भजनों पर मंत्रमुग्ध हुए श्री राम के भक्त

संवादसहयोगी,मोगा:

श्रीरामशरणमआश्रममेंवीरवारकीरात्रिप्रार्थनासभाकाआयोजनकियागया।जिसमेसाधकभाई-बहनबड़ेभावकेसाथप्रार्थनासभामेंशामिलहुए।

प्रार्थनासभाकाप्रारम्भसदैवकीभांतिरामनामकेध्यानकेसाथहुआ।इसकेबादनरेशबजाजनेरामधुनदीनबंधुदीनानाथमेरीतेरेलाजहाथकागायनकिया।सत्संगहालमेंभजनोंकासिलसिलाशुरूहुआ।बहननीनाखुरानानेअपनेभजनमेरागुरुनाफड़दाबांह,असीरूलजानासी..भजनसेसभीकोमंत्रमुग्धकिया।उसकेउपरांतआशाअरोड़ानेभजनसतगुरुतुम्हारेप्यारनेजीनासिखादिया,हमकोतुम्हारेप्यारनेइंसानबनादिया,अंतमेंनितिनवर्मानेभजनतेरादीदारक्योंनहींहोता,मुझपरतेराउपकारक्योंनहींहोता..,कामधुरगायनकिया।

प्रदीपबजाजनेपरमेश्वरकेदरबारमेंसबकेलिएप्रार्थनावयाचनाकीवआनेवालेसाधकोंसेउन्होंनेआग्रहकियाकिहमेंसदैवगुरुमहाराजकेदिखाएमार्गपरचलनाचाहिए।श्रीरामशरणमआश्रमकामुख्यलक्ष्यवध्येयहैसेवा,सिमरनऔरसत्संग।अपनेलक्ष्यकोसदैवयादरखनाहै।उन्होंनेकहाकिगुरुमहाराजकाकहनाथाकिकिसीव्यक्तिकीपीड़ादेखकरआपकामनपिघलजाए,आपकेमनकोपीड़ाहोऔरउसेदूरकरनेकेलिएजोउसदुखीव्यक्तिकीसहायताकीजातीहैउसेसेवाकहतेहैं।

उन्होंनेकहाकिअगरहमेंसेवाकाकोईऐसाअवसरमिलेतोअपनेआपकोभाग्यशालीमाननाचाहिए।उन्होंनेकहाकिस्वामीजीमहाराजनेअपनेग्रंथोंमेंलिखाहैकिवायु,सूर्य,चंद्र,तारेऔरवनस्पतियांदिन-रातप्राणीमात्रकीसेवाहीतोकररहीहैं।इनकेबिनाएकपलभीजीवितनहींरहसकते।यहकभीहमपरएहसाननहींजताते।इनकाऋणउतारनेकेलिएहमेंप्राणीमात्रकीसेवाकाकोईभीअवसरहाथसेनहींजानेदेनाचाहिए।दूर-दूरसेप्रार्थनासभामेंशामिलहोनेवालेसाधकभाईबहनोंकाआभारव्यक्तकरतेहुएउन्होंनेसबकेलिएप्रार्थनाकीवगुरुमहाराजकेआशीर्वादकीकामनाकी।

सभामेंकोरोनासेबचनेकादियासंदेश

सभीकोआगाहकियाकिमहामारीअभीपूरीतरहसेखत्मनहींहुईहै।फिरसेयहकोरोनामहामारीअपनेपांवपसारनेशुरूकररहीहै।इसकेलिएसबकोसजगरहनाचाहिए।प्रशासननेफिरसेहिदायतेंजारीकीहैकिसभीकोशारीरिकदूरीकेनियमोंकापालनकरतेमास्कपहननाचाहिए।श्रीरामशरणमआश्रमपरिवारकेसभीसदस्योंसेउन्होंनेआग्रहकियाकिजबभीकभीबाहरजाएं,भीड़भाड़सेबचकररहेंवमास्कअवश्यपहनकररखे।आतेभीरामबोलोजातेभीरामबोलोकीधुनकेसाथप्रार्थनासभाकासमापनहुआ।