बेसहारा व अनाथों का श्रम विभाग बनेगा सहारा

जयप्रकाशनिषाद,मऊ

बड़े-बड़ेहोटलों,ईंट-भट्ठोंवनिजीसंस्थाओंमेंबालश्रमिकोंकोकार्यकरतेदेखाजासकताहै।तमामछोटे-छोटेमासूमबच्चेऐसेहोटलोंमेंबर्तनधोतेनजरआएंगेजिनकीउम्रपढ़ने-लिखनेवखेलने-कूदनेकीहोतीहै।इन्हेंदेखकरहरकिसीमां-बांपकेआंखोंमेंआंसूआनास्वाभाविकहै।इसतरहकेबदतरकाजीवन-यापनकरनेवालेबालश्रमिकोंपरप्रदेशसरकारपूरीतरहगंभीरहै।अबबेसहारावअनाथोंकेलिएसरकारसहाराबनेगी।इसकेलिएश्रमविभागमेंपहलीबार'बालश्रमिकविद्यायोजना'लागूकीगईहै।इसयोजनासेबालश्रमिकआत्मनिर्भरतोबनेंगेहीसाथहीसाथशिक्षितबनकरदेशकेउज्ज्वलभविष्यकारास्तातयकरेंगे।इसकेलिएजनपदमें100बालक-बालिकाओंकालक्ष्यनिर्धारितकियागयाहै।इसयोजनाकेलिएछहवर्षसेलेकर18वर्षकेबालक-बालिकाओंकोशामिलकियागयाहै,ताकिपैसेकेअभावमेंयहअपनीपढ़ाई-लिखाईनछोड़सकें।इनकाभविष्यउज्ज्वलहोऔरदेशप्रगतिकेमार्गपरप्रशस्तहोसके।ऐसेमेंइसतरहकेबालकोंको1000रुपयेप्रतिमाहतथाबालिकाओंको1200रुपयेप्रतिमाहआर्थिकसहायताप्रदानकीजाएगी।यहीनहीं08,09व10वींमेंपढ़रहेबालकोंकोछहहजारवबालिकाओंकोआठहजाररुपयेप्रदानकीजाएगी।इसकेलिएश्रमविभागकीतरफसेखाकातैयारकियाजारहाहै।इसतरहकेबच्चोंकोचिह्नितकरनेकीप्रक्रियाशुरूकरदीगईहै।

यहलोगहोंगेइसयोजनाकेपात्र...

-जिनबच्चोंकेमाता-पितानहींहै,अर्थातअनाथहैं

-जिनबच्चोंकेमाता-पितामेंकोईएकजीवितहोलेकिनकार्यकरनेमेंअक्षमहो।

-परिवारपूरीतरहसेभूमिहीनहो।

-माता-पितादोनोंशारीरिकरूपसेपूरीतरहदिव्यांगहों।

-गरीबीरेखासेनीचेजीवनयापनकरतेहों।यहहोंगीयोजनाकेलिएपात्रताकीशर्तें..

-आवेदकउत्तरप्रदेशकास्थायीनिवासीहोनाचाहिए।

-आवेदककोआयु8से18वर्षहोनीचाहिए

-आवेदककाआधारकार्डहोनाचाहिए।

-पहचानपत्रकेरूपमेंनिवासप्रमाणपत्रहोनाचाहिए।

सरकारकीयहमहत्वपूर्णयोजनाहै।इसयोजनाकेपात्रलाभार्थीकिसीभीकार्यदिवसपरमोबाइलनंबर,दोपासपोर्टसाइजफोटोकेसाथकलेक्ट्रेटस्थितश्रमविभागकेकार्यालयपरसंपर्ककरसकतेहैं।इसकेबादइनकीसूचीबनाकरऑनलाइनसूचीशासनकोभेजीजाएगी।सारीप्रक्रियापूरीकरनेकेबादइनकेखातेमेंधनराशिभेजीजाएगी।

-धीरजसिंह,जिलाश्रमप्रवर्तनअधिकारी।