बोलीं- कई बार तो समझ नहीं आता था कि क्या पढूं,  छठी से आठवीं तक की किताबें खूब पढ़ीं

बीकानेरकीकांताखतूरियाकॉलोनीकेपासरहनेवालीसुरभिपारीकराजस्थानशिक्षकपात्रतापरीक्षाREETकेलेवल2मेंटॉपरबनीहैं।सुरभिनेइसपरीक्षामेंसर्वाधिक146अंकहासिलकिए।इसमुकामकोहासिलकरनेकेलिएसिंपलफंडाअपनाया।वोकहतीहैंकिछठीसेआठवींतककीविज्ञानकीकिताबोंकोखूबपढ़ा।उसमेंदिएगएहरसवालकोहलकिया।इसकेसाथहीपुरानेपेपरकाअभ्यासहररोजकिया।

दैनिकभास्करसेखासबातचीतमेंसुरभिनेकहाकिजबहमेंछठीसेआठवींतककक्षापढ़ानेकेलिएहीपरीक्षादेनीहैतोउसीकक्षाकीपुस्तकोंपरफोकसकरनाथा।मैंनेइनतीनोंकक्षाओंकेसिलेबसकीकिताबोंकोखूबपढ़ा।छोटेसेछोटेकांसेप्टकोदूरकिया।किताबमेंदिएगएप्रश्नोंकोहीहलकिया।कुछसवालतोकिताबसेहीहुबहूआगए।आयुर्वेदचिकित्सकडॉ.पवनकुमारपारीककीबेटीसुरभिकाकहनाहैकिउसनेबारहवींविज्ञानमेंकरनेकेबादमेडिकलमेंजानेकीकभीइच्छानहींजताई।

कॉम्पिटिशनकीतैयारीकैसेकरनीचाहिए?

आपकोईभीपरीक्षादेरहेहैंतोउसकेलिएसबसेपहलेडेडीकेशनजरूरीहै।आपकोउसपरीक्षाकेमर्मकोसमझनाचाहिए।जिसविषयकोआपनेचुनलियाहै,उसकेबारेमेंसारीजानकारीआपकेपासहोनीचाहिए।विषयकोहल्केमेंनहींलेनाचाहिए।

कैसेतैयारीकीथीआपने?

मैंनेबीएएसीकीपढ़ाईकेसाथहीरीटकीपरीक्षादीथी।सभीतरहकेकांसेप्टदूरकरनेकाप्रयासकिया।मैंनेकोचिंगकीकुछबुक्सपढ़नेकेसाथछठीसेआठवींतककीबुक्सकोखूबपढ़ा।कईबारतोसमझनहींआताथाकिक्याक्यापढूं।लेकिनबादमेंलगाकिमुझेछोटेकांसेप्टदूरकरनेचाहिए।इसपरीक्षाकाआधारभीयेहीथा,जोमैंनेसमयपरपकड़लिया।

जीवनमेंटीचरहीबननाहै,यालक्ष्यअलगहै?

सुरभिकहतीहैंकिअभीमैंबीएएसीकररहीहूं।इसकेबादराजस्थानप्रशासनिकसेवाकेलिएप्रयासकरूंगी।मैंआमलोगोंकीसमस्याओंकोदूरकरनेकाप्रयासकरनाचाहतीहूं।

टीचरक्योंबननाचाहतीहैं?

मैंसाइंसस्टूडेंटथी,फिरभीएमबीबीएमनहींकरनाचाहतीथीबल्किटीचरहीबननाचाहतीथी।स्कूलसमयसेहीमेरेटीचरमुझेआकर्षितकरतेथे।वोकुछभीकहतेतोहमबच्चेएकाग्रहोकरउसेसुनते।मुझेलगताथाकिकभीमैंभीकुछकहूंगीतोबच्चेमुझेसुनेंगे।अबवोदिनदूरनहींहैजबमैंभीटीचरबनजाऊंगी।

परिवारकेबारेमेंबताएं

मेरेपिताआयुर्वेदचिकित्सकहैं।मांविनीतापारीकगृहिणीहैं।भाईअभीबारहवींकास्टूडेंटहैऔरबहनसूरतगढ़थर्मलपावरमेंइंजीनियरहै।