कोविड-19 जैसी महामारी जीवन में नहीं देखी : डॉ कूवाडिया

(फाकिरहुसैन)जोहानिसबर्ग,12अप्रैल(भाषा)भारतीयमूलकेप्रख्यातदक्षिणअफ्रीकीशिक्षाविद्प्रोफेसरहुसैनमोहम्मद‘जेरी’कूवाडियानेकहाहैकिकोविड-19जैसीमहामारीउन्होंनेअपनेछहदशककेकार्यकालमेंकभीनहींदेखी।डॉकूवाडियाअपनीपुस्तक‘पीडिएट्रिक्सएंडचाइल्डहेल्थ’केसातवेंसंस्करणकेविमोचनकेबादडरबनमेंअपनेआवासमेंबातचीतकेदौरानयहबातकही।डॉकूवाडियानेसाप्ताहिक‘सैटरडेइंडिपेंडट’कोबतायाकिउन्हेंऔरउनकीपत्नीडॉजुबीहामिदकोसंक्रमणसेबचावकेलिएटीकालगचुकाहै।उन्होंनेकहा,‘‘कोरोनावायरसलंबेसमयसेमौजूदथालेकिनमैंनेकोविड-19जैसीबीमारीकभीनहींदेखी।’’जॉनहॉप्किन्सविश्वविद्यालयकेअनुसार,दक्षिणअफ्रीकामेंसंक्रमणके1,557,527मामलेहैंऔरइससे53,256लोगोंकीमौतहोचुकीहै।कूवाडियाकोमांसेबच्चेकोएचआईवी/एड्सहोनेसंबंधीउनकेअहमशोधकेलिएदुनियाभरमेंजानाजाताहै।उन्होंनेकहाकिबच्चोंमेंकोविड-19काअसरहालांकिकमहीहोताहैलेकिनअगरबच्चोंमेंकिसीप्रकारीकीबीमारीमसलनउन्हेंतपेदिकहोतोस्थितिखराबहोसकतीहै।अपनीपुस्तककेसातवेंसंस्करणकेबारेमेंउन्होंनेकहाकि‘‘1984मेंहमारेपासजितनीकिताबें(चिकित्सासेजुड़ी)थींवेसारीअंग्रेजोंकीलिखीहुईथीं।विकासशीलदेशोंपरकोईपुस्तकनहींथी,जोखासतौरपरदक्षिणीअफ्रीकाकेबच्चोंकीबीमारियोंकोदूरकरनेमेंसहायकसाबितहोसके।’’कूवाडियानेकहा,‘‘यहींसेलिखनेकीशुरुआतहुई,लेकिनमुझेकहनाहैकियहसामूहिकप्रयासथाऔरमैंनेविभिन्नविश्वविद्यालयोंकेअपनेमित्रोंऔरसहयोगियोंसेशोधएकत्रकिए।’’कूवाडियानेचिकित्साकीडिग्रीमुंबईसेलीहै।