा।

इनबिंदुओंपरदियाजोर