दकियानूसी सोच के खिलाफ लड़ रही महिला जेल अधिकारी अपराधियों में सुधार के लिए प्रयासरत

(अंजलिपिल्लई)नयीदिल्ली,सातमार्च(भाषा)तिहाड़जेलकीमहिलाअधिकारीअपराधियोंसेनिपटतेहुएनकेवलपेशेवरमोर्चेपरमुश्किललड़ाईलड़रहीहैं,बल्किसमाजकीइसदकियानूसीसोचकाभीडटकरमुकाबलाकररहीहैंकिकुछपेशेमहिलाओंकेलिए‘‘सम्मानीय’’नहींहोते।आठमार्चकोमनाएजानेवालेअंतरराष्ट्रीयमहिलादिवससेपहले,‘पीटीआई-भाषा’नेतिहाड़केंद्रीयकारागारसंख्याछहमेंमहिलाकर्मियोंसेइसबारेमेंबातकीकिकैदियोंकेबीचकामकरनाकैसाहोताहै।महिलाकर्मियोंनेबतायाकिउन्हेंअपनेकामकेदौरानकईबाधाओंकासामनाकरनापड़ताहै।उन्होंनेकहाकिविवाहकेलिएयोग्यवरढूंढना,विवाहमेंदेरी,कामकाजकाविषमसमयऔरकैदियोंकीशत्रुतासमेतकईचीजेंउनकेकामकाहिस्साहैं।बहरहाल,उन्होंनेइसबातपरजोरदियाकिवेकैदियोंकोउचितपरामर्शदेनेऔरउनकेसाथगतिविधियोंमेंभागलेनेकीप्रतिबद्धताकेसाथकामकरतीहैं,ताकिकैदियोंकाभविष्यबेहतरकियाजासके।दिल्लीसरकारकेसामाजिककल्याणविभागमेंसेवाएंदेचुकींकृष्णाशर्मा(49)नेबतायाकिवहहमेशाप्रशासनिकसेवामेंकामकरनाचाहतीथीं।उन्होंनेकहाकिनवंबर2021मेंजबउन्हेंस्थानांतरणकाआदेशदेकरतिहाड़केमहिलाकेंद्रीयकारागारसंख्याछहकीअधीक्षककेतौरपरसेवाएंदेनेकोकहागया,तोउनकेसहकर्मियोंनेयहकहकरउन्हेंहतोत्साहितकरनेकीकोशिशकीकिजेलकामकरनेकाउचितस्थाननहींहैऔरइससेनकारात्मकताआएगी,लेकिनउनकेपतिकेप्रोत्साहनदेनेवालेशब्दोंनेउन्हेंयहकामकरनेमेंमददकी।कृष्णानेकहा,‘‘यहांमेरेकार्यदिवसकेपहलेदिनसेमैंसबसेपहलेजेलकादौराकरतीहूं,कैदियोंकीसमस्याएंसुनतीहूं,उनसेव्यक्तिगतरूपसेबातकरतीहूंऔरउनकीअसलसमस्याओंकासमाधानखोजतीहूं।मैंअपनेसहकर्मियोंसेउनकीसमस्याओंपरचर्चाकरतीहूंऔरतदनुसारशीघ्रफैसलाकरतीहूं।’’कृष्णाने‘पीटीआई-भाषा’सेबातकरनेवालीकईअन्यकर्मियोंकीतरहकहाकिमहिलाअधिकारियोंमेंसमस्याओंकासकारात्मकतरीकेसेसमाधानकरनेकेलिएअधिकसंयमऔरइच्छाशक्तिहोतीहै।तिहाड़केंद्रीयकारागारसंख्याछहकीउपाधीक्षकरमनशर्मानेअपनेबचपनकेदिनोंकोयादकरतेहुएकहाकिजबभीवहऔरउनकीमांजेलकेपाससेगुजरतीथीं,तोउनकीमांउन्हेंदूसरीओरदेखनेकेलिएकहतीथींऔरजबवहअपनीमांसेइसकाकारणपूछतीथीं,तोउन्हेंकभीसंतोषजनकउत्तरनहींमिलताथा।रमनको1996मेंइसकारागारकीसहायकअधीक्षककेपदपरतैनातकियागयाथा।उन्हेंजेलमेंकईसुधारकरनेकाश्रेयजाताहै।उन्होंनेकहाकिजबउन्हेंजेलमेंतैनातकियागया,तोउससमयमहिलाकैदियोंकेलिएएकछोटावार्डथा।रमननेबतायाकिउन्होंनेअधिकारियोंसेमहिलाओंकेलिएएकअलगकेंद्रीयकारागारस्थापितकरनेकाआग्रहकियाऔरइसतरहकारागारसंख्याछहकोविशेषरूपसेमहिलाकैदियोंकेलिएबनायागया।उन्होंनेबतायाकिकैसेउन्होंनेवरिष्ठअधिकारियोंकेकार्यालयोंकेबाहर‘‘धूम्रपाननहीं’’केपोस्टरचिपकाएथे,जिसेउससमयएक‘‘साहसिक’’कदममानागयाथा।रमननेकहा,‘‘पुरुषोंकीजेलमें,कैदीछोटी-छोटीबातोंपरलड़तेहैंऔरहंगामाकरतेहैं।इनआपसीझगड़ोंकेदौरान,वेअपशब्दभीकहतेहैंऔरअपनेअलग-अलगसमूहबनालेतेहैं।इसलिए,हमाराध्यानलड़ाईकोखत्मकरने,कैदियोंकोउचितसलाहदेनेऔरउन्हेंविरोधीपक्षसेअलगकरनेपरहोताहै।’’उन्होंनेऐसीहीएकअन्यघटनाकाजिक्रकरतेहुएकहाकिनिर्भयामामलेकाएकदोषीजानबूझकरअन्यकैदियोंसेझगड़ाकरताथा,ताकिउसकामुकदमालंबाखिंचजाए।तिहाड़केंद्रीयकारागारसंख्याछहकीउपाधीक्षककिरणनेकहा,‘‘महिलाअधिकारीपुरुषकैदियोंकाविश्वासजीततीहैं।वेउनकीसमस्याओंकासमाधानकरतीहैं।’’उन्होंनेकहा,‘‘हमेंईमानदारहोने,सकारात्मकछविबनाने,पारदर्शिताकेसाथचीजोंकोसुचारूरूपसेसंभालनेऔरयहसुनिश्चितकरनेकीजरूरतहैकिकोईभेदभावनहो...इसकेबादजेलपरिसरमेंएकसुरक्षितमाहौलबनानाऔरशांतिस्थापितकरनाआसानहोजाताहै।’’महानिदेशक(दिल्लीकारागार)संदीपगोयलनेभीकैदियोंकेसाथव्यवहारमेंमहिलाअधिकारियोंकीईमानदारीकोरेखांकितकिया।मंडोलीजेलसंख्या16कीअधीक्षकअनीतादयालनेकहाकिमहिलाओंकेलिएकार्यस्थलऔरअपनेनिजीजीवनकेबीचसंतुलनबनाएरखनाहमेशाहीकठिनहोताहै,लेकिनआपजबपुलिसमेंहोतेहैंयाजेलकीड्यूटीकरतेहैं,तोयहऔरअधिकचुनौतीपूर्णहोजाताहै।