गरीबों की सदैव आवाज रहे उत्कलमणि दास

जागरणसंवाददाता,भुवनेश्वर:उत्कलमणिपंडितगोपबंधुदासहमेशागरीबोंऔरबेसहारोंकीआवाजरहेऔरअपनेसमाचारपत्रकोभीवैसाहीबनाया।सेवाऔरशिक्षाकेक्षेत्रमेंउनकायोगदाननकेवलसराहनीयहैबल्किअनुकरणीयभीहै।गुरुदेवरवींद्रनाथटैगोरद्वारास्थापितशांतिनिकेतनसेप्रेरणालेकरउन्होंनेवनविद्यालयस्थापितकरनेकासपनादेखाऔरसत्यवादीवनविद्यालयकेनामसेशुरूभीकिया।उन्होंनेपत्रकारिताकोपंक्तिकेअंतिमव्यक्तिकीआवाजबनानेकेलिएसमाजशुरूकियाथा।यहबातउत्कलमणिगोपबंधुदासज्योतियात्राकेसमापनसमारोहमेंवक्ताओंनेकही।

राज्यपालप्रो.गणेशीलालनेकहाकिउत्कलमणिअपनेसीमितजीवनमेंभारतकेमहापुरुषोंमेंसेएकथे।उन्होंनेशिक्षाऔरछुआछूतकेलिएबहुतकामकिया।उन्होंनेयेकार्यमहात्मागांधीसेपहलेकिए।स्वास्थएवंपरिवारकल्याणमंत्रीप्रतापजेनानेकहाकिदेशकेलिएहमारेदायित्वकेनिर्वहनकेलिएज्योतियात्रासमाजकेलिएसंदेशहै।जेनानेकहाकिबकुलवनविद्यालयकामयाबलोगोंकीनर्सरीहै।

लोकसेवकमंडलकेअध्यक्षदीपकमालवीयनेकहाकिउत्कलमणिकात्यागहमारेजीवनकाआदर्शहोनाचाहिए।सचिवनिरंजनरथनेकहाकिपंडितगोपबंधुदासपारसमणिथे।उनकास्पर्शमात्रहीकिसीभीसंस्थावव्यक्तिकोबेशकीमतीबनादेताथा।उनकेआदर्शएवंमूल्यअनुकरणीयहैं।महाप्रबंधकप्रियव्रतमहांतीनेप्रगतिरिपोर्टसेअवगतकराया।संपादकबामापदत्रिपाठीनेधन्यवादज्ञापितकिया।