इंसानियत, ईमानदारी और सबको साथ लेकर चलने वाले नेता थे वाजपेयी

[स्वामिनाथनएसअंकलेसरियाअय्यर]अटलबिहारीवाजपेयीकोसबपसंदकरतेथे,उनकेविरोधीभी।कांग्रेसकेएकसांसदनेएकबारकहाथा,'वाजपेयीजीदेशकेसबसेअच्छेकांग्रेसमैनहैं।'धूर्तताऔरनफरतकोबढ़ावादेनेवालीभारतीयराजनीतिमेंवाजपेयीइंसानियत,ईमानदारीऔरसबकोसाथलेकरचलनेवालेनेताथे।वहअकेलेबीजेपीलीडरथे,जिसेबाबरीमस्जिदगिराएजानेसेवास्तवमेंदुखहुआथा।इसघटनाकेबादबीजेपीराजनीतिकतौरपरअछूतहोगईथी।इसीलिएउसे1996मेंगठबंधनसरकारबनानेकेलिएसहयोगीनहींमिले।यहवाजपेयीकीगरिमाऔरकिसीकोभीमनालेनेकाहुनरहीथा,जिससे1998मेंजॉर्जफर्नांडीसजैसेधुरविरोधीकोलेकरउन्होंनेगठबंधनसरकारबनाई।उन्होंनेयहभीसाबितकियाकिकेंद्रमेंबीजेपीकीसरकारहोनेपरदेशमेंसांप्रदायिकतनावकमहोसकताहै।2002कागुजरातदंगाउनकेरिकॉर्डमेंकिसीधब्बेकीतरहदर्जहै।अमेरिकाकेविरोधकोधताबताकरउन्होंनेपरमाणुपरीक्षणकिया,जिससेभारतन्यूक्लियरपावरबना।उन्होंनेसंघपरिवारकेस्वदेशीजागरणमंचऔरऐसीअन्यसंस्थाओंकेविरोधकेबावजूदउदारीकरणजारीरखा।वहजबसत्तामेंआएथे,तबएशियनफाइनेंशियलक्राइसिसकेचलतेभारतघुटनेटेकचुकाथा।6सालबादजबउन्होंनेकुर्सीछोड़ी,तबअर्थव्यवस्थाचमत्कारीबनचुकीथीऔरदेश8पर्सेंटकीग्रोथहासिलकरचुकाथा।इससेयहथ्योरीगलतसाबितहुईकिसिर्फतानाशाहीव्यवस्थामेंदेशतेजग्रोथहासिलकरसकताहै।वाजपेयीनेदिखायाकिलोकतांत्रिकदेशभीयहकमालकरसकतेहैं।उन्होंनेटेलीकॉमकोदेशकेसबसेतेजीसेबढ़नेवालेसेक्टरमेंबदलदिया,जिससेआखिरकारगरीबीरेखासेनीचेरहनेवालोंकेहाथमेंसस्तेमोबाइलफोनआए।स्वर्णिमचतुर्भुजयोजनाकेसाथइंफ्रास्ट्रक्चरपरजोरदेनेसेव्यापारऔरउद्योगकोबढ़ावामिला।उनकीप्रधानमंत्रीग्रामीणसड़कयोजनासेहरगांवकोपक्कीसड़केंमिलीं।वाजपेयीकेकार्यकालमेंभारतग्लोबलआईटीपावरबना।उन्होंनेइससेक्टरको10सालतकटैक्सछूटदेकरबढ़ावादिया।वाजपेयीमें'सरकारीसफेदहाथियों'केनिजीकरणकादमखमथा।अपनेकार्यकालमेंउन्होंनेइंपोर्टड्यूटीमेंलगातारकटौतीकीऔरविदेशीनिवेशकीबाधाएंहटाईं।यहकमालकीबातहैक्योंकिबीजेपीअंतर्मुखीपार्टीथीऔरवहमल्टीनेशनलकंपनियोंसेआशंकितथी।वाजपेयीनेपार्टीकोभारतीयबिजनेसपरभरोसाकरनेकेलिएमनाया।उन्हेंपताथाकिवेविदेशीप्रतिस्पर्धाकासामनाकरसकतेहैं।उन्हेंयकीनथाकिआगेचलकरयहीकंपनियांविदेशकीकंपनियोंकोखरीदकरमल्टीनेशनलबनजाएंगी।वाजपेयीमुश्किलदौरमेंदेशकेप्रधानमंत्रीरहे।1998-99मेंदेशकोएशियनफाइनेंशियलक्राइसिससेझटकालगा।साल2000मेंडॉटकॉमकाबुलबुलाफूटाऔर2001मेंवैश्विकमंदीआई।साल2000और2002मेंउनकेकार्यकालमेंदेशकोजबरदस्तसूखेकासामनाकरनापड़ा।इनवजहोंसेजीडीपीग्रोथबीच-बीचमेंकमहोतीरहीऔरउनकेकार्यकालकेआखिरीसालमेंहीयह8पर्सेंटपहुंची।वाजपेयीकोयहगलतफहमीहुईकिइसकीबदौलतवह'इंडियाशाइनिंग'केजरियेफिरसत्तामेंआजाएंगे।इससेभीबड़ीगलतीतमिलनाडुमेंडीएमकेकासाथछोड़करजयललिताकोपार्टनरबनानेकीरही।अगरवहडीएमकेकेसाथबनेरहतेतोउन्हें40सीटोंकाफायदाहोताऔरवहसत्तामेंलौटआते।वाजपेयीराजनीतिसेगरिमाकेसाथबाहरहुए।उन्हेंजोप्यारमिला,शायदहीआजकोईराजनेताउसकीबराबरीकरसकताहै।