अशुभ प्रभाव अपने ऊपर लेकर गोमाता अपने सेवकों को अभयदान देती है : स्वामी नित्यानंद

संवादसूत्र,नाथूसरीचौपटा:गांवदड़बाकलांस्थितश्रीकृष्णप्राणामीगोशालामेंरविवारकोसातदिवसीयश्रीमद्भागवतकथाशुरूहुई।कथासेपूर्वगांवकेशिवमंदिरसेगोशालातकमहिलाओंनेमंगलगीतगातेहुएकलशयात्रानिकालीगई।जिसमेंगांवकीमहिलाओंनेबढ़-चढ़करभागलिया।कथाकेप्रथमदिनमुख्यातिथिहेल्थएंडसेफ्टीइंडस्ट्रीगुरुग्रामकेनिदेशकडा.दिलावर¨सहदेशवाल,जींदथानाकेप्रभारीताराचंदशर्मा,चिकित्सकअमर¨सहखलैरीनेशिरक्तकी।कथामेंप्रथमदिनप्रवचनकरतेहुएस्वामीसदाशिवनित्यानंदगिरीमहाराजनेकहाकिगायपृथ्वीपरजीवोंकेपरममंगलकेलिएश्रीहरिकीअनुपमदेनहै।जिसघरमेंगायकीसेवाहोतीहैउसपरिवारकेकलह-कलेशवसभीप्रकारकेवास्तुदोषदूरहोजातेहै।ग्रह-नक्षत्रादिकाअशुभप्रभावअपनेऊपरलेकरगोमाताअपनेसेवकोंकोअभयदानदेतीहै।उन्होंनेकहाकिधर्मग्रंथोंमेंभीकहागयाहैगावोंविश्वस्थमातरयानिगायविश्वकीमाताहै।परंतुअफसोसआजहमारीमांकोअनेकोंदुर्दशाओंकासामनाकरनापड़रहाहै।उन्होंनेकहाकिगायसेवाकरनेसेजोफलमिलताहै।वहकिसीभीसेवासेनहींमिलसकताहै।उन्होंनेकहाकियुवावर्गनशेसेदूररहकरगोसेवाकीतरफध्यानलगाए।इससेपहलेगोशालामेंकथाशुभांरभसेपहलेगायपूजाकीगई।गोशालाकीप्रधानसूच्चीदेवीनेसभीकाआभारव्यक्तकिया।इसअवसरपरकार्यक्रमप्रभारीरमेशबंसल,मास्टरधनराज,मास्टरलख्मीचंद,नंदलालयादव,ओमप्रकाशगोयल,तोतारामतरड़,किशनलालयादव,भानूयादव,अर¨वदगोदारा,बलवंतबैनीवालवअन्यगोभक्तमौजूदथे।