बहुत गहरे हैं नमक सत्याग्रह के ऐतिहासिक संदर्भ, कैसे मुट्ठी भर नमक ने गला दी अंग्रेजी हुकूमत, पढ़िये- ये खास आलेख

सागरकिनारेसत्याग्रहकावहआंदोलनवस्तुत:स्वावलंबनकेअभियानकाशंखनादथा।यहवहसमुद्रमंथनथा,जहांसाध्यसीपमेंछुपामोतीनहीं,अपितुस्वाधीनताकीदेवीकाअभिषेककरनेकेलिएअपनेहाथोंसेतैयारनमकथा।वहनमकजिसेबनानाअंग्रेजोंकीनजरमेंअवज्ञाथाऔरभारतीयोंकीनजरमेंआत्मसम्मान।डा.मनोजकुमाररायकाआलेख...

62वर्षकीउम्रमें78साथियोंकेसाथ12मार्च,1930कोसाबरमतीआश्रमसेनिकलेमहात्मागांधीकेकदमस्वाधीनतासंग्रामकेदौरानएकऐसीयादगारघटनाकोजन्मदेंगे,इसकाअनुमानकमलोगोंकोथा।हालांकिगांधीजीजानतेथेकिभारीसेभारीजोखिमउठाएबिनासत्यकीकभीजीतनहींहुई।नमकसत्याग्रह1882केनमकअधिनियमसेअंग्रेजोंकोनमकबनानेऔरबिक्रीकेलिएप्राप्तएकाधिकारकेखिलाफजनप्रतिरोधथा।गांधीजीनेयहएकाधिकारछहअप्रैल,1930कोसमुद्रकेकिनारेएकमुट्ठीनमकउठाकरतोड़दियाथा।ऊपरीतौरपरतोयहबड़ासरलदिखताहै,लेकिनअसलमेंयहथाठीकविपरीत।गांधीजीकायहकदमइतनासरलहोतातोसुदूरबिहारमेंश्रीकृष्णसिंहजैसेस्वाधीनतासेनानीखौलतेकड़ाहेकोअपनेहाथसेकभीनपकड़ते।प्रसंगयेहैकिजबगांधीजीनमककानूनतोड़रहेथेतोबिहारमेंश्रीकृष्णसिंहकेनेतृत्वमेंभीप्रतीकात्मकरूपसेपानीकोगर्मकरकेनमकबनायाजारहाथा।अंग्रेजोंनेजबखौलतेपानीकेकड़ाहेपलटानेकीकोशिशकीतोश्रीकृष्णसिंहनेउसकोपकड़लिया,जिसमेंवोजख्मीभीहुएथे।

नमकसत्याग्रहकेऐतिहासिकसंदर्भबहुतगहरेहैं।कांग्रेसकेलाहौरअधिवेशनमेंस्वराजकोपूर्णलक्ष्यघोषितकरतेहुएसत्याग्रहअथवासविनयअवज्ञाआंदोलनप्रारंभकरनेकीअनुमतिप्रदानकीगईथी।चूंकिकांग्रेसउसवक्ततककिसीखासकार्यक्रमकीयोजनानहींबनापाईथीअंत:वहगांधीजीकेसहारेथी।गांधीजीकार्ययोजनाकीतलाशमेंसाबरमतीआश्रमलौटे।फरवरीमध्यमेंउन्हेंइसकीएकझलकदिखाईदी।

गांधीजीकाव्यक्तित्वजितनासरलथा,उतनाहीजटिलभीथा।इसलिएअंग्रेजोंकोउनकेबारेमेंठीक-ठीकअनुमानलगानासदैवकठिनहोताथा।दांडीअभियानमेंभीकुछऐसाहीहुआ।जबगांधीजीदांडीअभियानकेलिएजगहऔरतरीकेकीकल्पनाकररहेथे,तबउनकेदिमागमेंदोवर्षपहलेकाबारदोलीसत्याग्रहउमड़-घुमड़रहाथा,जिसमेंउन्होंनेसत्यऔरअहिंसाकीविजयकोप्रतिष्ठितहोतेहुएदेखाथाऔरजिसेरवींद्रनाथटैगोरने‘नवीनमहाभारत’कीसंज्ञासेनवाजाथा।बारदोलीसत्याग्रहअनुशासन,त्यागऔरनेतृत्वकीत्रिवेणीकेरूपमेंसामनेआयाथा,जिसनेभारतकेभविष्यकेसरदारयानीवल्लभभाईपटेलकोपेशकिया।27फरवरीकेपहलेतकगांधीजीनेअपनीवैचारिकस्थितिकोसार्वजनिकनहींकियाथा।नमककोलेकरपहलीबारउन्होंनेअपनाविचारप्रकटकरतेहुएबतायाकिहवाऔरपानीकेबादनमकहीजीवनकीसबसेबड़ीआवश्यकताहै।नमककरकीआलोचनाकरतेहुएइसेअमानवीयऔरब्रिटिशराजकोधिक्कारयोग्यकहा।इसआलेखमेंउन्होंनेएकशोधार्थीकीतरहनमककरकेइतिहासकेबहानेजनताकेचौतरफाशोषणकोभीसामनेरखाऔरएकसप्ताहकेभीतरप्रार्थनासभामेंउन्होंनेइसकीघोषणाभीकरदी।

