घर के आंगन से सड़क तक फैलाई हरियाली

आगरा,जागरणसंवाददाता।धरतीपरफैलीहरियाली,झूमरहीडाली-डाली.।लेखकसैय्यदाफरहतकीनज्मकीयेपंक्तियांअंकुशदेवकोप्रफुल्लितकरतीहैं।क्योंकिउनकेपदचिन्हभीअबधराकेश्रृंगारमेंबदलनेलगेहैं।उन्होंनेघरकेआंगनसेलेकरगलीऔरसड़ककिनारेतकप्रकृतिकोइसतरहफैलायहैकिराहगीरभीउसकालुत्फउठारहेहैं।

पथवारीनिवासीअंकुशदेव12वींकीपढ़ाईदौरानकभीभीजंगलमेंघूमनेनिकलजातेथे।प्रकृतिकोनिहारनेकेलिएकक्षाभीछोड़देतेथे।12वींपासकीतोएकनिजीकंपनीमेंनौकरीलगगई,लेकिनप्रकृतिसेलगावकेआगेउन्हेंयेसबथोड़ानजरआया।वर्ष2014मेंउन्होंनेनौकरीछोड़दी।फिरप्रकृतिप्रेमअंकुशकेसिरपरवानचढ़गयाऔरउन्होंनेपूरीजवानीधराकेश्रृंगारकेलिएन्यौछावरकरदी।अबउनकीमेहनतसफलताकीओरहै।ग्वालियररोडऔरछावनीक्षेत्रमेंउनकेद्वाराडालेगएबीजोंसेबनेपौधेकाफीबड़ेहोचुकेहैं।वेबतातेहैंकिउन्होंनेताजनेचरवाकमेंतितलियोंकीआबादीबढ़ानेकेलिएभीकामकियाहै।उन्होंनेआगरामेंविलुप्तहोती37प्रजातियोंकेपौधोंकोबचायाहै।बरसातकेमौसममेंडालतेहैंबीज

अंकुशदेवबरसातकेमौसममेंहरवक्तअपनेसाथसहजन,देसीबबूल,नीम,जामुनऔरखजूरकेबीजरखतेहैं।जहांसेगुजरतेहैं,वहींखालीजगहदेखकरबीजडालदेतेहैं।उन्होंनेसबसेज्यादाग्वालियररोडऔरछावनीक्षेत्र,सिकंदरामेंबीजडालेहैं।बीजसेउगेपौधेअबपेड़बननेकीओरअग्रसरहैं।इनपौधोंपरकियाकाम

कनकेरो(साइंटिफिकनाम-जिमनोस्पेरियासिनिगलनेनसिस),फाल्साग्रेवियाएशियटिका,ग्रेवियाफ्लेवोसेंस,लौबान,गुग्गुल,धौं(मथुराकेवृंदावनमेंमिलताहै),बारलेरियाप्लेनिट्स,फाइकसस्कूडा(कटगूलर),धवई,मिमोजाअमाटा(गुलाबीबबूल),दूधाखिरनी,ऊंटकटेली,इंद्रजौ,पत्थरचट्टा,अपराजिताआदिकेपौधेअंकुशदेवनेविभिन्नप्रदेशोंसेलाकरआगराकीधरतीपरलगाएहैं।