असलहा संस्कृति नहीं, स्वच्छ राजनीति की जरूरत

गोंडा:विचार,विकासकेसाथ-साथस्वच्छराजनीतिकीआजजरूरतहै।राजनीतिमेंअसलहासंस्कृतिकोखत्मकरनेकेसाथ-साथबचेखुचेनिचलेस्तरपरभ्रष्टाचारकोभीसमाप्तकरनेकीआवश्यकताहै।यहबातेंसोमवारको¨सचाईडाकबंगलेमेंपत्रकारोंसेमुखातिबभाजपाप्रदेशकार्यकारिणीसदस्यवनीतिविषयकएवंशोधविभागकेप्रदेशसंयोजकडॉ.पुष्करमिश्रनेकहीं।वहपत्रकारोंसेमुखातिबथे।उन्होंनेपहलेआतंकीहमलेमेंशहीदजवानोंकोदोमिनटकामौनरखकरश्रद्धांजलिदी।केंद्रवप्रदेशसरकारकीउपलब्धियोंकोगिनातेहुएउन्होंनेकहाकिबीतेपांचवर्षोंमेंऊपरीस्तरपरभ्रष्टाचारकमहुआहै।2014केपहलेभ्रष्टाचारकेआरोपकेंद्रसरकारपरलगतेरहेहैं।प्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीवमुख्यमंत्रीयोगीआदित्यनाथकेप्रयाससेभ्रष्टाचारमेंकमीआईहै।कुछअभीनिचलेस्तरपरबाकीहै।उसेभीदूरकरनेकीजरूरतहै।उन्होंनेकहाकिवहस्वच्छराजनीतिकासंकल्पलेकरआगेबढ़रहेहैं।जिलेकेविकासकेसाथ-साथयुवाओंकीबेरोजगारीदूरकरने,लोगोंमेंव्याप्तभयकोमिटाने,जिलेमेंउद्योगोंकोलाना,जिससेयुवाबेरोजगारोंकापलायननहोसके।साथहीपूरेजिलेकोसमृद्धशालीबनानाहीउनकाउद्देश्यहै।एकसवालकाजवाबदेतेहुएउन्होंनेकहाकियदिभाजपानेतृत्वउन्हेंगोंडासेलोकसभाचुनावलड़नेकानिर्देशदेगीतोवहतैयारहैं।कहाकिलोकसभाप्रत्याशीबननाकिसीकाबपंशनहींहै।वहपार्टीनेतृत्वपरनिर्भरहोताहै।