गृहस्थ जीवन में रहकर भी करें इंसानियत की सेवा

संवादसहयोगी,चंबा:निरंकारीमंडलकेसाप्ताहिकसत्संगमेंरविवारकोनिरंकारीमंडलकेप्रमुखमहात्मादुनीचंदनेमिशनकासंदेशदिया।उन्होंनेबतायाकिनकेवलपरमात्माकोजाननाबल्किपरमात्माकीमाननाभीजरूरीहै।परमात्माकीमाननेमेंतभीआनंदहैजबहमपरमात्माकोजानलेतेहैं।इसलिएकहागयाहैकिपहलेजानोफिरमानो।उन्होंनेबतायाकिपरमात्माकण-कणमेंव्याप्तहैं।इसकाबोधपूर्णगुरुद्वाराहीसंभवहै।मगरपरमात्माकेबोधकासहीआनंदतभीआताहैजबहमसतगुरुकेबताएरास्तेपरचलपाएं।उन्होंनेकहाकिसतगुरुकायहीसंदेशहैकिगृहस्थजीवनमेंरहकरहीइंसानियतकीसेवाकरें।दूसरोंकेदुखबांटें,वहींदूसरोंकीखुशीमेंभीसहभागीबनें।इससेपूर्वअन्यअनुयायियोंनेविचारोंऔरभजनोंसेनिरंकारीमिशनकाप्रचारएवंगुणगानकिया।सत्संगकेसमापनपरप्रसादभीबांटागया।