भाजपा सांसद का दावा, एक रुपये में से 80 पैसा जरूर गरीबों के पास पहुंच रहा

नयीदिल्ली,14दिसंबर(भाषा)पूर्वप्रधानमंत्रीराजीवगांधीके,एकरुपयेमेंसेमात्र15पैसेहीगरीबतकपहुंचनेवालेपुरानेबयानकोलेकरकांग्रेसकोअक्सरभ्रष्टाचारकेकटघरेमेंखड़ावालीभारतीयजनतापार्टी(भाजपा)सेसंबद्धमनोनीतसदस्यराकेशसिन्हानेमंगलवारकोराज्यसभामेंदावाकियाकिआजएकरुपयेमेंसे80पैसाजरूरगरीबोंकेपासपहुंचरहाहै।राज्यसभामेंकेंद्रीयसतर्कताआयोग(संशोधन)विधेयक2021परचर्चामेंभागलेनेकेदौरानराकेशसिन्हानेजबयहदावाकियातोउनकीपार्टीकेकुछसदस्ययहकहतेहुएसुनेगएकिआजएकरुपयानिकलताहैतो100मेंसेपूरा100(पैसा)लोगोंकोमिलताहै।सिन्हानेकहाकि134सेवाओंमेंप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीनेजोप्रत्यक्षलाभअंतरण(डीबीटी)कीव्यवस्थाकीहै,इसकासबसेबड़ालाभआमकिसानोंऔरमजदूरोंकोहोरहाहै।विपक्षीदलोंपरनिशानासाधतेहुएउन्होंनेकहाकिजोजमीनसेजुड़ेहुएनहींहै,जोआमकिसानोंवमजदूरोंकोबीचनहींरहेहैंऔरनारहसकतेहैंऔरजिनकाउनसेकोईसंबंधनहींहै,वहबिचौलियोंकेजानेसेऐसेलोगोंकीजिंदगीमेंआरहीखुशहालीकाअनुमाननहींलगासकतेहैं।उन्होंनेकहा,‘‘विपक्षकीयहीत्रासदीहै।’’प्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीकेएकउद्घरणकाहवालादेतेहुएसिन्हानेकहाकिभ्रष्टाचारलोगोंकेअधिकारछीनलेताहैऔरउन्हेंन्यायसेवंचितरखताहै।उन्होंनेकहा,‘‘प्रशासनिककॉरिडोरमें...पावरकॉरिडोरमेंजोमिडिलमैनघूमतेहैं,जिसकेकारणराजीवगांधीजीनेकहाथासिर्फएकरुपयेमेंसेमात्र15पैसागरीबोंतकपहुंचताहै,उनकीइसस्पष्टोक्तिकोहमबार-बारउद्घृतकरतेरहेलेकिनउसकोठीकनहींकरपाए...वहठीककबहुआ...आजहमदावेकेसाथकहसकतेहैंएकरुपयेमें80पैसाजरूरगरीबोंकेपासपहुंचरहाहै।’’इसदौरानसदनमेंकांग्रेससहितकईविपक्षीदलोंकेसदस्यमौजूदनहींथे।उन्होंनेनिलंबित12सदस्योंकानिलंबनवापसलिएजानेकीमांगकरतेहुएसदनसेबहिर्गमनकियाथा।हालांकिसिन्हाकेइसबयानपरकुछसदस्योंकोयहकहतेहुएसुनागयाकिआज100मेंपूरासौ(पैसा)लोगोंकोमिलरहाहै।उल्लेखनीयहैकिप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीभ्रष्टाचारकेमुद्देपरविपक्षीदलोंकोघेरनेकेलिएकईदफाअपनेसंबोधनोंमेंराजीवगांधीकेउसकथनकाउल्लेखकरचुकेहैंकिसरकारजबभीएकरुपयाखर्चकरतीहैतोलोगोंतक15पैसेहीपहुंचपातेहैं।उन्होंनेकईअवसरोंपरकहाकिआजएकरुपयानिकलताहैतो100का100पैसालाभार्थियोंकेखातेमेंजमाहोजाताहै।बहरहाल,अपनीबातकोआगेबढ़ातेहुएसिन्हानेकहाकिप्रधानमंत्रीमोदीनेइन्सॉल्वेंसीऔरबैंकरप्सीसंहिता(आईबीसीकोड)लाकरअर्थव्यवस्थाकोखोखलाकरनेवालीशक्तियोंकेखिलाफएकराजनीतिकइच्छाशक्तिदिखाई।उन्होंनेकहाकिआईबीसीकोडआनेकेबादतीनलाखकरोड़रुपयेभारतसरकारकेखातेमेंआयेहैंजबकिदोलाखकरोड़रुपयेऔरआनेहैं।उन्होंनेकहा,‘‘आपकल्पनाकीजिएयदियहकानूननहींआतातोआनेवालेसमयमेंयहकितनेलाखकरोड़तकबढ़ताजाता...यहपैसागरीबोंसेलूटागयाहै...यहउनलोगोंकापैसाहैजोखेतोंमेंकामकरतेहैं,जोगरीब,मजदूर,किसानखेतोंमेंऔरकारखानोंमेंकामकरतेहैं।’’उन्होंनेकहाकिविपक्षकोभीसोचनाचाहिएजबसंस्थाओंकोस्थायित्वदेतेहैंववहस्थायित्वकिसीव्यक्तिकेलिएनहींदेतेहैं।सिन्हानेकहा,‘‘राष्ट्रकेनिर्माणमेंयोगदानदेनेवालीसंस्थाएंतबतकमजबूतनहींहोतींजबतकइनसंस्थाओंकेपासआधारभूतअवसंरचनानहो,उनकेप्रमुखोंकाअपेक्षितकार्यकालनहो,उनकेपासस्थायित्वनहो।’’सिन्हानेकहा,‘‘संस्थाओंकोस्थायित्वकिसीव्यक्तिकेलिएनहींदियाजाता।यहसंस्थाकेलिएदियाजाताहैऔरसशर्तहोताहै।यहराष्ट्रकेनिर्माणकेलिएहोताहै।इसमेंपारदर्शिताहोतीहै।इसमेंकार्यपलिकाऔरन्यायपालिकाकीभीभागीदारीहोतीहै।’’उन्होंनेकहाकि2012मेंकुछमामलोंकीजांचहुई।सीबीआईने264मामलोंकीआंतरिकजांचकीजिसमेंपायागयाकि698आरोपीराजनीतिसेजुड़ेहुएथेतथा486आरोपीअन्यलोगथे।उन्होंनेकहाकियहविधेयकऐसेमामलोंपरलगामलगानेमेंसहायकहोगा।