दुकान निर्माण व संचालन योजना में धन बाधक

जागरणसंवाददाता,कन्नौज:दिव्यांगजनसशक्तिकरणविभागकीदुकाननिर्माणवसंचालनयोजनाखुददिव्यांगहै।धनराशिकमहोनेकेकारणयोजनाकेप्रतिजरूरतमंदोंमेंरुचिनहींहै,जोधनराशिमिलतीहैउससेनिर्माणवसंचालनबेहदमुश्किलहै।हरवर्षकमलक्ष्यमिलनाभीयोजनाकोसफलबनानेमेंरोड़ाबनाहुआहै।लक्ष्यकेसापेक्षआवेदनभीउतनेहीआतेहैं।इसकारणलक्ष्यकादायरानहींबढ़पारहाहै।यदिआवेदनोंकीसंख्याबढ़ेतोलक्ष्यभीबढ़सकताहै।दिव्यांगजनसशक्तिकरणअधिकारीतनुजत्रिपाठीनेबतायाकिदिव्यांगोंकेलिएयोजनाअच्छीहै।ऐसेलोगोंमेंजागरुकतालाएंगे।निर्माणको20वसंचालनकेलिएदसहजार:

योजनाकेतहतदिव्यांगोंकोदुकाननिर्माणकेलिए20हजाररुपयेमिलतेहैं।इसमेंपांचहजारअनुदानमिलताहै,जबकि15हजाररुपयेवापसकरनेहोतेहैं,जिसपरब्याजदेयहोताहै।इसीतरहसंचालनकेलिएदसहजाररुपयेमेंसिर्फ2500रुपयेअनुदानमिलताहै।शेषधनराशिब्याजसमेतजमाकरनीहोतीहै।17में19आवेदन,68दबाएरकम:

इसवर्ष17दिव्यांगोंकोऋणदेनेकालक्ष्यमिलाहै,जिसमेंसिर्फ19आवेदनआएथे।दोआवेदनसत्यापनमेंनिरस्तहोगए।इसीतरहपिछलेवर्षनौलाभार्थियोंकोऋणवितरणकरनेकालक्ष्यथा,जिसमेंछहकोमिलाथा।वहीं,योजनाकेसंचालनहोनेसेअबतक68लाभार्थीऋणदबाएबैठेहैं,जिनसेवसूलीनहींहोपारहीहै।अधिकांशलोगकिसानोंकीतरहऋणमाफीकीउम्मीदलगाएहैं।