दिल्ली के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाली खिलाड़ी को दो साल से झेलनी पड़ रही मुसीबत, अब पड़ रहे खाने के भी लाले, जानिए क्या है कहानी

नईदिल्ली,[सोनूराणा]।देशकानामरोशनकरनेकेलिएखिलाड़ीकड़ीमेहनततोकररहेहैं,लेकिनसरकारकीओरसेसमर्थननमिलपानेकीवजहसेउनकेहाथमायूसीलगरहीहै।इनखिलाडि़योंकोअपनेकरियरकोरफ्तारदेनेकेलिएस्कालरशिपकीदरकारहै।ऐसीहीएकखिलाड़ीहैंदिव्यापांडेय।दिव्यापांडेयधाविकाहैंऔरपांचवर्षसेदिल्लीमेंहीअभ्यासकररहीहैं।उन्होंनेदिल्लीकेजवाहरलालनेहरूस्टेडियममेंअभ्यासकरवर्ष2017मेंनेशनलजूनियरएथलेटिक्सचैंपियनशिपमें800मीटरदौड़मेंस्वर्णव2018में1500मीटरदौड़मेंस्वर्णसमेतदर्जनभरसेज्यादारजतएवंकांस्यपदकदिल्लीकीझोलीमेंडालेहैं,लेकिनआजहालातऐसेहोगएहैंकिउनकेपासखानेकेलिएभीपैसेनहींहैं।

दिव्याकाकहनाहैकिदिल्लीसरकारकीओरसेपदकजीतनेवालेखिलाडि़योंको16लाखरुपयेकीस्कालरशिपदेनेकावादाकियागयाथा।इसकेलिएउन्होंनेभीफार्मभराथावसभीअनिवार्यदस्तावेजजमाकरवाएथे,लेकिनउन्हेंअभीतकस्कालरशिपनहींमिली।स्कालरशिपकेलिएअबवहदोसालसेछत्रसालस्टेडियमकेचक्करलगारहीहैं।कभीप्रयागराज,तोकभीभिवानीसेउन्हेंछत्रसालस्टेडियमआनापड़रहाहै।अबतोउनकेखानेकेभीलालेपड़नेलगेहैं,मजबूरीमेंउन्हेंहरियाणाकेभिवानीकीबैंककालोनीमेंअपनीसहेलीकेघरमेंरहनापड़रहाहै।इसबारेमेंदिल्लीकेशिक्षानिदेशकउदितप्रकाशरायकाकहनाहै,मुझेइसबारेमेंकोईजानकारीनहींहै।खिलाड़ीकोहमारेपासभेजिए।उनसेबातकरकेपताकियाजाएगाकिक्यामामलाहै।

घरमेंनहींहैकमाईकाजरिया

मूलत:उत्तरप्रदेशकेप्रयागराजसे70किलोमीटरदूरमांडाब्लाककेपासकेगांवटिकरीकीरहनेवालीदिव्यानेबतायाकिवहअपनेगांवकीपहलीऐसीखिलाड़ीहैंजोदरवाजेकीचौखटकोलांघकरदेशकेलिएपदकलानेकासपनादेखरहीहैं।वहगरीबहैंऔरघरकीहालतभीखराबहै।बारिशकेदौरानछतसेपानीटपकताहै।उनकेघरमेंकमाईकाकोईजरियाभीनहींहै।उन्होंनेबतायाकिपिताजीदोनोंपैरोंसेदिव्यांगहैंऔरभाईकाएकवर्षपहलेदेहांतहोचुकाहै।मांबीमारहैं।परिवारउनकेअभ्यासकाखर्चनहींउठासकता।ऐसेमेंउनकापरिवारउनपरहीनिर्भरहै।पैसोंकेअभावमेंउन्होंनेपढ़ाईछोड़दी।उन्होंनेबतायाकिअभ्यासकेदौरानहरमहीनेडाइटआदिकामिलाकर30से35हजाररुपयेकाखर्चआताहै।

एशियनगेम्सकीकरनीहैतैयारी

दिव्यानेबतायाकिएकतरफसरकारखिलाडि़योंकेलिएविश्वविद्यालयखोलनेकीबातकररहीहैऔरदूसरीओरउन्हेंस्कालरशिपसेवंचितरखाजारहाहै।ऐसेमेंखिलाडि़योंकाहौसलाटूटताहै।उन्होंनेबतायाकिउन्हेंअगलेवर्षहोनेवालेएशियनगेम्सकीतैयारीकरनीहै।यदिउन्हेंस्कालरशिपनहींमिलीतोवहतैयारीनहींकरपाएंगी।