किसी प्राणी की हत्या करना सही नहीं है : दलाई लामा

दिरांग,:अरूणाचलप्रदेश:छहअप्रैल::तिब्बतकेआध्यात्मिकनेतादलाईलामानेकहाहैकिकिसीप्राणीकीहत्याकरनासहीनहींहै।उन्होंनेकलबोमडिलामेंएकसवालकेजवाबमेंकहा,बौद्धोंमेंबहुतसेलोगशाकाहारीहोतेहैंक्योंकिउनकामाननाहैकिकिसीप्राणीकीहत्याकरनागलतहै।उनसेपूछागयाथाकिक्याभारतमेंखानेकीआदतएकमुद्दाहोनाचाहिएऔरक्याबौद्धधर्मगैर-शाकाहारकासमर्थनकरेगा?उन्होंनेयहभीकहा,बौद्धलोगनशाकाहारीहैंऔरनहीमांसाहारीहैं।दलाईलामानेकहाकिभारतअबभीएकसर्वश्रेष्ठदेशहैजोधार्मिकसद्भावऔरसहिष्णुताकासमर्थनकरताहै।उन्होंनेकहाकिभारतसबसेज्यादाआबादीवालालोकतांत्रिकदेशहैजिसनेहजारोंवर्षोंसेमार्गदिखायाहै।उन्होंनेकहाकिधर्मकोदयालुतासिखानीचाहिए।आध्यात्मिकनेतानेकहा,मेराधर्मकरूणाहै।सभीधर्मोंमेंसद्भावकोबढ़ावादेनेकीव्यापकगुंजाइशहै।उन्होंनेकहाकिधर्मकेनामपरआतंकवादसेवहविक्षुब्धहैं।दलाईलामानेदेशमेंसंस्कृतकोप्रचलितकरनेकेभारतसरकारकेकदमकाभीसमर्थनकियाऔरकहाकिभारतकोप्राचीनग्यानपरअधिकध्यानदेनाचाहिए।उन्होंनेकहा,मैंप्राचीनभारतीयग्यानकाबहुतसम्मानकरताहूं।भारतीयोंकोप्राचीनग्यानऔरसमृद्धसंस्कृतपरंपरापरअधिकध्यानदेनाचाहिए।उन्होंनेकहाकितिब्बतीसंस्कृतकेकरीबहैऔरदोनोंएंदर्शनऔरआध्यात्मिकताकोसमझानेकेलिएआदर्शहैंं।दलाईलामानेकहा,मैंतिब्बतीमामलेकीराजनीतिकभूमिकासे2011मेंसेवानिवृत्तहोचुकाहूंऔरतबसेमेराफोकसतिब्बतीसंस्कृतिऔरकेसंरक्षणपरहै।