डेंगू का भी प्रकोप होने से गहरा सकता है कोविड-19 संकट, वैज्ञानिकों ने जताई चिंता

नयीदिल्ली,10जुलाई(भाषा)मॉनसूनकेआगमनकेसाथहीदेशकेबड़ेहिस्सेमेंडेंगूफैलनेकीआशंकाकेबीचवैज्ञानिकोंनेचेतावनीदीहैकिमच्छरजनितयहरोगऔरकोविड-19केएकजैसेलक्षणहैं।साथहीइनवैज्ञानिकोंनेयहचिंताभीजताईहैकिइसदोहरीचुनौतीसेनिपटनेमेंदेशकास्वास्थ्यढांचासक्षमनहींहोगा।इनदोनोंरोगोंकीअलग-अलगजांचकीजरूरतहोतीहैऔरयेदोनोंरोगएकदूसरेकोकहींअधिकजटिलबनादेंगे।शुक्रवारकोकोरोनावायरसकेसंक्रमणके21,604नयेमामलेसामनेआनेकेसाथहीदेशमेंकोविड-19मामलोंकीसंख्याआठलाखकेनजदीकपहुंचगईहै।विषाणुविज्ञानीशाहिदजमीलने2016-19केडेटाकेआधारपरअनुमानलगायाहैकिभारतमेंहरसालडेंगूकेकरीबएकलाखसेलेकरदोलाखमामलेसामनेआतेहैं।नेशनलवेक्टरबोर्नडिजिटकंट्रोलप्रोगामकेमुताबिक,2019मेंजांचमेंडेंगूके1,36,422मामलेसामनेआयेथेऔरकरीब132लोगोंकीमौतहुईथी।लोकपरमार्थसंस्थाडीबीटी/वेलकमट्रस्टइंडियाअलायंसकेसीईओजमीलनेकहा,‘‘यहविषाणुस्थानिकहैऔरदक्षिणभारतमेंपूरेवर्षपायाजाताहैतथामॉनसूनकेदौरानऔरशीतऋतुकीशुरूआतमेंउत्तरीभारतमेंइसकीमौजूदगीपाईजातीहै।’’दोनोंरोगोंमेंतेजबुखार,सिरदर्दऔरशरीरमेंदर्दकेलक्षणहोतेहैं।कोलकातास्थितएमिटीविश्वविद्यालयकेकुलपतिएवंविषाणुविज्ञानीधुव्रज्योतिचटोपाध्यायनेचेतावनीदीकिडेंगूकाप्रकोपबढ़नेसेकोविड-19संकटगहरासकताहैक्योंकिदोनोंवायरसएकदूसरेकेलियेसहायकसाबितहोसकतेहैं।हालांकि,उन्होंनेयहभीकहाकिइसस्थितिकाअबतकअध्ययननहींकियागयाहै।लेकिनदक्षिणअमेरिकासेउपलब्धसूचनाखतरनाकस्थितिकीओरसंकेतकरतीहै।उन्होंनेकहा,‘‘इसकाप्रभावबहुतगंभीरहोगा।मुख्यलक्षणएकजैसेहैं,ऐसेमेंएकहीसमयपरदोनोंसंक्रमणहोनाकहींअधिकघातकहोगा।कमजोरहोचुकीप्रतिरक्षाप्रणालीदूसरेविषाणुकोकहींअधिकघातकबनादेगी।’’सीएसआईआर-आईआईसीबीकीविषाणुविज्ञानीउपासनारायनेकहाकिडेंगूकामौसमशुरूहोनेकेबादसंक्रमणतेजीसेफैलेगा।उन्होंनेकहा,‘‘हरसालहमडेंगूकेप्रकोपकेकारणअस्पतालोंमेंमरीजोंकीभीड़पातेहैं।इसलिएहमेंसोचनाहोगाकिक्याहोगाजबदोनोंरोगोंसेएकसाथनिपटनापड़ेगा?दोनोंरोगोंकेएकजैसेलक्षणहैं।क्याहमयहपतालगापानेकेलियेतैयारहैंकिकौनडेंगूकामरीजहैऔरकौनकोविड-19का।’’उन्होंनेसवालकिया,‘‘कोविड-19मरीजोंकीमौजूदासंख्याकोदेखतेहुएक्याहमारेअस्पतालोंमेंडेंगूकेरोगियोंकेलियेबिस्तरउपलब्घहैं?उन्होंनेकहाकिडेंगूकाप्रकोपपूरीतरहसेशुरूहोजानेसेपहलेदेशमेंइससेनिपटनेकेलियेसावधानीपूर्वकतैयारीकरलियेजानेकीजरूरतहै।उन्होंनेसवालकिया,‘‘डेंगूऔरकोविड-19,दोनोंसेनिपटनेकेलियेक्याहमारेपासपर्याप्तसंख्यामेंआईसीयू(गहनचिकित्साइकाई)औरसीसीयू(नाजुकदेखभालइकाई)हैं?क्यापर्याप्तसंख्यामेंप्रशिक्षितकर्मीहै?’’उन्होंनेकहाकिआगामीस्थितिसेनिपटनेकेलियेस्वास्थ्यसुविधामजबूतकरनेएवंअनुसंधानमेंतेजीलानेकीजरूरतहै।