बुढ़ापे का सहारा नहीं बन पा रही महात्मा गांधी पेंशन योजना

संवादसहयोगी,फीरोजाबाद:सरकारनेबुजुर्गश्रमिकोंकोआíथकमददपहुंचानेकेउद्देश्यसेमहात्मागांधीपेंशनयोजनाकासहारादिया।ताकिहरमाहपेंशनकेरुपमेंमिलनेवालेएकहजाररुपयेसेगुजर-बसरहोसके,लेकिनहकीकतइससेकोसोदूरहै।जिलेकेश्रमविभागमें68हजारसेअधिकश्रमिकपंजीकृतहैं,परइसयोजनाकालाभमात्र13श्रमिकोंकोहीमिलरहाहै।योजनाकाठीकप्रकारसेप्रचार-प्रसारनहींहोनेसेअधिकांशश्रमिकशर्ताेंकोपूरानहींकरपारहेहैं।

योजनाकेतहत60वर्षकीआयुकेबादमात्रश्रमिकोंकोएकहजाररुपयेमासिकपेंशनदिएजानेकाप्रावधानहै।नियमहैकिश्रमिकोंकापंजीकरणउप्रभवनएवंअन्यसन्निर्माणकर्मकारबोर्डमेंसदस्यलाभार्थीकेरूपमेंपंजीकरणहोनाचाहिए।पंजीकरणकालगातारदससालतकनवीनीकरणकरानेकेअलावाप्रतिवर्ष20रुपयेअंशदानभीजमाकरनाहोताहै।अधिकांशश्रमिकपंजीकरणतोकरालेतेहैं,लेकिनअन्यनियमोंकेजालमेंउलझजातेहैं।जिससेउन्हेंइसयोजनाकालाभनहींमिलपाताहै।

'योजनाकोलेकरप्रचार-प्रसारकियाजाताहै।लेकिनश्रमिकलगातारअंशदानजमाकरनेमेंलापरवाहीबरतजातेहैंएवंदूसरेविभागोंकीपेंशनयोजनाकेलाभार्थीबनकरअपनीपात्रताकाउल्लंघनकरदेतेहैं।'

एकेसिंह,सहायकश्रमायुक्त