अहिंसाकाअस्त्र

एकसवालयहांजरूरउठताहैकिगांधीजीकेदिमागमेंअभियानकामूलविचारकहांसेप्रकटहुआ!इसकेलिएहमेंदक्षिणअफ्रीकाकीओरमुड़नाहोगा,जब17वर्षपूर्वट्रांसवालमेंगांधीजीनेएकअभियानकानेतृत्वकियाथा।इसकाउद्देश्यथा-दमनकारीकानूनकाविरोधऔरभारतीयसमुदायकासम्मान।यहांभीगांधीजीनेअहिंसाकीशक्तिकाप्रयोगकियाथाऔरवहांकेमुख्यप्रतिद्वंद्वीजनरलस्मट्सकेहृदयमेंजगहभीबनाई।बीते13वर्षमेंगांधीजीनेअनेकउतार-चढ़ावदेखेऔरतदनुरूपअभियानकोऔरधारदारबनातेचलेगए।

अनुशासनकामंत्र

एकचीजकीओरहमाराध्यानजानाचाहिएकिकांग्रेसकेलाहौरअधिवेशनमेंराजनीतिकहिंसाकीवकालतकरनेवालेभीथे।गांधीजीइसविचारसे1908सेहीसंघर्षकररहेथे।उन्होंनेकांग्रेसकोमनातोलियाथा,लेकिनवेएकअहिंसकसमूहतैयारकरनाचाहतेथेजोइसेसिद्धांतकेरूपमेंअपनाए।इसकेलिएउन्होंनेहरतबकेसेलोगोंकाचयनतोकियामगरकहाकिआंदोलनकेवलआश्रमकेअंतेवासियोंऔरउनलोगोंद्वाराआरंभकियाजानाचाहिएजोआश्रमकेअनुशासनकोमानतेहैंऔरइसेआत्मसातकरचुकेहैं।संदेशसाफथा‘अहिंसाकीसक्रियशक्तिमेंजीवंतविश्वास।’

आंदोलनकीतैयारीकीअद्भुतकलामहात्मागांधीकेपासथी।दांडीअभियानइसकाअप्रतिमउदाहरणहै।रास्तातयकरनेकेपूर्वपहलेकेसंबंध,आंकड़े,मौसमकाध्यान,सेवाकेलिएतत्परसमूहकीयोग्यताकीजांचआदिपरमहात्मागांधीनेनजररखीऔरसमाचारपत्रोंकेमाध्यमसेलोगोंतकइसबारेमेंजानकारीपहुंचाई।यहसबकरनेकेबादगांधीजीनेइरविनकोपत्रलिखकरइसआंदोलनकोशुरूकरनेकेपीछेकेतर्ककोरखाऔरसमझौतेकेरास्तेकाभीनिमंत्रणदिया।अंग्रेजीराजकोअभिशापकहनेकेपीछेकेकारणोंकाउल्लेखकरतेहुएउन्होंनेभारतदुर्दशाकीतस्वीररखतेहुएहृदयपरिवर्तनकीआकांक्षाकीथी,लेकिनजैसीआशंकाथीवायसरायलार्डइरविनसहितब्रिटिशसरकारनेनमककरकेखिलाफअभियानकीसंभावनाकोबहुतगंभीरतासेनहींलिया।

