दीक्षा समारोह: व्यास की उपाधि से विभूषित किए गए रामकथा के 50 प्रशिक्षु

अयोध्या:विश्वहिदूपरिषदकीहरिसत्संगसमितिववनवासीरक्षाफाउंडेशनकीओरसेसंचालितरामकथाप्रशिक्षणकेंद्रगोलाबाजारमेंसमारोहपूर्वक34वांदीक्षासमारोहआयोजितहुआ।इसमेंछहमाहकाप्रशिक्षणहासिलकरचुकेआदिवासीक्षेत्रोंके50महिला-पुरुषप्रशिक्षुओंकोकथाव्यासकीउपाधिप्रदानकीगई।दीक्षासमारोहकीअध्यक्षतामणिरामदासजीकीछावनीकेमहंतनृत्यगोपालदासकेउत्तराधिकारीमहंतकमलनयनदासमहाराजनेकी।उन्होंनेप्रशिक्षुओंकोसंकल्पदिलाया।प्रशिक्षुओंसेतीनवर्षतकसंगठनकीयोजनाकेमुताबिकरामकथासेसमाजकोसंस्कारितवजागरूकताकरनेकावचनभीलिया।

उन्होंनेकहाकिरामराज्यकीस्थापनाकापहलासूत्रहीयहहैकिसबैकरहिपरस्परप्रीती।कहाकिजबतकवैमनस्यतावविषमतानहींदूरहोगीतबतकरामराज्यकीपरिकल्पनानहींकीजासकतीहै।उन्होंनेकहाकिहजारोंवर्षोंकीगुलामीकेकालखंडमेंआक्रांताओंनेषड़यंत्रपूर्वकहिदूसमाजपरप्रहारकियागया।जातीयविषघोलकरसामाजिकएकताकेतानेबानेकोछिन्न-भिन्नकरदियाहै।उन्होंनेराष्ट्रीयस्वयंसंघवअनुषांगिकसंगठनोंकीप्रशंसाकी।महंतनेकहाकिसनातनसंस्कृतिकीरक्षामेंइनकाबड़ायोगदानहै।

मुख्यवक्तावडा.अनिलमिश्रनेश्रीरामचरितमानसकोधर्मयुद्धकासबसेबड़ाशस्त्रबतातेहुएकहाकिइसयोजनाकेमाध्यमसेपूर्वोत्तरकेराज्योंमेंमतांतरणवधर्मांतरणकीगतिकोथामनेमेंबड़ीमददमिली।कहाकिदीक्षासमारोहसंकल्पसमारोहहै,जिसकेजरिएदेशविरोधीताकतोंकेखिलाफसमाजकोजागरूककरनेकेअभियानकोबलमिलेगा।उन्होंनेसभीप्रशिक्षुओंकेप्रतिशुभकामनाएंव्यक्तकी।संचालनअखिलभारतीयव्यवस्थाप्रमुखउमाशंकरमिश्रनेकिया।उन्होंनेबतायाकिदेशमेंइसप्रकारके18प्रशिक्षणकेंद्रसंचालितहोरहेहै।उन्होंनेबतायाकिझारखंड,छत्तीसगढ़,गुजरात,हिमाचलवबिहारकेपांचप्रांतोंसेआएप्रशिक्षुओंकाप्रशिक्षणअगस्तमाह2021सेशुरूहुआथा।दूसरेबैचकाप्रशिक्षणसत्रमार्च2022मेंपूर्णहोगा।

अध्यक्षताहरिसत्संगसमितिकेअध्यक्षआसूदारामनेकी।उन्होंनेमुख्यअतिथिकास्वागतकिया।समारोहमेंसंघकेविभागसंघचालकमुकेशतोलानी,मंत्रीकेदारनाथसिंह,संरक्षकडा.एलकेसिंह,भगीरथपचेरीवाला,दयारामगुप्ता,महेंद्रप्रतापपाठक,ओपीपांडेय,कुशलचंद्र,महंतसत्यवानदास,महंतमहेंद्रदास,आचार्यरामप्रकाशवसंयोजिकासुशीलाबहन,विद्याभारतीकेप्रदेशनिरीक्षकराजकुमारसिंह,आदित्यमिश्र,दिव्यप्रकाशतिवारी,देवकुमारक्षेत्रपाल,लालजीत,अमितमणि,शिवमंगलत्रिपाठी,कृष्णकुमारतिवारी,श्रीकांतद्विवेदी,अनिलअग्रवालवआचार्यनंदकिशोरशास्त्रीरहे।