भारतीय-अमेरिकी डॉक्टर ने कोविड-19 की संभावित इलाज की पहचान की

(ललितकेझा)वाशिंगटन,21नवंबर(भाषा)भारतीय-अमेरिकीडॉक्टरनेकोविड-19मरीजोंकेफेफड़ोंमेंहोनेवालीप्राणघातकक्षतिऔरअंगोंकेबेकारहोनेसेरोकनेकेलिएसंभावितरणनीतिअथवाइलाजपद्धतिकीखोजकीहै।भारतमेंजन्मींऔरटेनेसीकीसेंटज्यूडचिल्ड्रेनरिसर्चहॉस्पिटलमेंबतौरअनुसंधानकर्तातैनातडॉ.तिरुमलादेवीकन्नेगांतीकाइससेसंबंधितअनुंसधानजर्नल‘सेल’केऑनलाइनसंस्करणमेंप्रकाशितहुआहै।इसमेंउन्होंनेचूहोंपरअध्ययनकेदौरानपायाकिकोविड-19होनेकीस्थितिमेंकोशिकाओंमेंसूजनकीवजहसेअंगोंकेबेकारहोनेकासंबंध‘हाइपरइनफ्लेमेटरी’प्रतिरोधहैजिससेअंतत:मौतहोतीहैऔरइसस्थितिसेबचानेवालीसंभावितदवाओंकीउन्होंनेपहचानकी।अनुसंधानकर्तानेविस्तारसेअध्ययनकियाकिकैसेसूजनवालीकोशिकाओंकेमृतहोनेकेसंदेशप्रसारितहोतेहैंजिसकेआधारपरउन्होंनेइसेबाधितकरनेकीपद्धतिकाअध्ययनकिया।सेंटज्यूडअस्पतालमेंप्रतिरोधविज्ञानविभागकीउपाध्यक्षडॉ.केन्नागांतीनेकहा,‘‘इसकेकार्यकरनेकेतरीकेऔरसूजनपैदाकरनेकेकारणोंकीजानकारीबेहतरइलाजपद्धतिविकसितकरनेमेंअहमहै।’’उल्लेखनीयहैकिकेन्नागांतीकाजन्मऔरपालनपोषणतेलंगानामेंहुआहै।उन्होंनेवारंगलकेकाकतियविश्वविद्यालयसेरसायनशास्त्र,जंतुविज्ञानऔरवनस्पतिविज्ञानसेस्नातककीउपाधिप्राप्तकी।उन्होंनेपरास्नातकऔरपीएचडीकीउपाधिभारतकेउस्मानियाविश्वविद्यालयसेप्राप्तकी।वर्ष2007मेंडॉ.केन्नागातीटेनेसीराज्यकीमेमफिसस्थितसेंटज्यूडअस्पतालसेजुड़ी।उन्होंनेकहा,‘‘इसअनुसंधानसेहमारीसमझबढ़ेगी।हमनेउसखास‘साइटोकींस’(कोशिकामेंमौजूदछोटाप्रोटीनजिससेसंप्रेषण्होताहै)कीपहचानकीहैजोकोशिकामेंसूजनउत्पन्नकरअंतत:उसेमौतकेरास्तेपरलेजाताहै।इसखोजसेकोविड-19औरउच्चमृत्युदरवालीबीमारियोंकीसंभावितइलाजखोजीजासकतीहै।’’इसअनुसंधानमेंश्रद्धातुलाधर,पिरामलसमीर,मिनझेंगे,बालामुरुगनसुंदरम,बालाजीभनोठ,आरकेसुब्बारावमलिरेड्डीआदिभीशामिलहैं।