दुनियाभरकाखींचाध्यान

महात्मागांधीमीडियाकीताकतसेबखूबीवाकिफथे।उन्होंनेइसअभियानमेंइसकाठीकसेसदुपयोगकिया।परिणामयहहुआकिदेसी-विदेशीसभीमीडियानेइसअभियानकोकवरकरनेकेलिएअपने-अपनेप्रतिनिधियोंकोभेजा।दांडीअभियानकोसभीअखबारोंनेप्रथमपृष्ठपरजगहदी।एकअमेरिकीप्रतिनिधिनेतोअभियानकीपूर्वसंध्यापरपहुंचकरउसशानदारदृश्यकोअपनीकूंचीसेरंगभरा।राजनीतिमेंप्रतीकोंकाप्रयोगऔरउससेजनताकेभीतरसमस्याकीसमझकोबैठादेनेकीकलाकायहसर्वोत्कृष्टप्रयोगथा।राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीयमीडियाऔरविश्वकेनेताओंकाध्यानआकर्षितकरनेवालायहअभियानवास्तवमेंभारतीयस्वतंत्रताआंदोलनमेंएकमहत्वपूर्णमोड़था।

चलपड़ेकोटिपगउसीओर

अभियानकीपूर्वसंध्यापरअहमदाबादमेंजबरदस्तउत्साहथा।साबरमतीआश्रमकेआस-पासभारीभीड़जमाहोगईऔररातभररुकीरही।महात्मागांधीनेउसरातजवाहरलालनेहरूकोपत्रलिखकरउनकीगिरफ्तारीकीअफवाहोंकेबारेमेंबताया।सुबहप्रतिदिनकीतरहभजन-प्रार्थनाकाकार्यक्रमहुआ।कस्तूरबानेतिलकऔरखादीकीमालासेगांधीकास्वागतकिया।तत्पश्चातगांधीजीनेभीड़कोसंबोधितकिया।गांधीजीकेसहयोगीमहादेवदेसाईनेइसदृश्यकीतुलनारामवनगमनऔरबुद्धज्ञानप्राप्तिकेमहाभियानसेकीहै।इसकेबादमहात्मागांधीआश्रमसेबाहरनिकलेऔरकहाकिस्वराजहीइसकीएकमात्रदवाहैऔरमेरेपासइसकेअलावाकोईविकल्पनहींहै।दांडीअभियाननेसंपूर्णभारतमेंएकअभूतपूर्वजोशपैदाकरदियाथा।अखबारोंनेविस्तारसेइसअभियानकेपल-पलकोखबरकेरूपमेंप्रस्तुतकरतेहुएबतायाकिकैसेहरपड़ावपरउत्साहीअनुयायियोंद्वारागांधीकास्वागतकियागया।अमीरऔरगरीब,हरवर्गगांधीकासम्मानकरनेमेंएक-दूसरेकेसाथहोलियाथा।

एकमुट्ठीविद्रोह

पांचअप्रैलकोगांधीजीदांडीपहुंचे।अगलेदिनसुबह-सुबहउन्होंनेप्रार्थनासभामेंउपस्थितभीड़कोसंबोधितकियाऔरएकबारफिरउनकीप्रेरकभाषाऔरमर्मस्पर्शीबातेंलोगोंकेहृदयकोछूगईं।उन्होंनेकहाथा-‘पिछले24दिनोंसेहमारागंतव्यदांडीथा।इसकाचुनावमनुष्यकानहींईश्वरकाकियाहुआहै,लेकिनअंतमेंतोहमेंस्वतंत्रतादेवीकेधामतकपहुंचनाहै।’

फिरमहात्मागांधीसाथियोंकेसाथसमुद्रकीओरबढ़े,जहांउन्होंनेएकछोटेसेगड्ढेमेंपड़ेप्राकृतिकनमककेढेरोंकोउठायाऔरकहा‘इसीकेसाथमैंब्रिटिशसाम्राज्यकीनींवहिलारहाहूं।’उन्होंनेलोगोंकाआह्वानकरतेहुएकहा,‘अबजबनमककानूनकातकनीकीयाऔपचारिकउल्लंघनकियागयाहै,तोयहकिसीकेलिएभीखुलाहैजोनमककानूनकेतहतमुकदमाचलानेकाजोखिमउठासकताहै।जहांवहचाहताहैऔरजहांभीयहसुविधाजनकहो।मेरीसलाहहैकिमजदूरोंकोहरजगहनमककानिर्माणकरनाचाहिएऔरइसकाइस्तेमालकरनेकेलिएग्रामीणोंकोनिर्देशदेनाचाहिए।’दांडीअभियानवस्तुत:भीरुभारतीयजनतामेंअदम्यशौर्यऔरस्वाभिमानकासंचारकरनेवालाअभियानथा,जिसकाअंतिमलक्ष्यस्वराज्यकीदेवीकासाक्षात्कारथा।- (लेखकमहात्मागांधीअंतरराष्ट्रीयहिंदीविश्वविद्यालयमेंगांधीएवंशांतिअध्ययनविभागमेंप्राध्यापकहैं)