बिहार में जल स्तर में गिरावट पर मांझी ने जतायी चिंता

पटनाबिहारकेमुख्यमंत्रीजीतनराममांझीनेप्रदेशमेंजलस्तरमेंआईकमीपरचिंताजतातेहुएकहाबारिशअधिकहोऔरजलस्तरनगिरेइसकेलिएअधिकसेअधिकपेड़लगाएंऔरराज्यमेंवनक्षेत्रकोकमसेकम20से30पर्सेंटकियाजाए।यहांसामुदायिकजलप्रबंधनऔरनदीपुनर्जीवनविषयपरआयोजितएकसंगोष्ठीकाउद्घाटनकरतेहुएमांझीनेप्रदेशमेंजलस्तरमेंआईकमीपरचिंताजतातेहुएकहावर्षाअधिकहोऔरजलस्तरनगिरेइसकेलिएअधिकसेअधिकवृक्षलगाएंऔरराज्यमेंवनक्षेत्रकोकमसेकम20से30प्रतिशतकियाजाए।मुख्यमंत्रीनेकहाकिजलहीजीवनहै।जलकेबारेमेंसोचनेकीआवश्यकताहै।जलकोकैसेबर्बादहोनेसेबचायाजाएऔरउसकाप्रबंधनकैसेकरें,इसपरविचारकिएजानेकीजरूरतहै।उन्होंनेकहाकिजलकीकमीकेकारणअनेककठिनाईउठानीपड़रहीहै।सिंचाईमेंकठिनाईहोरहीहै।साथहीपेयजलकासंकटबढ़गयाहै।मांझीनेकहाकिपहलेपांचसे10फुटकेनीचेजलसुलभहोताथाऔरखेतीकरनेकेलिए5से10फुटनीचेगड्ढाखोदकरलाठा-कूड़ीसेपटवनकीजातीथी।मगरआजजलस्तरकाफीनीचेहोगयाहै।इसपरचिंतनकरनाचाहिए।उन्होंनेकहाकिमध्यबिहारमेंतालाबहुआकरतेथेऔरवनक्षेत्रभीबड़ाथा।मगरजबधड़ल्लेसेलोगोंनेवनोंकीकटाईशुरूकरदी।ताल-तलैयाकोभरनेलगे,जिसकेकारणबारिशमेंकमीहोनेलगी।उन्होंनेकहाकिप्रदूषणकेबढ़तेप्रभावऔरप्रकृतिसेछेड़छाड़केकारणभीप्रकृतिकासंतुलनबिगड़रहाहै।बेमौसमबरसातहोतीहैऔरबाढ़काखतराबढ़गयाहै।प्राकृतिकसंतुलनकोबनाएरखनेकेलिएहमेंप्रकृतिसेखिलवाड़नहींकरनाहोगा।वनक्षेत्रकोबढ़ानाहोगा।वृक्षलगाएंऔरउन्हेंबचाएं।मुख्यमंत्रीनेकहाकिपर्यावरणकेअसंतुलितहोजानेकेकारणकईतरहकेपशुएवंपक्षीविलुप्तहोगएहैं।उन्होंनेकहाकिजैविकखेतीपरध्यानदेनाहोगा।खेतोंमेंअत्यधिकरसायनिकखादऔरकीटनाशककाउपयोगनकरकेकम्पोस्ट,जैविकखेतीपरध्यानदेनाहोगा।मुख्यमंत्रीनेकहाकिपीपलकेवृक्षअधिकऑक्सिजनदेतेहैंलेकिनआजहमसबकुछभूलरहेहैं।उन्होंनेकहाकिएकनदीसेदूसरेनदीकोजोड़ाजानाचाहिए।इससेबाढकीविभिषिकाकमहोगी।बिहारमें11नदियोंकोजोड़नेकाप्रस्तावबनाकरकेंद्रसरकारकोभेजाजाचुकाहै।समारोहकीअध्यक्षतामैगसायसायपुरस्कारसेसम्मनितराजेंद्रसिंहनेकी।