अर्थव्यवस्था चर्चा तीन रास

कांग्रेसकेदिग्विजयसिंहनेकहाकिदेशकीअर्थव्यवस्थाबिगड़चुकीहैऔरइसेसुधारनेकाउपायसरकारकोसूझनहींरहाहै।उन्होंनेकहाकिइसगंभीरस्थितिकेलिएप्रधानमंत्रीजिम्मेदारहैंजोपहलपहलेकरबैठतेहैंऔरसोचतेबादमेंहैं।उन्होंनेकहाकिकिसीभीदेशमें‘मल्टीस्लैबजीएसटी’सफलनहींरहाहैऔरइसीकारणसेजीएसटीपारितकरनेकेबादसरकारको50दिनोंमेंकरीब55संशोधनोंकोलानापड़ाजबकिगुजरातकेमुख्यमंत्रीरहतेहुएमोदीइसकेपक्षमेंनहींथे।उन्होंनेकहाकिदेशकेपहलेप्रधानमंत्रीजवाहरलालनेहरुनेसार्वजनिकउपक्रमोंकोआधुनिकभारतकामंदिरबतायाथाऔरमौजूदासरकारउन्हेंबेचनेकीतैयारीकररहीहै।भाजपाकेसुरेशप्रभुनेकहाकिसंप्रगसरकारकेप्रथमकार्यकालकेपांचवर्षोमेंआर्थिकविकासदरनिरंतरलगभग7.5प्रतिशतकेआसपासबनीरहीऔरआर्थिकसुस्तीकेमौजूदादौरसेअमेरिकाऔरचीनजैसीअर्थव्यवस्थाभीअछूतीनहींहै।उन्होंनेकहाकिआजभारतवैश्विकअर्थव्यवस्थासेगहराईसेजुड़चुकाहै,ऐसेमेंइसकेसामनेभीसमस्यायेंआरहीहैंजिन्हेंधैयपूर्वकउपयुक्तउपायोंकेजरियेनिपटाजासकताहै।उन्होंनेकहाकिसरकारकेउपायोंकीवजहसेदेशमेंव्यवसायकरनाआसानहुआहैऔरविदेशीमुद्राभंडारअपनेसर्वकालिकउच्चस्तरपरहै।माकपाकेकेकेरागेशनेकहाकिदेशमेंबेरोजगारीकीस्थितिकाफीगंभीरहोरहीहैजबकिसरकारनेहरवर्षदोकरोड़लोगोंकोरोजगारदेनेकावादाकियाथा।उन्होंनेकहाकिसरकारनेकिसानोंकीआयदोगुनीकरनेकीबातकीथीलेकिनकिसानआत्महत्याकररहेहैं।निर्दलीयरीताव्रतबनर्जीनेकहाकिसरकारीआंकड़ोंमेंमांगमेंकमीआनेऔरबेरोजगारीदरबढ़नेकीबातसामनेआरहीहैलेकिनसरकारआंकड़ोंकोसामनेनहींलारहीहै।उन्होंनेकहाकिसरकारमांगबढ़ानेकेबजायलाभमेंचलनेवालेपीएसयूकोनिजीहाथोंमेंबेचनेकाप्रयासकररहीहै।बसपाकेसतीशचन्द्रमिश्रानेकहाकिईस्टइंडियाकंपनीकीतरहहीअबकुछकंपनियांदेशकेलाभमेंचलनेवालेपीएसयूपरकाबिजहोनेकीतैयारीमेंहैं।उन्होंनेकहाकिसरकारकाइनपीएसयूकोबेचनेकेकदमकाकोईऔचित्यनहींहैजहांभारीसंख्यामेंरोजगारसृजनहोताथाऔरदेशकेअनुसूचितजातिएवंजनजातिकेलोगोंकोआरक्षणमिलताथा।उन्होंनेकहाकिदेशमेंबैंकोंकीस्थितिबिगड़रहीहैजिनकाएनपीएलगातारबढ़रहाहैऔरअबबैंकोंकाविलयकरनेजैसेकदमलाभमेंचलनेवालेबैंकोंकीस्थितिकोभीबिगाड़देंगे।आमआदमीपार्टीकेसंजयसिंहनेकहाकिदेशमेंआर्थिकमंदीकेदोप्रमुखकारणनोटबंदीऔरजीएसटीलागूकरनाहै।उन्होंनेकहाकिजीएसटीकोआज‘एकराष्ट्र,अनेकोंकर’मेंतब्दीलकरदियागयाहैतथाइसकेतहतराज्योंकोदीजानेवालीमुआवजाराशिमेंदोदोमहीनेकीदेरकीजारहीहै।उन्होंनेकहाकिदेशमेंमौजूदासमयमेंबेरोजगारी45वर्षोंकेउच्चतमस्तरपरहैऔरसरकारलाभमेंचलनेवालेसार्वजनिकउपक्रमोंकोबेचनेकीफिराकमेंलगीहै।उन्होंनेकहाकिबैंकोंकीस्थितिभीगंभीरहोरहीहैजहांएनपीएकास्तर10लाखकरोड़कीऊंचाईपरपहुंचगयाहै।राकांपाकेमाजिदमेनननेकहाकिमौजूदासमयमेंमांगनदारदहैऔरआटोमोबाइलक्षेत्रगंभीरसंकटसेगुजररहाहैजहां10लाखलोगइससेप्रभावितहुएहैं।राजदकेमनोजकुमारझानेकहाकिसकलघरेलूउत्पादविकासदरकाफीकमहुईहैऔरबैंकोंकाएनपीएबढ़ाहै।उन्होंनेकहाकिकृषिऔरअसंगठितक्षेत्रकेकामगारोंकीस्थितिगंभीरहैऔरउनमेंसेकईआत्महत्याकररहेहैं।जारी